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22 साल पहले बिहार से चोरी हुई 1200 वर्ष पुरानी प्रतिमा इटली में मिली, ‘अवलोकितेश्वर पद्मपाणि’ की मूर्ति भारत को सौंपी गई

देवीस्थान कुंडलपुर मंदिर (बिहार) में करीब 1200 सालों तक सुरक्षित रहने के बाद इस मूर्ति को वर्ष 2000 में चोरी कर लिया गया था।

मोदी सरकार के शासनकाल में लगातार भारत से चोरी कर दूसरे देशों में ले जाई गई महत्वपूर्ण वस्तुएण देश में वापस लाई जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार (11 फरवरी 2022) को 8वीं-12वीं सदी की ‘अवलोकितेश्वर पद्मपाणि’ भगवान की मूर्ति बरामद की गई। इसे इटली के मिलान में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास के हवाले कर दिया गया है।

मूर्ति के मिलने पर बयान जारी कर भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा कि देवीस्थान कुंडलपुर मंदिर (बिहार) में करीब 1200 सालों तक सुरक्षित रहने के बाद इस मूर्ति को वर्ष 2000 में चोरी कर लिया गया था। पत्थर की बनी अवलोकितेश्वर पद्मपाणि की यह मूर्ति 8वीं-12वीं सदी की है। मूर्ति में भगवान बुद्ध अपने बाएँ हाथ में कमल लिए खड़े हैं।

गौरतलब है कि भगवान बुद्ध को ही ‘अवलोकितेश्वर पद्मपाणि’ कहा जाता है। बौद्ध धर्म में इसे बोधिस्तव कहा जाता है, जो कि बुद्धों की करुणा और दयाशीलता का प्रतीक है। वाणिज्य दूतावास का कहना है कि मूर्ति को लेकर जानकारियाँ सामने आई हैं कि इटली के मिलान आने से पहले ये मूर्ति कुछ समय के लिए फ्रांस के कला बाजार में रखी गई थी। इस धरोहर को वापस देश को दिलाने के लिए सिंगापुर इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट और आर्ट रिकवरी इंटरनेशनल ने अमह भूमिका अदा की है।

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में अमेरिका के दौरे से वापस आए तो वो अपने साथ 157 महत्वपूर्ण कलाकृतियों को वापस लाए थे। इसके बाद अन्नपूर्णा देवी की भी चोरी की गई मूर्ति को वापस लाया गया था। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, 1976 से 55 मूर्तियों को भारत लौटाया गया था, उनमें से लगभग 75 प्रतिशत 2014-2021 के दौरान प्राप्त की गई थीं। इसमें से 2014 के बाद 42 मूर्तियों को वापस देश में लाया गया था।

मंत्रालय ने कहा, “संस्कृति मंत्रालय उन प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिनकी विरासत का महत्व है और जिनका स्थानीय महत्व है। जिन लोगों से उनकी पैतृक विरासत छीन ली गई है उन लोगों में विश्वास फिर से स्थापित किया जाएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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