प्रत्येक सुबह वामदेव अपने शिष्य को एक हस्तलिखित पर्ची देते थे। उस पर्ची को रोज़ अलग-अलग संतों के पास लेकर जाना होता था। उसमें अमित शाह के लिए सिफ़ारिश होती थी। इस तरह अमित शाह रोज़ किसी न किसी नए संत के साथ समय व्यतीत करते थे, भंडारे में खाते और दक्षिणा इकट्ठा किया करते थे।
चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।