गुजरात के राजकोट में हाल ही में हुई एक आत्महत्या की घटना को आधार बनाकर कॉन्ग्रेस ने गुजरात और केंद्र सरकार को निशाना बनाने की कोशिश की है। दो दिन पहले एक नेपाली युवक ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके आधार पर ‘आज तक’ ने अधूरी जानकारी के साथ रिपोर्ट प्रकाशित की और उसके आधार पर कॉन्ग्रेस ने यह दिखाने की कोशिश की कि गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट बंद हो गए, जिससे युवक को काम नहीं मिला और तनाव में आकर उसने आत्महत्या कर ली।
हालाँकि जब ऑपइंडिया ने मौके पर जाकर जाँच की और होटल मालिक के साथ-साथ पुलिस से बात की, तो पूरी तरह से अलग सच्चाई सामने आई। शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को किए गए एक ट्वीट में कॉन्ग्रेस ने ‘आज तक’ की एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “जगदीश रामदूतप्रसाद जोशी जी गुजरात में रसोइए के तौर पर काम करते थे। गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट बंद हो गया और वे बेरोजगार हो गए। बहुत कोशिश की, लेकिन कोई काम न मिला।”

आगे लिखा, “इस आर्थिक तंगी ने उन्हें तोड़ दिया और आखिरकार परेशान होकर वे ट्रक के आगे कूद गए और अपनी जान दे दी। लेकिन नरेंद्र मोदी को क्या- उनके लिए तो ‘सब चंगा सी’ है। आज तक की जिस रिपोर्ट को कॉन्ग्रेस ने शेयर किया, उसकी हेडलाइन थी, ‘गुजरात: गैस किल्लत के चलते बंद हुए कई रेस्टोरेंट, नहीं मिला काम तो नेपाली शेफ ने दी जान।’
रिपोर्ट में आज तक ने दावा किया कि नेपाल का रहने वाला युवक जगदीश वडोदरा से राजकोट आया था और शहर में करीब पाँच दिन तक अलग-अलग रेस्टोरेंट में काम के लिए कोशिश करता रहा, लेकिन गैस की कमी के कारण कई रेस्टोरेंट बंद थे और कुछ मुश्किल से चल रहे थे। इसी वजह से उसे काम नहीं मिला और मंदी के चलते उसे नौकरी नहीं मिल सकी।
आगे युवक के एक दोस्त के हवाले से लिखा गया कि आर्थिक परेशानी के कारण जगदीश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और सड़क पार करते समय उसने अचानक ट्रक के नीचे कूदकर अपनी जान दे दी।
क्या थी घटना?
यह घटना 1 अप्रैल 2026 को दोपहर के समय राजकोट-मोरबी हाईवे पर हडाला गाँव के पास हुई थी। नेपाली युवक ने ट्रक के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। ट्रक चालक ने वाहन को काबू करने की कोशिश की, लेकिन युवक के अचानक कूदने के कारण ट्रक उसके ऊपर चढ़ गई। इस घटना के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं।
घटना के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू की। अस्पताल में युवक ने यह भी कहा था कि इसमें ट्रक चालक या किसी और की कोई गलती नहीं है और उसने जानबूझकर यह कदम उठाया, ताकि किसी के खिलाफ मामला दर्ज न हो।
होटल मालिक ने क्या बताया?
इस मामले में होटल मालिक से संपर्क किया गया। महबूबभाई नाम के होटल मालिक ने बताया कि युवक उनके पास काम माँगने आया था और उन्होंने उसे काम देने की बात भी कही थी। दरअसल होटल करीब 15 दिन पहले ही शुरू हुआ था और उन्हें कर्मचारियों की जरूरत थी।
होटल मालिक के अनुसार, युवक करीब तीन दिन तक उनके यहाँ रहा, लेकिन वह खुद तय नहीं कर पा रहा था कि इस गाँव के इलाके में काम करे या नहीं। आखिरकार वह मानसिक तनाव में आकर यह कदम उठा बैठा। मालिक का कहना है कि युवक शुरू से ही मानसिक तनाव में लग रहा था और मानसिक रूप से भी ठीक नहीं था।
इसके अलावा उसकी अपनी पत्नी से भी किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। होटल मालिक ने यह भी साफ किया कि न तो गैस की कोई बड़ी कमी है और न ही उसके कारण रेस्टोरेंट बंद हुए हैं। होटल अभी भी नियमित रूप से चल रहा है। उन्होंने बताया कि थोड़ी बहुत दिक्कत होती है, लेकिन एजेंसियों से गैस की सप्लाई मिलती रहती है और फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं है।
पुलिस ने क्या कहा?
इस मामले में कुवाडवा पुलिस से संपर्क किया गया, जहाँ पुलिस ने भी होटल मालिक की बातों की पुष्टि की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक को होटल में काम देने की बात कही गई थी, लेकिन वह खुद निर्णय नहीं ले पा रहा था और मानसिक रूप से परेशान था।
पुलिस ने यह भी साफ किया कि गैस की कमी या उसके कारण रेस्टोरेंट बंद होने जैसी बात सही नहीं है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे जाँच कर रही है।
(यह रिपोर्ट मूल रुप से गुजराती में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)


