Saturday, September 26, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष पत्रकार नेतागिरी करे तो वो 'धोबी का कुत्ता' बन भी सकता है, बना भी...

पत्रकार नेतागिरी करे तो वो ‘धोबी का कुत्ता’ बन भी सकता है, बना भी सकता है: हिंदी में सत्य का सामना

आशुतोष पत्रकार थे, राजनेता बने और अब फिर पत्रकार हैं। राजनीति का सत्यानाश होने के बाद अब वो 'सत्यहिंदी' चलाते हैं। वहीं जिस राउत के कारण महाराष्ट्र आज इस राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है, वो 'सामना' के एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और अरुण शौरी जैसों ने पत्रकारिता से राजनीति में क़दम रखा और नए मानक स्थापित किए। लेकिन, पत्रकार से नेता बने दो चेहरे ऐसे भी हैं जिन्होंने इनके ठीक उलट प्रतिमान स्थापित किए हैं। इनमें से एक ने अपने नेता को ‘धोबी का कुत्ता’ बना दिया तो दूसरे को उसके नेता ने ‘धोबी का कुत्ता’ बना दिया।

एक देश की राजधानी में राजनीति करना चाहता था तो दूसरा देश की आर्थिक राजधानी में राजनीति या उसे जो भी कह लीजिए, कर रहा है। अपने नेता उद्धव ठाकरे को ‘धोबी का कुत्ता‘ बनाने वाले पत्रकार का नाम है संजय राउत। वहीं जिन्हें उनके नेता अरविन्द केजरीवाल ने ही ‘धोबी का कुत्ता’ बना दिया, उनका नाम है आशुतोष। राउत पत्रकार भी हैं और राजनेता भी। आशुतोष पत्रकार थे, राजनेता बने और अब फिर पत्रकार हैं। राजनीति का सत्यानाश होने के बाद अब वो ‘सत्यहिंदी’ चलाते हैं। वहीं जिस राउत के कारण महाराष्ट्र आज इस राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है, वो ‘सामना’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं।

दोनों में एक और चीज कॉमन है। वो है- राज्यसभा का पद। एक को आते-आते ही मिल गया। दूसरे को जाते-जाते भी नहीं मिला। एक आया था पत्रकारिता करने लेकिन नवाजा गया राज्यसभा के पद से। दूसरा पत्रकारिता छोड़ के राज्यसभा के लिए ही आया था, लेकिन ये पद गुप्ताओं के हिस्से चला गया। संजय राउत 2004 में राज्यसभा भेजे गए, 2010 में फिर भेजे गए और 2016 में तीसरी बार भेजे गए। उम्मीद है कि उन्हें 2022 में फिर से भेजा जाएगा। आशुतोष का 5 सालों में ही आम आदमी पार्टी से मोहभंग हो गया और वो निकल लिए।

एक ने फ़िल्म की स्क्रिप्ट लिखी है। दूसरे ने क़िताब लिखी है। दोनों ही वास्तविकताओं पर आधारित रचनाएँ हैं। राउत ने बाल ठाकरे पर बनी नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत फ़िल्म ‘ठाकरे’ की कहानी लिखी। आशुतोष ने अन्ना हजारे के आंदोलन की यादों को एक पुस्तक के रूप में समेटा। लेकिन उसकी सफलता का सारा श्रेय किसी और को दे दिया। मार्च 2018 में जब अन्ना ने अनशन शुरू किया, तब आशुतोष ने कहा कि उनके पास अब अरविन्द केजरीवाल के रूप में एक्स-फैक्टर नहीं है। राउत ने भी कई पुस्तकें लिख रखी हैं। इस तरह दोनों ही लेखक हुए।

- विज्ञापन -

राउत और आशुतोष में कई समानताएँ और विषमताएँ हैं। राउत ने कहा कि आंबेडकर का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था और ट्रोल हुए। बता दें कि बाबासाहब का जन्म मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। आशुतोष के लिए केजरीवाल ने कहा कि इस जन्म में तो आपका इस्तीफा मैं स्वीकार नहीं कर सकता। जन्म-जन्म का ये खेल अब यहाँ आ पहुँचा है कि महाराष्ट्र में नई सरकार का ही जन्म नहीं हो पा रहा। एक सुबह-सुबह न सिर्फ़ ब्रेड और अंडे खाता है, बल्कि उसकी फोटो लेकर जनता को बताता है कि ठण्ड के दिनों में नाश्ते में क्या लेना चाहिए। दूसरा अण्डों को ही शाकाहारी घोषित करने की बात करता है। अफसोस ये कि राउत ने ये बात संसद में कही। आशुतोष को मौक़ा ही नहीं मिला।

संजय राउत ने तो ये भी कहा था कि शाकाहारी चिकन की व्यवस्था होनी चाहिए। खैर, संसद के रूप में उनके पास एक ऐसा प्लॅटफॉर्म है जहाँ वो कुछ भी बोल सकते हैं। आशुतोष ये काम ट्विटर पर करते हैं। राउत ट्विटर पर ये सब नहीं करते। वो ट्विटर पर कविता-पाठ करते हैं। दोनों में एक और समानता है कि दोनों ही कॉर्टून प्रेमी हैं। जहाँ एक के नेता ही कार्टूनिस्ट हुआ करते थे, दूसरे के नेता कार्टूनिस्टों के फेवरिट कैरेक्टर हैं। बाल ठाकरे के कार्टून जहाँ पूरे देश में चर्चा का विषय बनते थे तो अरविन्द केजरीवल कार्टूनिस्टों को ढेर सारा मसाला देने का काम करते हैं।

एक की दिल्ली में सरकार बनने के बाद भी एकांतवास में दिन कटे, दूसरा सरकार न बनने के बावजूद ‘मुख्यमंत्री हमारा ही होगा’ कहते फिर रहा है। दोनों की विचारधारा अब धीरे-धीरे एक ही जगह जाकर रुक गई है। ‘सत्य हिंदी’ हो या ‘सामना’, दोनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ लेख प्रकाशित होते हैं। दोनों के ही ट्वीट्स भाजपा पर कटाक्ष होते हैं। दोनों ही सोशल मीडिया पर मजाक की विषय-वास्तु बन कर रह गए हैं। एक ने महाराष्ट्र के सीएम की ही तुलना कुत्ते से कर डाली थी, दूसरा कुत्ते को ही कुत्ता नहीं समझता। संजय राउत ने फडणवीस को लेकर कहा था कि एक कुत्ता भी सत्ता में आने के बाद ख़ुद को शेर समझने लगता है। दूसरे को इस बात से दिक्कत थी कि लोग कुत्ते को कुत्ता क्यों समझते हैं?

‘सामना’ और ”सत्य हिंदी एक ही ढर्रे पर चलते दिख रहे हैं। मराठी और हिंदी एक जैसे दिख रहे हैं। संजय राउत कुछ कारणों से अस्पताल में भर्ती थे। अंदर थे तो ‘अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ’ लिख रहे थे, बाहर आ गए हैं तो ‘मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा’ बोल रहे हैं। एक बात तो तय है। कल को अगर अरविन्द केजरीवाल पर कोई फ़िल्म बनती है तो आशुतोष से बढ़िया कौन होगा उस फ़िल्म की स्क्रिप्ट लिखने वाला? इसके बाद वो इस मामले में भी राउत के टक्कर के हो जाएँगे। फ़िलहाल पत्रकारों की राजनीति या राजनीति की पत्रकारिता- दोनों में से किसी का भी लुफ्त उठा सकते हैं। दोनों एक-दूसरे में घुसी हुई हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार अतहर खान ने तीन ऐसे लोगों के नाम लिए हैं जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई के लगातार संपर्क में थे।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

एजाज़ ने प्रिया सोनी से कोर्ट मैरिज के बाद इस्लाम कबूल करने का बनाया दबाव, मना करने पर दोस्त शोएब के साथ रेत दिया...

"एजाज़ ने प्रिया को एक लॉज में बंद करके रखा था, वह प्रिया पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। जब वह अपने इरादों में कामयाब नहीं हुआ तो उसने चोपन में दोस्त शोएब को बुलाया और उसके साथ मिल कर प्रिया का गला रेत दिया।"

UNGA में भारत ने पाकिस्तान को जम कर लताड़ा: आतंकवाद, POK और सांप्रदायिक हिंसा जैसे मसलों पर रखी बात

"पाकिस्तान के सामान्य देश बनने का एकमात्र जरिया यह है कि वह आतंकवाद को वित्तीय सहयोग देना बंद करे और अपना ध्यान उन समस्याओं पर केंद्रित करे, जो अल्पसंख्यकों समेत उसके नागरिक झेल रहे हैं।"

बिहार चुनाव: गुप्तेश्वर पांडे, पुष्पम प्रिया, प्रशांत किशोर, कन्हैया, चिराग: अजीत भारती का वीडियो। Ajeet bharti on Bihar Elections

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीख आ गई। 243 सीटों पर तीन चरणों में मतदान होगा। बिहार चुनाव के बारे में विश्लेषकों द्वारा जातिवाद पर बात करना मूर्खता है।

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

’24 घंटे के भीतर मुख्तार अंसारी को छोड़ो वरना सरकार मिटा देंगे, CM योगी को भी नहीं छोड़ेंगे’

मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद माफियाओं की बौखलाहट नजर आने लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ को धमकी दी गई है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार अतहर खान ने तीन ऐसे लोगों के नाम लिए हैं जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई के लगातार संपर्क में थे।

बेंगलुरु ब्लास्ट: केरल से धराए गुलनवाज की जड़ें यूपी में, अब्बू ने कहा- मेरा बेटा आतंकी नहीं हो सकता

आतंकी मुहम्मद गुलनवाज ने हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर लश्कर के लिए फंडिंग जुटाई थी ताकि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

झारखंड: पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से गैंगरेप, अंसारी गिरफ्तार; पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप

झारखंड के गोड्डा जिले में पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से चार लोगों ने रेप किया। आरोपितों में से एक महताब अंसारी गिरफ्तार कर लिया गया है।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,048FollowersFollow
324,000SubscribersSubscribe
Advertisements