आज के युग में क्यों प्रासंगिक हैं अहिल्याबाई होल्कर? आज जब राजनीति, प्रशासन और धर्म - तीनों में नैतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, तब अहिल्याबाई जैसी विभूतियाँ प्रेरणा देती हैं कि ईमानदारी, त्याग और सेवा भाव से भी शासन चलाया जा सकता है।
मोहम्मद कासिम भी ज्योति मल्होत्रा से जुड़े पाकिस्तानी एंबेसी में तैनात ISI एजेंट एहसान-उर-रहमान उर्फ दानिश के संपर्क में था। वो दानिश को सेना से जुड़ी जानकारियाँ देता था।