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अयोध्या राम मंदिर में लगेंगी 3600 मूर्तियाँ, पत्थरों पर आकार दे रहे मूर्तिकार: शास्त्रों के आधार पर हो रहा निर्माण, देखिए तस्वीरें

"श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्तंभों, पीठिका तथा अन्य स्थानों पर सज्जित होने के लिए शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णित कथाओं के आधार पर सुंदर मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन मूर्तियों को निर्माण प्रक्रिया की सारिणी के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रस्थापित किया जाएगा।"

अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर आकार ले रहा है। जनवरी 2024 में रामलला गर्भगृह में विराजमान हो जाएँगे। अब यह जानकारी सामने आई है कि मंदिर परिसर में 3600 अन्य मूर्तियाँ भी लगाई जाएँगी। इनका निर्माण शास्त्रों के आधार पर हो रहा है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhumi Teerth Kshetra Trust) ने ऐसी ही कुछ मूर्तियों के निर्माण की तस्वीरें ट्वीट की है। साथ ही बताया है, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्तंभों, पीठिका तथा अन्य स्थानों पर सज्जित होने के लिए शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णित कथाओं के आधार पर सुंदर मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन मूर्तियों को निर्माण प्रक्रिया की सारिणी के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रस्थापित किया जाएगा।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ऐसी 3600 मूर्तियाँ मंदिर में स्थापित की जाएँगी।

मीडिया रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राम मंदिर 2023 के अंत तक आंशिक रूप से तैयार हो जाएगा। मंदिर का गर्भगृह दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। रामलला की मूर्ति 51 इंच की होगी, जिसे गर्भगृह में बने चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के बाद भक्त गर्भगृह में राम लला के दर्शन कर पाएँगे।

पिछले दिनों यह भी खबर आई थी कि धर्मनगरी अयोध्या को उत्तर प्रदेश पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की भी योजना बना रही है। राम मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर टेंट सिटी बनाने का फैसला किया है। इनमें अगले साल के अंत से ठहरा जा सकता है। अयोध्या आने वाले पर्यटकों के लिए 15,000 वर्गमीटर के दायरे में बनाया जा रहा टेंट सिटी यह अयोध्या में आने वाले कई नए होटलों की योजना का हिस्सा है। इनमेें प्रमुख पाँच सितारा होटल भी शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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