कुम्भ 2019: कब और क्या? इतिहास, ज्योतिष और वर्त्तमान पर एक नज़र

कुम्भ का आयोजन मकर संक्रांति के दिन शुरू होता है, जब सूर्य और चंद्रमा, वृश्चिक राशि में और वृहस्पति मेष राशि में प्रवेश करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन स्वर्ग के दरवाजे खुलते हैं। इस बार कुम्भ स्‍नान का अदभुत संयोग करीब तीस सालों बाद बन रहा है।

कुम्भ पर्व विश्व का सबसे बड़ा और विहंगम सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन है। ऐसा बताया जाता है कि कुम्भ का आयोजन 525 ईसा पूर्व में शुरू हुआ था। माना जाता है कि 617-647 ईसवी में राजा हर्षवर्धन ने प्रयागराज के कुम्भ में हिस्सा लिया और अपना सब कुछ दान कर दिया था।

जनवरी 2019 में प्रयागराज में अर्धकुंभ लग रहा है। जो जनवरी 15 से मार्च 04 तक चलेगा। इससे पहले साल 2013 में प्रयागराज में महाकुम्भ का आयोजन हुआ था। अगला महाकुंभ साल 2025 में लगेगा। प्रयागराज में ‘कुम्भ’ कानों में पड़ते ही गंगा, यमुना एवं सरस्वती का पावन सुरम्य त्रिवेणी संगम मानसिक पटल पर छा जाता है।

हिंदू धर्म में मान्‍यता है कि किसी भी कुम्भ मेले में पवित्र नदी में स्‍नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मनुष्‍य जन्म-पुनर्जन्म के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त हो जाता है। कुम्भ को लेकर भिन्न-भिन्न प्रकार की कहानियाँ हैं लेकिन इसका महत्व धार्मिक और ज्योतिषीय रूप में अधिक प्रचलित है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

खगोल गणना के अनुसार कुम्भ का आयोजन मकर संक्रांति के दिन तब शुरू होता है, जब सूर्य और चंद्रमा, वृश्चिक राशि में और बृहस्पति मेष राशि में प्रवेश करते हैं। कुम्भ को लेकर कई प्रकार की मान्यताएँ हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन स्वर्ग के दरवाजे खुलते हैं। कुम्भ के दौरान गंगा में स्नान करने वाली आत्मा सहज़ स्वर्ग की भागी होती है। इस बार कुम्भ स्‍नान का अद्भुत संयोग करीब तीस सालों बाद बन रहा है।

कुम्भ: 2019  शाही स्नान की तिथियाँ

  • 14-15 जनवरी 2019: मकर संक्रांति (पहला शाही स्नान)
  • 21 जनवरी 2019: पौष पूर्णिमा
  • 31 जनवरी 2019: पौष एकादशी स्नान
  • 04 फरवरी 2019: मौनी अमावस्या (मुख्य शाही स्नान, दूसरा शाही स्नान)
  • 10 फरवरी 2019: बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान)
  • 16 फरवरी 2019: माघी एकादशी
  • 1 9 फरवरी 2019: माघी पूर्णिमा
  • 04 मार्च 2019: महा शिवरात्री
कुम्भ की महिमा का गान करता एक पेंटिंग (फोटो साभार: kumbh.gov.in)

कुम्भ मेले की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं। सड़कें और अन्य निर्माण कार्य तेजी से किए गए हैं। आयोजन से पहले यहाँ का रंग-रूप बिल्कुल बदल चुका है। जगहों को तरह-तरह की पेंटिंगों से सजाया गया है। संगम नगरी जनमानस के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। गंगा-यमुना की नगरी को इस तरह सजाया गया है जैसे साक्षात् देवलोक धरा पर अवतरित हुआ हो।

कुम्भ-2019 में कई विदेशी प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। कुम्भ स्‍थल पर तंजानिया, अमेरिका, उजबेकिस्तान, त्रिनिडाड, टोबैगो, ट्यूनीशिया और वेनेजुएला के झंडे लगाए गए हैं।

गौरव गाथा: कुम्भ 2019

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

उद्धव ठाकरे ने कहा,"मुझे नेहरू को वीर कहने में गुरेज नहीं होता यदि वह 14 मिनट भी जेल के भीतर सावरकर की तरह रहे होते। सावरकर 14 वर्षों तक जेल में रहे थे।" साथ ही कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी को भी उन्होंने निशाने पर लिया।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,128फैंसलाइक करें
15,115फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: