कामरा-राठी आदि भी शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित, गेट पर मेहमानों को मारेंगे सेंट वाला स्प्रे

रवीश कुमार ने हँसते हुए बताया कि मोदी जी 'निंदक नियरे राखिए' का गलत प्रयोग कर रहे हैं। NDTV के गुप्त सूत्रों ने सस्ते कॉमेडियंस द्वारा आमंत्रण स्वीकार कर प्रांगण में पहुँचने को उनका बड़प्पन कहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए आज 8000 मेहमान राष्ट्रपति भवन पहुँचने वाले हैं। लेकिन ये जान कर आप चौंक जाएँगे कि इन्हीं आठ हजार लोगों में कुछ नाम ऐसे हैं, जो आजकल सिर्फ बरनोल और नमक पानी का सेंक ले रहे हैं। रायसीना हिल्स से कुछ ख़ुफ़िया सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी इन्हीं कुछ लोगों को दी गई है।

आपने देखा ही होगा कि पिछले कुछ सालों में राहुल गाँधी की चौकीदारी करने के लिए विपक्ष द्वारा कुछ दिग्गज सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषकों को कॉन्ग्रेस द्वारा किराए पर लिया गया था। हालाँकि, यदि ऑपइंडिया तीखी मिर्ची सेल के सूत्रों पर यकीन करें, तो पार्टी ने उनके साथ सेवा बढ़ाने जैसा कोई अनुबंध नहीं किया था।

कॉन्ग्रेस ने आदर्श लिबरल गिरोह के इतिहासकार, वरिष्ठ दर्शनशास्त्री एवं पार्ट टाइम सस्ते कॉमेडियन कुणाल कामरा के साथ ही फैक्ट्स एंड फिगर्स में बात कर के जनता को गुमराह करने वाले ध्रुव राठी के साथ करार करते वक़्त चुपके से NDTV की तर्ज पर ही एक डिस्क्लेमर लिख दिया था। इस अस्वीकरण में उन्होंने लिखा था कि जनता का मनोरंजन करने के लिए मोदी विरोधी चुटकुलों के लिए भाड़े पर उठाए गए किसी भी ‘सस्ते कॉमेडियंस’ और ‘एक्सपोज़र’ का कार्यकाल और अनुबंध लोकसभा चुनाव के नतीजों पर निर्भर करेगा।

चुनाव के नतीजे आ जाने के बाद कुणाल कामरा और ध्रुव राठी को पता चला कि जनता और कॉन्ग्रेस, दोनों ही उनके साथ अ’न्याय’ कर चुके हैं। हालाँकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कॉन्ग्रेस के हारने के बाद अब इन लोगों को अगले पाँच साल तक रोजगार के लिए चिंतित नहीं रहना पड़ेगा।

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लेकिन सवा सौ करोड़ भारतीयों का जिक्र करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन लोगों की माली हालात देखकर इनका साथ देकर इनका विकास करने का निर्णय लिया और शपथ ग्रहण में बुलाकर इनके रोजगार की नींव रखने का फैसला किया है।

पाँच साल तक रोजगार और स्कैम्स के फर्जी आँकड़े सोशल मीडिया से लेकर यूट्यूब तक पर बाँचने वाले इन दोनों शरणार्थियों को शपथ ग्रहण समारोह में तो बुलाया गया है, लेकिन मेहमानों के कान साफ करने के लिए। लाख प्रयास के बाद भी कॉमेडी के नाम पर माँ-बहन की गाली परोसकर भी राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने में विफल रहने वाले कुणाल कामरा ने चुनाव नतीजों के बाद सिनेमाघर, पार्क और सार्वजानिक स्थानों पर लोगों के कान साफ़ करने वाला धंधा अपना लिया। इसके लिए उन्हें मियाँ भाई की वो बात याद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है।

इस नए पेशे के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लोन लेने के बाद कुणाल कामरा ने कान साफ़ करने के लिए अपनी एक स्पेशल किट खरीदी और स्वरोजगार की राह पर निकल पड़े। शपथ ग्रहण के लिए निमंत्रण देने के लिए जब उन्हें लोग मिलने गए तो उस समय कुणाल कामरा पड़ोस में ही चल रही जेसीबी खुदाई देखने गई पब्लिक के कान साफ़ करने पहुँचे हुए थे। उन्होंने बताया कि यह धंधा एकदम चोखा है और जेसीबी की खुदाई वाली जगह पर ये काम करने में सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको लोगों के पास नहीं जाना होता है, बल्कि लोग खुद चलकर आपके पास पहुँच जाते हैं।

जानकारों का तो यह भी कहना था कि जेसीबी के पास खड़ी बड़ी भीड़ को देखकर कुणाल कामरा पहले वहाँ से आने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे लेकिन जब उन्हें बताया गया कि उनका साथी ध्रुव राठी भी राष्ट्रपति भवन के बाहर बैठकर मेहमानों की गाड़ियों की हवा चेक कर के अपने दिन काट रहा है और वो खुश है, तो कुणाल कामरा तुरंत तैयार हो गए। ध्रुव राठी को यह भी याद रखने में परेशानी नहीं होती है कि एक दिन में उन्होंने कितने पंचर बनाए हैं और कितनी जगह टायर में छेद थे, क्योंकि फैक्ट एंड फिगर्स में बात करना उनके बाएँ हाथ का खेल रहा है।

रिपोर्ट्स लिखे जाने तक शपथ ग्रहण में आने-जाने वाले लोगों के कान की सफाई करने के लिए कुणाल कामरा तैयार हो चुके हैं और वो लगभग हजार मेहमानों के कानों से वैक्स निकाल चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भारी मात्रा में लोगों की उपस्थिति में 8000 लोगों के 16,000 कान देखकर कुणाल कामरा की आँखें छलक पड़ीं और वो फूट-फूटकर रो पड़े। ‘डोंट वोट फॉर मोदी’ की सिफारिश करने वाल कुणाल कामरा ने कॉन्ग्रेस कार्यालय द्वारा जारी रोजगार के आँकड़ों वाले उस रजिस्टर को अपडेट कर दिया, जिसके आधार पर उन्होंने जनता को हाथ-पैर जोड़कर यकीन करने के लिए कहा था। और अंत में नम आँखों से एक लाइन लिखी, “अच्छे दिन आ गए” हालाँकि, कुणाल कामरा बहुत ज्यादा देर तक खुश नहीं रह पाए।

16,000 कानों की सफाई करने का ठेका मिलने के कारण ख़ुशी से पगला कर कुणाल कामरा ने एक मेहमान के कान की जेसीबी की तरह ही खुदाई कर डाली। मेहमान ने उनसे हाथ जोड़कर निवेदन किया कि “एक ही तो कान है कामरा जी, कितना गहरा खोदोगे?

साथ ही, बाकी के सस्ते कॉमेडियन और यूट्यूब के सितारों को भीड़ में सेंट वाला स्प्रे मारने से लेकर अतिथियों को लेमिनेटेड गुलाब बाँटने का काम मिला है। रवीश कुमार ने हँसते हुए बताया कि मोदी जी ‘निंदक नियरे राखिए’ का गलत प्रयोग कर रहे हैं। NDTV के गुप्त सूत्रों ने सस्ते कॉमेडियंस द्वारा आमंत्रण स्वीकार कर प्रांगण में पहुँचने को उनका बड़प्पन कहा है।

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