पटना के छात्र नेता से लेकर BJP के कार्यकारी अध्यक्ष तक: रोचक है जेपी नड्डा का सफ़र

नड्डा की शिक्षा-दीक्षा पटना के सेंट जेवियर्स स्कूल में हुई है। उन्होंने भी जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर राजनीति का दामन थामा था। 1977 में वह पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव भी बने थे।

हिमाचल प्रदेश से आने वाले जगत प्रकाश नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पिछली मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे नड्डा को जब हालिया गठित मंत्रिमंडल में कोई जगह नहीं दी गई थी, तभी से यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने वाली है। इससे पहले जब 2014 में भाजपा की केंद्र में बड़ी जीत हुई थी, तब नड्डा को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर चर्चा चली थी लेकिन अमित शाह को अध्यक्ष बनाया गया। अब जब अमित शाह ने गृह मंत्रालय का प्रभार संभाला है, संगठन में नड्डा को उनकी ज़िम्मेदारी हल्की करने के लिए लाया गया है। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव तक शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे।

59 वर्षीय जेपी नड्डा 3 बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। वे 1993, 1998 और 2007 में चुनाव जीत कर विधायक बने। 1998 में उन्हें राज्य कैबिनेट में शामिल किया गया और वह मंत्री बने। 2012 में उन्हें राज्यसभा सांसद चुना गया। जेपी नड्डा भाजपा के आँतरिक संगठन में काफ़ी समय से सक्रिय रहे हैं और उनकी शिक्षा-दीक्षा पटना के सेंट जेवियर्स स्कूल में हुई है। अपने समय के अधिकतर नेताओं की तरह युवावस्था में उन्होंने भी जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर राजनीति का दामन थामा था। 1977 में वह पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव भी बने थे।

नड्डा को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की जानकारी केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नड्डा को बधाई दी। सिंह ने बताया कि भाजपा संसदीय बोर्ड ने नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष चुना है। राजनाथ ने यह भी बताया कि गृह मंत्री बनने के बाद शाह ने पीएम मोदी से कहा था कि पार्टी अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी अब किसी और को दे देनी चाहिए। जेपी नड्डा को हिमाचल में फॉरेस्ट मंत्री रहने के दौरान उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए जाना जाता है।

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मंत्री रहते समय उन्होंने फॉरेस्ट क्राइम को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी नीतियाँ बनाई थीं व ज़रूरी एक्शन लिया था। उन्होंने फॉरेस्ट पुलिस स्टेशन स्थापित किए थे। शिमला को हरित बनाने के लिए उनके कार्यकाल में कई कार्य हुए। राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए भी उन्होंने अहम पहल किए। बहुत कम लोगों को पता है कि नड्डा की खेल में भी ख़ासी रूचि है। अपने स्कूल के दिनों में उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक तैराकी प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। नड्डा ने हिमाचल विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री प्राप्त की है।

1991 में जेपी नड्डा को मात्र 31 वर्ष की उम्र में भाजयुमो का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद नड्डा को पूर्ण अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है, ऐसी चर्चा है। हालिया लोकसभा चुनावों में नड्डा यूपी में पार्टी के प्रभारी थे, जहाँ पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की। ये भी एक संयोग है कि भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष अमित शाह भी 2014 लोकसभा चुनाव में यूपी में ही पार्टी के प्रभारी थे और वहाँ भाजपा के अभूतपूर्व प्रदर्शन के बाद उनका क़द बढ़ गया था।

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