केजरीवाल करेंगे अपनी JCB लेकर खुदाई शुरू, कहा- अटेंशन के साथ नहीं कर सकते कोई समझौता

अरविन्द केजरीवाल ने बेहद भावुक कर देने वाले मार्मिक शब्दों में कहा, "मैं सिर्फ सड़कों पर लप्पड़ खाकर ही आखिर कब तक अटेंशन जुटाता रहूँगा? एक ओर स्वरोजगार का दिखावा करते हैं और दूसरी ओर मोदी जी चाहते हैं कि केजरीवाल के गाल रैपट खा-खाकर ही टेढ़े हो जाएँ, ये किस तरह की राजनीति है?"

लोकसभा चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल एकदम सुस्त पड़ गए हैं। देखा जाए तो आराम करने और रिफ्रेशमेंट के लिए नरेंद्र मोदी को नहीं बल्कि अरविन्द केजरीवाल को केदारनाथ की गुफा में ध्यान लगाने के लिए भेजा जाना चाहिए था। लेकिन अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से जो निरंतर और पूर्ण मनोरंजन का राज्य बनाने का भरोसा दिलाया है, वो उस पर अडिग हैं।

दिल्ली को पूर्ण मनोरंजन दिलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल ने कमर कसी ही थी कि नरेंद्र मोदी ने उनके काम में बाधा डालने के लिए एक और अड़ंगा डाल दिया, जिससे कि अरविन्द केजरीवाल को दिल्ली की जनता को पूर्ण मनोरंजन देने और बदले में सम्पूर्ण अटेंशन लेने में समस्या आने लगी है।

JCB को मिल रही है फुल TRP

सोशल मीडिया पर अचानक से जेसीबी की खुदाई ट्रेंड करता देख अरविन्द केजरीवाल के रोंगटे खड़े हो गए। जैसे ही उन्होंने सबसे हैंडसम व्यक्ति मनीष सिसोदिया से इस पूरे जेसीबी मामले की जानकारी माँगी, उन्हें पता चला कि मनीष सिसोदिया भी खुद निकटस्थ जेसीबी की खुदाई देखने निकल चुके हैं। यह देखकर अरविन्द केजरीवाल के आत्मसम्मान को बहुत ठेस लगी और उन्होंने आत्मचिंतन कर पता किया कि जनता जेसीबी की खुदाई में उनसे ज्यादा इंट्रेस्ट सिर्फ इसलिए ले रही है क्योंकि वो चुनाव में गठबंधन के लिए भीख माँगने की व्यस्तता के कारण
जनता को स्तरीय मनोरंजन देने में विफल रहे हैं और इसी वजह से उनका फैन बेस शिफ्ट होता जा रहा है।

चंदा माँगकर व्यक्तिगत JCB खरीदेंगे केजरीवाल

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जनता का सारा ध्यान जेसीबी की ओर जाता हुआ देखकर अरविन्द केजरीवाल ने ऑनलाइन जनमत संग्रह करने का फैसला लिया, जिसमें किसी के भी भाग न लेने को ही जनता की “हाँ” समझकर अरविन्द केजरीवाल ने व्यक्तिगत जेसीबी खरीदने का निर्णय लिया और अंततः पार्टी कार्यकारिणी में तय किया गया कि इसके लिए वो जनता से चंदा भी माँगेंगे। लेकिन जब उनके व्यक्तिगत सलाहकार ने केजरीवाल को याद दिलाया कि “सर जी! जब रैपट खाने से ही चंदा नहीं आया तो फिर जेसीबी लेकर स्टंट दिखाने के लिए कैसे आएगा? वो भी जब हर गली-मोहल्ले में लोगों को फ्री में जेसीबी की खुदाई देखने को मिल जाती है तो फिर वो आपको चंदा देकर जेसीबी खरीदकर मारक मजा लेने आपके पास क्यों आएँगे?”

इस तथ्य की गंभीरता को समझकर अरविन्द केजरीवाल को थोड़ा सा निराशा जरूर हुई, लेकिन उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उनसे JNU की फ्रीलांस प्रोटेस्टर और बलात्कार पीड़ितों के नाम पर चंदा इकठ्ठा कर के अकेले डकार जाने वाली हायब्रिड वामपंथ की डोमेस्टिक विचारक शेहला रशीद ने उनसे #मिशन_चंदा में सहयोग का वादा किया।

तीखी मिर्ची लिखे जाने तक आम आदमी वालंटियर्स और पार्ट टाइम वामपंथन शेहला रशीद के साथ कामरेड सड़कों पर लोगों से जेसीबी के आगे का पल्ला खरीदने लायक चंदा इकठ्ठा कर चुके थे। बाकी का चंदा उन्हें एक विश्वविद्यालय के छात्र ने अपनी स्कालरशिप देकर जुटाने की मदद की है, जिसके पीछे तर्क सिर्फ और सिर्फ पूंजीवादी बूर्जुआ जेसीबी के मनोरंजन पर एकाधिकार से जनता को निजात दिलाना बताया गया है।

मोदी जी ने नहीं दी खुदाई की परमिशन

अपनी व्यक्तिगत जेसीबी के माध्यम से जनता को पूरा मनोरंजन देकर सारी अटेंशन जुटाने के अरविन्द केजरीवाल के अरमानों को तब गहरा आघात लगा, जब उनकी यह फ़ाइल केंद्र सरकार द्वारा रोक दी गई और उन्हें अपनी व्यक्तिगत जेसीबी से खुदाई करने की इजाजत नहीं मिल पाई। गुस्साए अरविन्द केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर तुरंत इसमें सूँघकर मोदी और अमित शाह का हाथ बताते हुए खुलासा किया कि इस फ़ाइल को अनुमति न देने के पीछे भाजपा के इन्हीं दो नेताओं का हाथ है।

साथ ही, अरविन्द केजरीवाल ने बेहद भावुक कर देने वाले मार्मिक शब्दों में कहा, “मैं सिर्फ सड़कों पर लप्पड़ खाकर ही आखिर कब तक अटेंशन जुटाता रहूँगा? एक ओर स्वरोजगार का दिखावा करते हैं और दूसरी ओर मोदी जी चाहते हैं कि केजरीवाल के गाल रैपट खा-खाकर ही टेढ़े हो जाएँ और मैं मनोरंजन के नए आयाम न तलाश सकूँ ये किस तरह की राजनीति है?”

केजरीवाल के इस आरोप में उनके मशहूर ऑनलाइन ट्रोल और आँकड़ों यानी, फैक्ट एंड फिगर्स में बात करने वाले यूट्यूब एक्सपर्ट ध्रुव लाठी ने भी बताया कि मार्केट में ‘ऑलरेडी वन पॉइंट नाइन फाइव सिक्स हेक्सा डेसिमल‘ जेसीबी वर्किंग हैं जो मोदी जी ने विदेशी संस्थाओं के साथ टाई-अप कर के काम पर लगवाए हैं। इतने बड़े आँकड़ों को अंग्रेजी में इंटरनेट पर सुनने के बाद कई सोशल मीडिया विचारक और कॉन्सपिरेसी थ्योरी एक्टिविस्ट्स ने भी कहा है कि इतने बड़े आँकड़ों को अंग्रेजी में सुनने के बाद झूठा मानना बेवकूफी होगी।

इसके बाद केजरीवाल के वायदे के मुताबिक़, दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर लगाए गए CCTV कैमरा के माध्यम से एक तस्वीर जारी हुई है। जिसमें व्यक्तिगत जेसीबी से खुदाई तो दूर, दूसरे किसी जेसीबी की खुदाई करते हुए देखने से केंद्र सरकार ने अरविन्द केजरीवाल को परमिशन देने से इंकार कर दिए जाने पर केजरीवाल की फूट-फूट कर रोती हुई एक दुर्लभ किन्तु मार्मिक तस्वीर सामने आई है।

फासिस्ट सरकार द्वारा जेसीबी खुदाई और दिखाई की अनुमति ना मिलने पर कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन मौक़ा ए वारदात तक धरना देने के लिए अरविन्द केजरीवाल को उठाकर ले जाते हुए एकजुट आम आदमी कार्यकर्ता

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