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फोटो फ़ीचर: कुम्भ 2019 – परम्परा और आधुनिकता का अनोखा संगम

भारत का विश्व प्रसिद्ध कुम्भ मेला सनातन परम्परा का जीवन्त प्रमाण है। साथ ही, परम्परा में आधुनिकता का अद्भुत संगम भी।

कुम्भ अर्थात स्नान, ध्यान, सौहार्द्र और मेल-जोल का पर्व, सनातन परम्परा का एक अनोखा संगम। सनातन परम्परा कब से है, इसके बारें में हम सिर्फ़ अनुमान ही कर सकते हैं।

तस्वीर- अवनीश पी.एन. शर्मा

वैसे परम्पराओं और संस्कृति के बारे में कहा जाता है कि ये आसानी से ख़त्म नहीं होती, बल्कि बदलते समय के साथ खुद को ढालकर नित-नवीन ढंग से हमारे जीवन का हिस्सा बन जाती है।

तस्वीर- अवनीश पी.एन. शर्मा

भारत का विश्व प्रसिद्ध कुम्भ मेला सनातन परम्परा का जीवन्त प्रमाण है। साथ ही, परम्परा में आधुनिकता का अद्भुत संगम भी।

तस्वीर- अवनीश पी.एन. शर्मा

कुम्भ लोगों के स्वागत के लिए पूरी भव्यता के साथ तैयार है। जगमग सड़कें, भव्य तोरणद्वार, शानदार लाइटिंग का बेहतरीन नज़ारा देखने को मिलेगा आपको।

तस्वीर- अवनीश पी.एन. शर्मा

तीर्थयात्रियों और आगन्तुकों की सुख-सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इन्तज़ाम किये गए हैं।

प्रयागराज कुम्भ की एक सड़क
तस्वीर- अवनीश पी.एन. शर्मा

इसमें युवाओं को आकर्षित करने के लिए सेल्फी पॉइन्ट से लेकर इमरजेंसी के मौके पर वाटर और एयर एम्बुलेन्स, स्नाइपर और स्पेशल कमाण्डो जैसे इन्तज़ाम भी शामिल होंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ कुम्भ को यादगार बनाने के लिए पूरे मनोवेग से तत्पर हैं।

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रवि अग्रहरि
रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

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