Friday, January 22, 2021
Home फ़ैक्ट चेक कॉन्ग्रेस का बड़ा झूठ – गृह मंत्रालय आम जनता के कंप्यूटरों से उनकी जासूसी...

कॉन्ग्रेस का बड़ा झूठ – गृह मंत्रालय आम जनता के कंप्यूटरों से उनकी जासूसी करती है

क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यह आदेश पूरी तरह से संवैधानिक है, और कहा कि यह आम जनता पर जासूसी की अनुमति नहीं देता

20 दिसंबर 2018 को, भारत सरकार ने भारत के राजपत्र ( Gazatte of India) में एक अधिसूचना जारी की थी, जो विभिन्न जाँच एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर डिवाइस पर स्नूप यानि जासूसी करने की शक्तियाँ प्रदान करने वाली लगती थी।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत किसी भी कंप्यूटर संसाधन में उत्पन्न, प्रेषित, प्राप्त या संग्रहीत किसी भी सूचना को इंटरसेप्ट करने, मॉनिटर करने और डिक्रिप्ट करने के लिए दस सूचीबद्ध सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों को अधिकार प्रदान करता है।

ज़ाहिर सी बात है कि यह मुद्दा सोशल मीडिया और यहाँ तक कि संसद में बड़े पैमाने पर नाराज़गी का कारण बना। सीधे तौर पर इसे मोदी सरकार द्वारा नागरिकों की निजता का उल्लंघन करार दिया गया।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस को, किसी भी फोन को टेप करने और किसी भी कंप्यूटर संचार को बाधित करने के लिए व्यापक शक्ति दी गई। उन्होंने कहा कि इस आदेश से भारत को पुलिस राज्य में बदल दिया जाएगा।

यदि हम गृह मंत्रालय के आदेश को ध्यान से देखें, तो हम यह जान पाएंगे कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है। सरकार ने कोई नया आदेश जारी नहीं किया है, बल्कि उन्होंने एक आदेश को दोहराया था जो पहले से ही क़ानून की किताबों में मौजूद था।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के सेक्शन 69 की सब-सेक्शन (1) और सूचना प्रौद्योगिकी (प्रक्रिया और सुरक्षा, अवरोधन, निगरानी और सूचना के डिक्रिप्शन) के नियम, 2009 के तहत जारी किया गया।

यह नोट करने वाली महत्वपूर्ण बात है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 संसद में किसी भी चर्चा या विरोध के बिना पारित किया गया था। नीचे दी गई इमेज पर अगर आप क्लिक करेंगे तो आपको उक्त अधिनियम के सेक्शन 69 के बारे में जान सकेंगे:

सेक्शन 69 के सब-सेक्शन (1) इस बात को स्पष्ट करती है कि अधिकारियों को किसी भी कंप्यूटर डिवाइस के माध्यम से प्रेषित किसी भी सूचना को केवल देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए ख़तरा, क़ानून और व्यवस्था के लिए ख़तरा और किसी भी संज्ञेय अपराध के लिए ख़तरा होने की अनुमति दी जाएगी। यह सभी नागरिकों पर सामान्य जासूसी नहीं है, जिसपर कॉन्ग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियों ने बेवजह के आरोप लगाए।

राज्यसभा में बोलते हुए, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यह भी कहा था कि यह शक्ति केवल विशेष मामलों के लिए दी गई है, जो आईटी अधिनियम में उल्लेखित है। यह भी नोट करने वाली बात है कि यह आदेश आईटी एक्ट के तहत जाँच एजेंसियों की शक्तियों को स्पष्ट करता है, यह अधिनियम में संशोधन नहीं करता। इसका अर्थ यह है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के सेक्शन 69 (1) के प्रावधान लागू रहेंगे।

अब यदि हम तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा जारी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2009 देखें, जिसे गृह मंत्रालय के आदेश में भी उल्लेख किया गया, तो हम समझ सकेंगे कि वर्तमान आदेश में कोई नई बात नहीं है। आदेश में प्रावधान पिछले एक दशक से पहले से मौजूद है। सेक्शन 4 (1) का नियम के अनुसार:

(1) सक्षम अधिकारी किसी भी कंप्यूटर संसाधन में उत्पन्न, प्रसारित, प्राप्त या संग्रहीत ट्रैफ़िक डेटा या सूचना की निग़रानी और संग्रह के लिए सरकार की किसी भी एजेंसी को अधिकृत कर सकता है।

आपको बता दें कि आदेश में उल्लेखित 10 एजेंसियाँ ​​सामान्य एजेंसियाँ ​​हैं जो देश में जाँच करती हैं। अब सरकार ने यह निर्दिष्ट करके नियम को स्पष्ट कर दिया है कि कौन-सी एजेंसियाँ ​​राष्ट्रीय सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था के लिए ख़तरों की विशिष्ट घटनाओं पर कंप्यूटर आधारित संचार को बाधित कर सकती है।

मीडिया से बातचीत के दौरान, क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यह आदेश पूरी तरह से संवैधानिक है, और कहा कि यह आम जनता पर जासूसी की अनुमति नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि आईटी एक्ट के प्रावधानों के तहत, किसी भी अवरोधन के पूरा होने से पहले गृह सचिव से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जैसा कि आदेश में दस एजेंसियों का उल्लेख किया गया है, अन्य एजेंसियाँ ​​अब कंप्यूटर-आधारित संचार को बाधित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं, जब तक कि वे मामले के आधार पर ऐसा करने के लिए अधिकृत न हों।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।
- विज्ञापन -

 

भाजपा दाढ़ी, टोपी, बुर्का बैन कर देगी: ‘सांप्रदायिक BJP’ को हराने के लिए कॉन्ग्रेस-लेफ्ट से हाथ मिलाने वाली AIDUF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का जहरीला...

बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "भाजपा दुश्मन है, देश की दुश्मन.. मस्जिदों की दुश्मन, दाढ़ी की दुश्मन, तलाक की दुश्मन, बाबरी मस्जिद की दुश्मन।"

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

कर्नाटक: शिवमोगा में विस्फोटक ले जा रही लॉरी में धमाका, 8 लोगों की मौत

कर्नाटक के शिवमोगा में बृहस्पतिवार रात एक रेलवे क्रशर साइट पर हुए डायनामाइट विस्फोट में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है।

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर योगी सरकार ने बुल्डोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

‘कोवीशील्ड’ बनाने वाली कंपनी के दूसरे हिस्से में भी आग, जलकर मरे लोगों को सीरम देगी ₹25 लाख

कोवीशील्ड बनाने वाली सीरम के पुणे प्लांट में दोबारा आग लगने की खबर है। दोपहर में हुई दुर्घटना में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

तांडव के डायरेक्टर-राइटर के घर पर ताला, प्रोड्यूसर ने ऑफिस छोड़ा: UP पुलिस ने चिपकाया नोटिस

लखनऊ में दर्ज शिकायत को लेकर यूपी पुलिस की टीम मुंबई में तांडव के डायरेक्टर और लेखक के घर तथा प्रोड्यूसर के दफ्तर पहुॅंची।

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe