Friday, April 10, 2020
होम राजनीति एक और ‘रावण’ ने भंग की मर्यादा, ‘ब्राह्मणवादी’ पुलिस ने किया गिरफ्तार

एक और ‘रावण’ ने भंग की मर्यादा, ‘ब्राह्मणवादी’ पुलिस ने किया गिरफ्तार

ऐसा सुनाई पड़ रहा है कि महापण्डित रावण जी कांशीराम की जयंती के सुअवसर पर 15 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर में एक रैली पहुँचाना चाहते थे, पर दुष्ट जातिवादी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों को यूपी राजपुरुषों (पुलिस) की वर्दी में भेजकर इस रैली पर अनिश्चितता के बादल उड़ेल दिए हैं।

ये भी पढ़ें

रावणों और मर्यादा-भंग का पुराना सम्बन्ध है- और इसी सम्बन्ध को चरितार्थ करते हुए खुद को ‘रावण’ घोषित करने वाले भीम आर्मी संस्थापक वकील चंद्रशेखर ने चुनावी आचार संहिता भंग कर देवबंद में रैली निकाली, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

श्री रावण जी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ चुनावी आचार संहिता और प्रदेश की कानून व्यवस्था को धता बताते हुए पूरे ज़ोरों-शोरों से रैली निकाल रहे थे, पर देवबंद पुलिस द्वारा आचार संहिता और 144 के उल्लंघन में गिरफ्तार करते ही इस वज्रकाय योद्धा को अचानक तबियत ख़राब हो जाने के कारण अस्पताल ले जाना पड़ा

अपने महान सेनानायक के बंदी बनाए जाने की सूचना जब रावण जी की सेना (समर्थक-मण्डली) को प्राप्त हुई तो पीठ दिखाकर कायरों की तरह तितर-बितर ही जाने की अपेक्षा इन रणबाँकुरों ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाइवे को जाम कर दिया, और राजकाज के प्रकाण्ड पण्डित माने जाने वाले (original) भीम और भारत की शासन-विधि के लेखक-समिति के अध्यक्ष भीमराव अम्बेडकर जी का सीना गर्व से 56 इंच(?) चौड़ा किया।

15 मार्च को कांशीराम जी करते रह जाएँगे इंतज़ार

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ऐसा सुनाई पड़ रहा है कि कासमपुर में गिरफ्तार और देवबंद के किसी स्कूल में बंद महापण्डित रावण जी बसपा के संस्थापक और सुश्री मायावती के राजनीतिक गुरू कांशीराम जी (वही, जिनके बारे में यह कहा जाता है कि वह अयोध्या विवाद का हल विवादित स्थल पर शौचालय बनवाकर करना चाहते थे) की जयंती के सुअवसर पर 15 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर में एक रैली पहुँचाना चाहते थे जो कि 13 मार्च को मुजफ्फरनगर से कूच करती और 14 मार्च को गाज़ियाबाद को अपनी मनमोहनी उपस्थिति से उपकृत करती हुई 15 को जंतर-मंतर पहुँचती। पर दुष्ट जातिवादी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों को यूपी राजपुरुषों (पुलिस) की वर्दी में भेजकर इस रैली पर अनिश्चितता के बादल उड़ेल दिए हैं।

अथ नव रावण जीवन वृत्तान्त  

उस प्रथम रावण की त्रासद जीवन कथा से तो हम सभी वाकिफ़ हैं जो श्रेष्ठ ब्राह्मण कुल में जन्म और लालन-पालन पाकर भी anti-दलित प्रताड़ना का शिकार हुआ, और जिसे जातिवादी, मनुवादी, दबंग ठाकुर राम सिंह ने अपनी जोरू चुराने के ‘छोटे से’ आरोप में बा-खानदान मौत के घाट उतार दिया। पर इन नए रावण की कहानी भी कम रोमांचक नहीं है।

अपने पुराने हमनाम की तरह श्री चंद्रशेखर रावण भी ज्योतिष और भविष्य-वाचन विद्या के प्रखर ज्ञानी हैं- मई 2017 से सितम्बर 2018 तक रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) में जेल में रहने के बाद जब यूपी की फ़ासीवादी मनुवादी सरकार ने उन्हें रिहा कर उनका अपमान करने का दुस्साहस किया तो इस महाज्ञानी ने यह भविष्यवाणी कर दी कि अगले 10 दिनों के भीतर भाजपा सरकार उन्हें दोबारा किसी-न-किसी बहाने दोबारा कृष्ण-जन्मभूमि (कारागृह) का उनका टिकट कटा देगी।

2017 में श्री रावण जी पर रासुका लगने का किस्सा भी फ़ासिस्ट-ब्राह्मणवादी गठजोड़ और उसके सिरमौर आदित्यनाथ के निरंकुश शासन का ही उदाहरण है। जब सहारनपुर जनपद के शब्बीरपुर ग्राम के दुष्ट ठाकुरों ने महान पैगम्बर-राजा अकबर द ग्रेट के खिलाफ़ लड़ाई करने वाले शॉविनिस्ट (chauvinist) राणा प्रताप का बर्थडे मनाने की हिमाकत की तो अपनी उस समय केवल लगभग 5 साल पुरानी नवजात भीम आर्मी के साथ वीर रावण जी यह दुष्कृत्य रोकने अपनी जान हथेली पर रखकर पहुँच गए। ज़ाहिर सी बात है कि दबंग ठाकुरों ने अत्याचार-पूर्वक इस जनांदोलन को दबाने का पूर्ण प्रयास किया पर अल्लाह की मेहरबानी से दुष्ट ठाकुरों को ही अपने एक सदस्य की जान से हाथ जोना पड़ा।

इसके बाद श्री रावण जी ने सहारनपुर के रामनगर में महापंचायत बुलानी चाही, जातिवादी पुलिस ने ज़ाहिर तौर पर अनुमति नहीं दी, पर क्रांति भला कब रुकती है? मजबूरन संचार विद्या के भी महारथी रावण जी ने (जो कि original रावण की ही भांति multi-talented भी हैं) सोशल मीडिया के कबूतरों के द्वारा अपना सन्देश वाइरल कर दिया। उनकी सेना सैकड़ों की संख्या में जुट गई और जातिवादी पुलिस को जम कर रगेदा, जिसके बाद दुष्ट आदित्यनाथ ने उन्हें अन्दर कर दिया।

यह रावण जी की organizational skills नहीं तो और क्या हैं कि जिस भीम आर्मी का गठन दलित समाज की सेवा और गरीब कन्याओं के विवाह के लिए धन जुटाने जैसे बेकार के कार्यों के लिया किया गया था, उसे आज उन्होंने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी यूपी का खासा ताकतवर राजनीतिक संगठन बना दिया है। यह उनके राजनीतिक प्रताप का ही सबूत है कि देश भर में दलित राजनीति का ‘आइकन’ मानी जाने वालीं सुश्री मायावती जी से वह प्रेरणा या आशीर्वाद नहीं लेते, बल्कि उन्हें अपना समर्थन देकर कृतार्थ करते हैं।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

लॉकडाउन में घोटाले के आरोपित वाधवान परिवार को VIP ट्रीटमेंट: महाबलेश्वर भेजने पर घिरी महाराष्ट्र सरकार, 23 पुलिस हिरासत में

“इस बारे में जाँच की जाएगी कि वाधवान परिवार के 23 सदस्यों को खंडाला से महाबलेश्वर की यात्रा करने की अनुमति कैसे मिली।” इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा भारी शर्मिंदगी झेलने के बाद गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया।

तमिलनाडु: 24 घंटे में 96 नए कोरोना पॉजिटिव आए सामने, 84 तबलीगी जमात से जुड़े, कुल 834 में 763 मरकज की सौगात

तमिलनाडु में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 96 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 संक्रमित लोग दिल्ली निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़ हुए हैं।

नशे को हाथ न लगाने वाला मकरज से लौटा जमाती कोरोना पॉजिटिव: लोगों के साथ गुड़गुड़ाया हुक्का, पी चाय-पानी, कई गाँवों में मिलने गया

उसने गाँव वालों से मरकज के मजहबी सभा में शामिल होने वाली बात को सबसे छुपाया। जब ग्रामीणों ने उससे इस संबंध में पूछा तो भी उसने झूठी और मनगढ़ंत कहानी सुनाकर उनको बरगलाया। लोगों ने भी आसानी से उसकी बातों को मान लिया और उसके साथ हिलने-मिलने लगे।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मिलने से इजराइल के प्रधानमंत्री भी हुए गदगद, PM मोदी को कहा- प्रिय दोस्त, धन्यवाद!

भारत ने मंगलवार को इसके निर्यात पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटा लिया और गुरुवार को भारत द्वारा भेजी गई 5 टन दवाइयाँ इजरायल पहुँच गईं, जिनमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भी शामिल थी। जिसके बाद नेतन्याहू का ट्वीट आया।

मधुबनी: दलित महिला के हत्यारों को बचाने के लिए सरपंच फकरे आलम ने की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलवाने कोशिश

“गाँव में लोगों ने अफवाह उड़ा दी है कि हमने मुस्लिम परिवार से 2 लाख रुपए लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया है। ये बिल्कुल गलत बात है। हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और न ही करेंगे। हम तो कहते हैं कि 1 लाख रुपया मेरे से और ले लो और दोषियों को सजा दो। हमें पैसे नहीं, इंसाफ चाहिए। हमारी माँ चली गई, उनकी मौत नहीं हुई, उनकी हत्या की गई। हमारा एक जान चला गया। हम पैसा लेकर क्या करेंगे? हमें तो बस इंसाफ चाहिए।”

‘चायनीज’ कोरोना देने के बाद चीन ने चली कश्मीर पर चाल: भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- हमारे घर में न दें दखल, हमारा...

चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।"

प्रचलित ख़बरें

एक ही थाली में 6-7 लोग खाते थे, सेक्स करना भी सिखाते थे: मरकज में 21 दिन रहे शख्स का खुलासा

तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।

हस्तमैथुन, समलैंगिकता, सबके सामने शौच-पेशाब: ‘इस्लाम ऑन द मूव’ किताब में तबलीगियों की पूरी ट्रेनिंग की कहानी

“आज हर कोई आइसोलेशन में रखे गए तबलीगियों को देखकर हैरान है कि वे इतना क्यों थूक रहे हैं। तो बता दें कि उनका धर्मशास्त्र उन्हें ऐसा करने की शिक्षा देता है कि नमाज पढ़ते समय या मजहबी कार्य करते समय शैतान की दखलअंदाजी खत्म करने के लिए वो ये करें।"

जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार के जनाजे में शामिल हुई भारी भीड़: सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियाँ, बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा

सुरक्षाबलों द्वारा जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार को बुधवार को मार गिराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया इस हिदायत के साथ कि जनाजे में ज्यादा लोग एकत्र न हों, लेकिन इसके बाद भी जैसे ही आतंकी के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। नियमों और कोरोना से खतरे को ताक पर रखकर एक के बाद एक भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ उसके जनाजे में जुटने लगी।

घर में BJP कैंडिडेट की लाश, बाहर पेड़ से लटके थे पति: दीया जलाने पर TMC ने कही थी निशान बनाने की बात

शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।

तबलीगी जमात के ख़िलाफ़ मत बोलो, टीवी पर आ रही सब न्यूज फेक है: रेडियो मिर्ची RJ सायमा ने किया मरकज के ‘मानव बम’...

“स्वास्थ्य अधिकारियों पर थूकना, सड़कों पर बस से बाहर थूकना, महिला कर्मचारियों के सामने अर्ध नग्न हो, भद्दी टिप्पणी करना, अस्पतालों में अनुचित माँग करना, केवल पुरुष कर्मचारियों को उनके लिए उपस्थित होने के लिए हंगामा करना और आप कितनी आसानी से कह रही हो कि इनके इरादे खराब नहीं हैं। हद है।”

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

175,545FansLike
53,875FollowersFollow
215,000SubscribersSubscribe
Advertisements