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‘खतना’ ने ली 5 महीने के मासूम की जान, दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत

पिछले साल दिसंबर में भी रोम में इस प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए एक 2 साल के बच्चे के शरीर से अधिक खून बह जाने के कारण मृत्यु हो गई थी।

इटली में एक 5 महीने के मासूम को उस समय अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जब उसके माँ-बाप ने घर में ही उसका खतना करने का प्रयास किया। इसकी खबर की जानकारी इटली की मीडिया ने रविवार (मार्च 24, 2019) को दी।

एएनएसए न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक 5 महीने के बच्चे को शुक्रवार (मार्च 22, 2019) को बोलोन्या के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने के कारण हॉलीकॉप्टर से लाया गया, जहाँ उसी रात बच्चे की मौत हो गई। पूरे मामले की जाँच के लिए जाँच अधिकारियों ने बच्चे के शव का परीक्षण किया। जिसके बाद बच्चे की मौत के कारण का खुलासा हुआ।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि विदेशों में खतना के कारण किसी मासूम ने अपनी जान गवाई हो। पिछले साल दिसंबर में भी रोम में इस प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए एक 2 साल के बच्चे के शरीर से अधिक खून बह जाने के कारण मृत्यु हो गई थी। जबकि उस बच्चे का जुड़वा भाई भी लगभग मरने ही वाला था लेकिन गहन उपचार के बाद उसकी जान को बचा लिया गया था।

इस्लामिक मज़हब में खतना एक प्रचलित रिवाज है। हालाँकि, इटली में रोमन कैथोलिक लोगों द्वारा इसका अनुसरण नहीं होता लेकिन वहाँ रह रहे मुस्लिम शरणार्थियों के द्वारा ऐसा लगातार किया जाता है। इटली जैसे देश में कुछ लोगों के लिए डॉक्टर की देख-रेख में खतना कराना बहुत महँगी प्रक्रिया हैं। इसके अलावा इटली के कुछ अस्पतालों के डॉक्टर बच्चे के 4 साल पूरे होने से पहले खतना करने से भी मना कर देते है।

इस संदर्भ में पूरे मामले की गंभीरता को जानने के बाद भी इटली (AMSI) में विदेशी डॉक्टरों के संघ के संस्थापक, फोड ओदी ने स्वास्थ्य अधिकारियों से अपील की है कि वे सस्ते दामों पर खतने की अनुमति दें। बता दें कि इस रिवाज के चलते कई बच्चों ने अपनी जाने गवाई हैं, भारत में अभी पिछले महीने ही गलत तरीके से दो बार खतना होने के कारण नवजात की मौत हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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