आम आदमी पार्टी के नारे 'अच्छे बीते 5 साल, लगे रहो केजरीवाल' को अलका लाम्बा ने मजाक करार दिया। लाम्बा ने कहा कि बीते 5 साल लड़ाई-झगडे और कोर्ट-कचहरी में नज़र आने वाले केजरीवाल को अब बस भी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार तो जामा मस्जिद के पास भूमाफियाओं से ज़मीन भी खाली नहीं करा पाई।
तपन बोस ने भारतीय सेना को लेकर कहा कि पाकिस्तान कोई दुश्मन देश नहीं है। शासक वर्ग चाहे भारत का हो या पाकिस्तान का, एक जैसा है। हमारी सेना भी पाकिस्तानी सेना जैसी है। पाकिस्तानी सेना भी अपने ही लोगों को मारती है और हमारी सेना भी। दोनों में कोई अंतर नहीं है।
....रवीश जी ने कहा था टीवी मत देख, हम नहीं माने। लेकिन अब तो मानो, सरकार हमें दफन करना चाहती है, मारना चाहती है। सरकार के पास पैसा, पुलिस, फ़ौज और अदालतें भी हैं। हमारे पास कुछ भी नहीं है, ना सरकार, ना फ़ौज, ना पुलिस।
अनुभा ने कहा कि जब कुणाल कामरा मोटा हुआ करता था और किसी ने उसके बारे में नहीं सुना था, तब वो ऐसे जोक्स मारा करता था जिसपर किसी को हँसी नहीं आती थी। यही वो समय था जब वो फर्जी ट्विटर अकाउंट्स के जरिए महिला कॉमेडियनों को प्रताड़ित किया करता था।
"यह (प्रशांत किशोर) आदमी भरोसेमंद नहीं है। वह मोदी जी और नीतीश जी का भरोसा नहीं जीत सके। वह AAP के लिए काम करते हैं, राहुल गाँधी से बात करते हैं, ममता दीदी के साथ बैठते हैं। कौन उन पर भरोसा करेगा?"
'होली सेक्रामेंट' ईसाई धर्म की एक ऐसी प्रथा है, जिसमें गिरजाघरों में रोटी और शराब बाँटकर यीशु मसीह के 'लास्ट सपर' को स्मरण किया जाता है। लेकिन चर्च में पादरी हर सहभागी के मुँह में एक ही प्याली और चम्मच से शराब परोसते हैं। इसके कारण लार से होने वाली बीमारियाँ...
"मैं प्रशासन को चेतावनी देता हूँ। मच्छीपुरा से आने वाली गाड़ियों पर पथराव किया गया है। याद रखना, कुचल के फेंक देंगे। ग़लतफ़हमी में मत रहना। ये चड्डा-चड्डी वालों को, गोली मारो सालों को। बाहर निकालो सालों को।"
कई लोग मानते हैं कि 8वीं या 9वीं शताब्दी में माँ सरस्वती को जापान में बेंजाइटन के रूप में पूजा जाने लगा। लेकिन, पाँचवीं-छठी शताब्दी में लिखी गई बौद्ध पुस्तकों में बेंजाइटन का जिक्र है। उनकी प्रतिमाएँ सफ़ेद होती हैं और उनके हाथ में वीणा होता है।
44 साल की मायावती को साँस लेने में तकलीफ हो रही थी। तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई तो उनके पति ने एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस शाहीन बाग में प्रदर्शन के कारण फंसी रही। इस बीच मायावती की हाल बिगड़ती ही गई।