उन्होंने कहा- मैं मर जाऊँ तो मेरी एक अलग पहचान लिख देना, लहू से मेरी पेशानी पे हिन्दुस्तान लिख देना। वे बोले- उठा शमशीर, दिखा अपना हुनर, क्या लेगा, ये रही जान, ये गर्दन है, ये सर, क्या लेगा...एक ही शेर उड़ा देगा परखच्चे तेरे, तू समझता है ये शायर है, कर क्या लेगा।
कन्हैया के काफिले पर यह हमला उस वक्त हुआ, जब वो कटिहार के राजेंद्र स्टेडियम में सभा करने के बाद भागलपुर जा रहे थे। शहीद चौक के पास लोगों ने कन्हैया कुमार के विरोध में पोस्टर दिखाए और फिर आगे बढ़ने पर काफिल पर जूते-चप्पल फेंके गए।
कोलकाता में CAA के समर्थन में बीजेपी द्वारा कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय के नेतृत्व में रैली निकाली जा रही थी। लेकिन राज्य की ममता बनर्जी सरकार की पुलिस ने रैली को रुकवाया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
गाँधी की हत्या की पेंटिंग अपने बजट दस्तावेज पर छापने के कारण केरल सरकार विवादों के केंद्र में है। कॉन्ग्रेस और IUML भी इस मामले में वामपंथी सरकार को आड़े हाथों ले रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कासिम अल-रिमी को ढेर किए जाने का दावा किया है। कासिम अल-रिमी को अलकायदा ने अरब देशों में आतंक की कमान संभालने की जिम्मेदारी दे रखी थी। उसे आतंकी सरगना अयमान-अल जवाहिरी के बाद अलकायदा में दूसरे नंबर पर माना जाता था।
उसने कहा कि सरकार ने एनआरसी न लाने की बात कही है, इसे लोगों को अपनी जीत समझना चाहिए। दारुल उलूम देवबंद के ठंडे पड़े तेवर को शाहीन बाग़ प्रदर्शन पर लगे कई आरोपों से जोड़ कर देखा जा रहा है। क्या विदेशी फंडिंग की पोल खुलने से दारुल उलूम डर गया है?
पीएम ने ऐतिहासिक बोडोलैंड समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही लोकतंत्र को स्वीकार किया है, भारत के संविधान को स्वीकार किया है। इससे 50 साल पुरानी समस्या का समाधान हुआ। बोडोलैंड क्षेत्र को 1500 करोड़ का पॅकेज भी मिलेगा।
सिंध हाईकोर्ट ने हुमा के जबरन मजहबी धर्मान्तरण और निकाह को अवैध ठहराने से मना कर दिया। क्योंकि ये दोनों ही इस्लामिक क़ानून के तहत जायज हैं। जजों ने शरिया क़ानून का हवाला देकर लड़की के साथ हुई क्रूरता को सही ठहरा दिया क्योंकि उसके पीरियड्स आ चुके थे। लड़की के माँ-बाप कोर्ट में ही रोने लगे।
कॉन्ग्रेस के एक सांसद हंगामा करते हुए सत्तापक्ष की अग्रिम पंक्ति तक पहुँच गए और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को घेर लिया। सांसद मणिकम टैगोर आक्रामक ढंग से डॉ हर्षवर्धन के बहुत नजदीक आ गए। जिसके बाद लोकसभा में हाथापाई की नौबत तक आ गई।