Monday, April 6, 2020
होम फ़ैक्ट चेक फैक्ट चेक: क्या जाँच एजेंसियों के इनपुट होने के बावजूद पुलवामा सुरक्षा में कोताही...

फैक्ट चेक: क्या जाँच एजेंसियों के इनपुट होने के बावजूद पुलवामा सुरक्षा में कोताही बरती गई?

देश की जाँच एजेंसी ने जो इनपुट दिया, उसके आधार पर सीआरपीएफ द्वारा रूट को अच्छे से जाँच लिया गया था। यही नहीं आतंकी द्वारा किए जाने वाले किसी भी तरह के अटैक की संभावना की बारीकी से जाँच की गई थी।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कायरतापूर्ण आंतकी हमले में देश की सुरक्षा में लगे 40 से अधिक जवान शहीद हो गए। 40 से अधिक जवानों के शहीद होने के बाद जब देश दु:ख की घड़ी में है। जब इस विषम परिस्थिति में शहीद परिवारों के साथ खड़े होने की जरूरत है। जब एक स्वर में आतंक के ख़िलाफ़ पूरे विश्व को एक संकेत देने की जरूरत है। ऐसे समय में कुछ लोग अपने ओछे ज्ञान के हवाले से आरोप-प्रत्यारोप करने और सरकार को कोसने में लगे हैं।

ऐसे समय में अटल बिहारी द्वारा संसद में कही गई वो पंक्ति याद की जानी चाहिए कि – सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएँगी और जाएँगी, पार्टियाँ बनेंगी और बिगड़ेंगी, मगर यह देश रहना चाहिए और देश का लोकतंत्र रहना चाहिए।

दरअसल, इस दर्दनाक घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर एक पर्ची फैलाकर यह कहने की कोशिश की जा रही है कि सरकार को इस घटना के बारे में इनपुट पहले ही दी गई थी। सरकार को घटना के बारे में पहले ही सतर्क किया गया था, लेकिन रक्षा मंत्रालय और सेना के उच्चाधिकारियों द्वारा इस मामले में ध्यान नहीं दिया गया। इसके फलस्वरुप आतंकी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इस पर्ची को सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर भेजने वाले लोगों को सबसे पहले तो यह सोचना चाहिए कि क्या सरकार या सेना पर आरोप लगाने का यह सही समय है? क्या वो जानते हैं कि इनपुट होने के बावजूद सुरक्षा बलों ने सतर्कता नहीं बरती है? क्या ऐसी पर्ची सोशल मीडिया पर भेजने वालों ने सुरक्षा में लगे इन जवानों के पक्ष को जाना है? सोशल मीडिया पर यह पर्ची सर्कुलेट कर रहे लोगों के पास शायद इन सवालों के जवाब नहीं है। इन लोगों के पास यदि इस सवाल का जवाब होता तो शायद दु:ख की इस घड़ी में वो छिंटाकशी नहीं कर रहे होते।

यह बात सही है कि देश की सुरक्षा में लगे जाँच एजेंसियों के लोग दिन-रात काम कर रहे हैं। देश की सेवा में लगे जाँच एजेंसियों को आतंकी हमले के बारे में जैसे ही संदेह हुआ, उन्होंने देश की सुरक्षा में लगे CRPF, BSF, ITBP, CISF आदि को सतर्क करते हुए प्लाटून के आवागमन के दौरान सतर्क बरतने की सलाह दी थी।

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद CRPF या रक्षा मंत्रालय द्वारा इस मामले में सतर्कता नहीं बरती गई है। सुरक्षा बल के जवानों को रवाना करने से पहले हाइवे की जाँच की गई थी।

सीआरपीएफ के इंसपेक्टर जनरल (ऑपरेशन) जुल्फीकार हसन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले दिनों आतंकी द्वारा आईडी ब्लास्ट किए जाने की संभावना जाहिर की थी। यही वजह है कि 78 गाड़ियों पर लगभग 2500 सीआरपीएफ के जवानों को भेजने से पहले हाइवे पर आईडी ब्लास्ट किए जाने की हर पहलु को सही से जाँच लिया गाया था। आतंकी को आईडी ब्लास्ट करने का कोई लूप-होल नहीं मिला, जिसके बाद स्कार्पियो की मदद से हमले को अंजाम दिया।

इसी तस्वीर के आधार पर सुरक्षा एजेंसी और सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है

सीआरपीएफ के इंसपेक्टर जनरल (ऑपरेशन) जुल्फीकार हसन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले दिनों आतंकी द्वारा आईडी ब्लास्ट किए जाने की संभावना जाहिर की थी। यही वजह है कि 78 गाड़ियों पर लगभग 2500 सीआरपीएफ के जवानों को भेजने से पहले हाइवे पर आईडी ब्लास्ट किए जाने की हर पहलू को सही से जाँच लिया गया था। आतंकी को आईडी ब्लास्ट करने का कोई सही तरीका नहीं मिला, जिसके बाद स्कार्पियो की मदद से हमले को अंजाम दिया।

इसके अलावा अधिकारी ने कहा कि आतंकी द्वारा काफिले पर गोलीबारी किए जाने या फिर ग्रेनेड हमला करने की भी कोई संभवाना नहीं थी।

सीआरपीएफ इंस्पेक्टर हसन की मानें तो आमलोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाइवे को वनवे आवाजाही के लिए खुला छोड़ा गया था, जिसका गलत फायदा उठाकर आतंकी ने इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया।

इस तरह सीआरपीएफ अधिकारी के इस बयान से साफ होता है कि देश की जाँच एजेंसी ने जो इनपुट दिया, उसके आधार पर सीआरपीएफ द्वारा रूट को अच्छे से जाँच लिया गया था। यही नहीं आतंकी द्वारा किए जाने वाले किसी भी तरह के अटैक की संभावना की बारीकी से जाँच की गई थी। लेकिन आम जनता के सुविधाओं के लिए जो छूट दी गई आतंकी आदिल अहमद ने उसका गलत फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया।

यदि सोशल मीडिया पर इस पर्ची को सर्कुलेट करने वाले लोग इन पहलुओं को जान लेते तो शायद उन्हें पता चल जाता कि सरकार और देश के सुरक्षा में लगे लोग अपनी तरफ़ से दिन रात इस तरह की घटना को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।

यदि किसी कमी का फायदा उठाकर आतंकी इस तरह की कायर घटना को अंजाम देता है, तो हमें समझना होगा कि सरकार या देश की सुरक्षा में लगे जवानों की कमजोरी का पता कर आलोचना करने के बजाय हमें एक स्वर में आतंकी सोच के ख़िलाफ एकमत होकर खड़े होने की जरूरत है।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

वो 20 खबरें जो ‘नौ बजे नौ मिनट’ के बाद लिब्रान्डू-वामपंथी मीडिया फैला सकती है

सोशल मीडिया समेत ऑपइंडिया के भी कुछ सुझाव हैं कि आने वाले समय में 'नौ बजे नौ मिनट' के नाम पर कैसी दर्द भरी कहानियाँ आ सकती हैं। हमने ये सुझाव वामपंथियों की कम होती क्रिएटिविटी के कारण उन पर तरस खाकर दिए हैं।

4.1 दिन में ही दोगुनी हो गई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, तबलीगी जमात नहीं होता तो लगते 7.1 दिन

कल से आज तक 472 नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या अब 3374 तक पहुँच चुकी है। अग्रवाल ने यह भी बताया कि अब तक देश के 274 जिलों से कोरोना संक्रमण के केसेस आ चुके हैं। जबकि भारत में अब तक कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या 79 हो चुकी है, जिसमें से 11 शनिवार और रविवार को मिलाकर हुई हैं।

तबलीगी कारनामे की लीपापोती में जुटा ध्रुव राठी और गैंग, फैलाया 8 फैक्ट चेक (फर्जी) का प्रोपेगेंडा

जब 50 करोड़ हिन्दुओं को कोरोना से खत्म करने की दुआ करता मौलवी गिरफ्तार होता है, या फिर TikTok पर युवक इसे अल्लाह का कहर बताते नजर आते हैं, तो लोगों की जिज्ञासा एक बार के लिए मुस्लिम समुदाय पर सवाल खड़े जरूर कर देती है। ऑल्ट न्यूज़ जैसे फैक्ट चेकर्स के कंधे पर बंदूक रखकर दक्षिणपंथियों के दावों को खारिज करने का दावा करने वाला ध्रुव राठी यहाँ पर एक बार फिर सस्ती लोकप्रियता जुगाड़ते व्यक्ति से ज्यादा कुछ भी नजर नहीं आते।

राहुल-थरूर को ठेंगा दिखा इस कॉन्ग्रेसी नेता ने कर दिया PM मोदी का समर्थन, MP कॉन्ग्रेस में एक और फूट!

ग्वालियर से कॉन्ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने प्रधानमंत्री मोदी के रात नौ बजे नौ मिनट पर 'दिया जलाने' की मुहिम का समर्थन करने का एलान कर दिया। ट्विटर पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "आओ फिर से दिया जलाएँ" के जरिए उन्होंने कहा कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है और...

AIMIM के नहीं हैं 5 सांसद, इसके लिए मोदी जिम्मेदार: मीटिंग का बुलावा न मिलने पर ओवैसी ने बताया अपमान

ओवैसी के ये सारे आरोप महज राजनीति से ही प्रेरित नजर आते हैं क्योंकि प्रधामंत्री कार्यालय की तरफ से इस संदर्भ में जो प्रेस रिलीज जारी की गई है, उसमें यह स्पष्ट तौर पर रेखांकित है कि प्रधामंत्री इस विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली मीटिंग में सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से बात करेंगे, जिनके सदस्यों की संख्या दोनों सदनों में मिलाकर कम से कम 5 है।

सरकार जान से मार देगी, नहीं लेंगे दवा-सूई: जमातियों का हॉस्पिटल में हँगामा, DM ने मुस्लिम डॉक्टर को बुलाकर समझाया

26 तबलीगी जमात के सदस्यों को दरियापुर से लाकर सोला के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया था। जब मेडिकल टीम ने उनकी जाँच करने की कोशिश की, तो उन्होंने जाँच करवाने से मना करते हुए हँगामा खड़ा कर दिया। इनका आरोप था कि सरकार इन्हें जान से मारने की कोशिश कर रही है।

प्रचलित ख़बरें

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

मधुबनी, कैमूर, सिवान में सामूहिक नमाज: मस्जिद के बाहर लाठी लेकर औरतें दे रही थी पहरा

अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।

जो लाइट्स ऑफ करेगा, उनके दरवाजे पर चॉक से निशान बनेगा: TMC अपनाएगी हिटलर वाला तरीका

पीएम मोदी ने लोगों से 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील कर रखी है। टीएमसी से जुड़े प्रसून भौमिक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि जो ऐसा करेंगे उनके घरों के दरवाजे पर निशान लगा कर चिह्नित किया जाएगा।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

172,777FansLike
53,692FollowersFollow
212,000SubscribersSubscribe
Advertisements