Wednesday, April 1, 2020

विषय

Satire

मोतीलाल नेहरू ने अपने पास बिठाकर लिखवाई थी तुलसीदास से रामचरितमानस, दिग्विजय सिंह की जानकारी अधूरी!

इस अप्रकाशित पुस्तक में यह भी खुलासा किया गया है कि जामवंत ने हनुमान को नहीं बल्कि जवाहरलाल नेहरू को उनका बल याद दिलाया था, इसके बाद ही वो स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे। साथ ही बताया गया था कि रावण ने मारीच नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह को स्वर्ण मृग बनाकर सीता माता के पास भेजा था।

दुनिया लॉकडाउन में लेकिन लल्लनटॉप अपने कर्मपथ से डिगा नहीं है

दी लल्लनटॉप अपनी ऑडियंस का ख़ास ध्यान रखते हुए उनके मतलब का फैक्ट चेक करते हुए यह भी साबित करते हुए देखा गया है कि सरसों के तेल से कोरोना वायरस से बचाव नहीं हो पाता है। यह वो ऑडियंस है जो दैनिक सस्ते इन्टरनेट की पूरी डेढ़ जीबी या तो टिकटॉक, या फिर दी लल्लनटॉप के चरणों में ही समर्पित करती है।

कोरोना ने कर दिखाया महिला-उत्थान: किचन में सब्जी बनाता, घर की सफाई करता और बर्तन माँजता व्यंग्यकार

पति सब्ज़ी बना रहे हैं, घरों की सफ़ाई कर रहे हैं, बर्तन माँज रहे हैं। महिला उत्थान का जो काम सुश्री वर्जीनिया वुल्फ़, सरोजिनी नायडू, इंदिरा गाँधी यहाँ तक कि लेडी माउंटबेटन तक ना कर सकी, वो आज कोरोनाजान ने कर दिखाया। इस परिवर्तन के काल ने मुझ जैसे कई पतियों को अपनी सुप्तप्राय प्रतिभा के प्रति जागरूक किया है।

ब्राह्मणों और जाटों से दूर रहेगा कोरोना? ये तस्वीर इतनी फेक है कि ‘ऑल्ट न्यूज’ ने भी फैक्टचेक नहीं किया

पीएम मोदी का साबुन वाला ट्वीट देखते ही 'भालू' ने अपने एक इंटर्न को एक कोरोना वायरस खोज कर उसका बयान लाने को कहा है। बयान ये होना चाहिए कि कोरोना साबुन से नहीं डरते। अन्य ख़बरों में दावा किया गया है कि उक्त इंटर्न मीडिया की नौकरी छोड़ कर सन्यस्थ हो गया है।

भगवान जब लोगों को अक्ल बाँट रहे थे, तब स्वरा भास्कर NRC के ‘रिलीवेंट सेक्शन्स’ पढ़ने में व्यस्त थी

अक्ल वितरण के कुछ दिन बाद अचानक 'इंटरनेट लिबरल्स' बिरियानी बाग़ में धरना देते देखे गए। जब पत्रकार उन तक पहुँचे तो लेफ्ट-लिबरल्स गिरोह ने कहा- "हमारा मकसद नागरिकता कानून नहीं, बल्कि कॉमन सेन्स और अक्ल वितरण में किया गया पक्षपात का विरोध है।"

चाय से लिट्टी-चोखा तक: लिट्टी-फेस्ट तो बस बहाना है, मनुवाद से लेकर पूँजीवाद जो लाना है

शाहीन बाग़ के लोग तो अब मनुवादी होते हुए कह रहे हैं, "हम देवता हैं, आकर हमारी पूजा करो तो हम मान जाएँगे। लेकिन आकर पूजा तो करो।" और प्रधानमंत्री के समर्थक उन्हे बार बार कह रहे हैं, "बुलाती है, मगर जाने का नहीं।"

वैज्ञानिक अल्बर्ट सिसोदिया की मदद से पहाड़ की हवा खींचकर दिल्ली की जनता को साफ़ हवा देंगे केजरीवाल

केजरीवाल जी ताजा-ताजा बने हनुमान भक्त हैं और भगवान श्री राम हनुमान जी के आराध्य हैं। इसलिए केजरीवाल जी ने दिल्ली की हवा को बिलकुल उसी तरह दण्ड देने का निर्णय लिया है, जिस प्रकार श्री राम ने समुद्र को सुखाने का निर्णय लिया था।

फेक न्यूज वाले पत्थर-विज्ञानी गंजे ने बताई पत्थर से वॉलेट बनाने के 101 तरीके

कम बालों वाले प्राणी ने कहा, "मैंने कहा कि वॉलेट है, अब इसमें तुम हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, गूगल, एचडी, क्रोमा, फ्लैट, लीनियर, लहसुन आदि छिड़काव करते हुए हजार शब्दों का आर्टिकल लिखो और साबित करो कि वॉलेट है। और हाँ, मार्च आ रहा है, तुम्हारा इन्क्रीमेंट इसी पर निर्भर करेगा कि ये वॉलेट बन पाता है कि नहीं।"

वैलेण्टाइन से पहले और बाद के नेता: ‘प्यार’ में खाया धोखा, गली-गली भटक रहा मतदाता

जिस प्रकार टेडी बियर, गुलाबों की चकाचौंध के पीछे प्रियतमा के द्वारा पकाया हुआ आलू का पराठा, और जानूँ के द्वारा कराया गया मुफ़्त फ़ोन रिचार्ज ही वो शक्ति है जो प्रेमसंबंधो में माधुर्य बनाए रखता है, बड़े-बड़े नारों के पीछे मुफ़्त संसाधनों का वचन और अपने वालों को जात-धर्म के झंडे के नीचे बाँधकर भीड़ जमा करने का माद्दा ही नेता और मतदाता के मध्य प्रेम को बनाए रखता है।

इकोनॉमी में कॉन्ग्रेस का 6.30 लाख का योगदान, जमानत बचाने वाले 3 नेताओं को शो कॉज नोटिस!

गुप्त सूत्र बताते हैं कि दिल्ली चुनाव से पहले ही कॉन्ग्रेस आलाकमान ने उच्चस्तरीय बैठक में सभी उम्मीदवारों को जमानत जब्त करवाने के निर्देश दिए थे। नतीजों के बाद जो तीन उम्मीदवार ऐसा नहीं कर पाए हैं अब वे पार्टी भी अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।

ताज़ा ख़बरें

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

जम्मू कश्मीर पर भारत को बदनाम करने में लगा है ध्रुव राठी, बलूचिस्तान पर साध लेता है चुप्पी

इसी बीच उसका एक और प्रोपेगंडा सामने आया है। वो कई देशों के स्वतंत्रता संग्राम पर भी वीडियो बनाता रहा है। इस दौरान वो जम्मू कश्मीर का नाम तो लेता है लेकिन कभी भी बलूचिस्तान के बारे में कुछ नहीं कहता।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

हमसे जुड़ें

169,296FansLike
52,729FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements