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Fact Check: तेजस में खराब खाना खाकर लोग ICU में हुए भर्ती या ये है महज सरकार को घेरने का प्रोपगेंडा?

30 अक्टूबर को अपडेट किए गए वायरल पोस्ट को अब तक एक हजार से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं। इस पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट करके सरकार को घेरा जा रहा है। बिना सच्चाई खँगाले प्रशासन को कोसने का काम जारी है।

एक तरफ जहाँ देश में चलने वाली सबसे अच्छी ट्रेन तेजस का बखान हो रहा है वहीं बीते 2-3 दिनों से सोशल मीडिया पर तेजस ट्रेन में खराब खाने के कारण यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में लगातार बताया जा रहा है कि तेजस में खराब खाना परोसे जाने के कारण कई लोग बीमार पड़ गए, और 3 की स्थिति इतनी गंभीर है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके अलावा इन पोस्ट से भाजपा सरकार को घेरने का भी पूरा प्रयास हो रहा है।

जब तेजस से जुड़ी इस सूचना पर हमारी नजर पड़ी, तो हमने भी इस मामले पर रिपोर्ट बनाने के लिए सच्चाई जानने की कोशिश की। लेकिन मालूम चला वायरल पोस्ट में दी गई जानकारी 2017 की पुरानी खबर की है। जिसे हाल ही में viral in india नाम के फेसबुक पेज ने शेयर किया है।

VIRAL IN INDIA द्वारा शेयर पोस्ट में बताया गया है कि तेजस का खाना खाने से 24 यात्रियों की हालत खराब हो गई और 3 लोग ICU में भर्ती है। इस पोस्ट में एक ओर खाने की तस्वीर दिखाई गई और दूसरी ओर तेजस ट्रेन की। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि ये हाल है देश की सबसे अच्छी ट्रेन का

हालाँकि, गूगल पर तेजस और खराब खाने जैसे की वर्ड्स डालने पर मालूम चलता है कि पोस्ट में लोगों के बीमार होने की सूचना निराधार नहीं है। लेकिन ये बात बिलकुल गलत है कि इसके कारण लोगों को आईसीयू में भर्ती होना पड़ा।

खबर की सच्चाई की पड़ताल करने के दौरान हमें पता तला कि 2 साल पहले 2017 में कई खबरे छपीं थी जिसमें ट्रेन का खाना खाने के कारण कई लोगों के बीमार होने की पुष्टि थी। लेकिन हमें ये भी पता चला कि तुरंत इन यात्रियों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया था।

आगे खबर की सच्चाई तलाशते हुए एक मीडिया रिपोर्ट मिली जिसमें घटना के बाद रेलवे का बयान था। रेलवे ने इन लोगों के बीमार होने पर कहा था कि तेजस में लोग खराब खाने से बीमार नहीं हुए थे बल्कि एसी कोच में दो बच्चों की उलटी के बाद कोच में बेचैनी शुरू हुई और लोग बीमार हुए। वहीं सेंट्रल रेलवे की टीम की ओर से आई जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि खाना ‘संतोषजनक’ था।

हालाँकि, इतनी पड़ताल के बाद स्प्ष्ट हो गया कि ये खबर फर्जी नहीं है, लेकिन इसे आज के समय में सरकार के खिलाफ़ इस्तेमाल करने के लिए तोड़-मरोड़ के पेश किया जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि 30 अक्टूबर को अपडेट किए गए वायरल पोस्ट को अब तक एक हजार से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं। इस पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट करके सरकार को घेरा जा रहा है। बिना सच्चाई खँगाले प्रशासन को कोसने का काम जारी है। लोग इस पोस्ट को आधार बनाकर ट्विटर पर भी अन्य यूजर्स को बरगलाने का काम काम कर रहे हैं। और डेली बिहार नाम की वेबसाइट ने तो इसे खबर का रूप देकर भी पेश किया है।

अंततः इस पूरी पड़ताल से साफ है कि इस समय वायरल तेजस की यह खबर की ख़राब खाने की वजह से यात्री बीमार हुए निराधार है। बस सरकार और उसकी नई व्यवस्था को घेरने की बदनीयत से इस खबर को फैलाया गया और लोगों ने भी बिना सच्चाई परखें इस अफवाह तंत्र के शिकार हुए। हमारी पड़ताल से यह स्पष्ट है कि यह खबर फेक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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