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बदायूँ गैंगरेप के नाम पर शेयर हो रही 20 साल की लड़की की तस्वीर, जानें क्या है सच्चाई?

आपने भी कई जगह बदायूँ पीड़िता के नाम पर एक लड़की की तस्वीर शेयर होते देखी हो, जिसकी उम्र मुश्किल से 18-20 साल की लग रही है। जबकि बदायूँ में 50 साल की महिला के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को घेरने के लिए बदायूँ रेप केस का हवाला दे देकर पूरी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया जा रहा है। हालाँकि, सवाल उठाने वाले मामले की गंभीरता या उसकी हकीकत से कितने वाकिफ हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि वह सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी फर्जी जानकारी शेयर करने से गुरेज नहीं कर रहे।

हो सकता है आपने भी कई जगह बदायूँ पीड़िता के नाम पर एक लड़की की तस्वीर शेयर होते देखी हो, जिसकी उम्र मुश्किल से 18-20 साल की लग रही है। जबकि बदायूँ में 50 साल की महिला के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।

यूजर्स इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिख रहे हैं, “बदायूँ गैंगरेप-मर्डर केस, मंदिर गई 50 वर्षीय महिला को गैंगरेप के बाद मर्डर कर दिया गया। गैंगरेप के दौरान जो भयावहता की गई शायद राक्षस भी काँप जाता। लेकिन महंत और उसके चेले दानव निकले। बदायूँ पुलिस ने 2 दिन तक मामला छिपाए रखा। ये हैवानियत की पराकाष्ठा है।”

ऐसे कई पोस्ट सोशल मीडिया पर इसी कैप्शन के साथ शेयर हो रहे हैं

अब सवाल उठता है कि आखिर बदायूँ पीड़िता के नाम पर शेयर की जा रही यह तस्वीर किसकी है जिसे ट्विटर फेसबुक पर हर जगह शेयर किया जा रहा है। बता दें कि यह तस्वीर भी एक पीड़िता की ही है। लेकिन इसका संबंध बदायूँ से नहीं है।

ट्वीट को इस लिंक पर क्लिक करके देखेें

साल 2018 में इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करके उन्नाव जिले के सेवक खेड़ा मौरावाँ में एक पीड़िता के लिए इंसाफ माँगा गया था। 25 दिसंबर 2018 के ट्वीट में मान सिंह यादव ने लिखा था, “एक बेटी और चढ़ी दरिंदों के हाथ। उन्नाव ज़िले सेवक खेड़ा मौराँवा की रहने वाली गोल्डी यादव, जिन्होंने उत्तर प्रदेश police की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, आज सुबह रेप के बाद निर्मम तरीक़े से हत्या कर दी गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान। बहुत ही शर्मनाक।”

इसके अलावा उन्नाव पुलिस द्वारा किए गए ट्वीट भी बताते हैं कि ये घटना उन्नाव के सेवक खेड़ मौराँवा की है। गूगल पर यदि गाँव का नाम और पीड़िता का नाम डाल कर सर्च करें तो भी कई मीडिया खबरें बताती हैं कि ये तस्वीर 2018 की है।

इस लिंक पर क्लिक करके ट्वीट देखें

उल्लेखनीय है कि साल 2018 में मौरावां थाना क्षेत्र के अकोहरी गाँव में 20 वर्षीय गोल्डी की शव खेत से बरामद हुआ था। वह 24 दिसंबर की सुबह करीब आठ बजे रोजाना की तरह खेत की ओर गई थी। दो घंटे तक उसके न लौटने पर परिजन खोजबीन को निकले तो 500 मीटर दूरी पर उसका खून से सना पड़ा मिला। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी के लिए इंसाफ की गुहार उठी थी और अब उसकी तस्वीर को शेयर कर करके बदायूँ मामले में कुछ लोग गलत इरादों से शेयर कर रहे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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