अवामी लीग ने बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद पहला प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। युनूस सरकार ने उसे भी रुकवाने के लिए बड़ी तादाद में सेना तैनात कर दी।
एक तरफ उलेमा बोर्ड ने अपना समर्थन देने के लिए ये सारी शर्तें रखी हैं तो दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि एनसीपी नेता शरद पवार ने इन सभी स्थितियों पर संज्ञान लिया है।
उन्होंने जबरन नमाज पढ़ाने की बात, गोमांस खिलाने की बात, नाम बदलने की बात सब पॉडकॉस्ट में स्वीकारी थी मगर बाद में एक पोस्ट किया कि वो लव जिहाद जैसी चीजों में मानती ही नहीं।