Thursday, September 23, 2021
Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिडूँगरपुर का देव सोमनाथ मंदिर: 108 खम्भों पर टिकी 3 मंजिलें, संरचना ऐसी कि...

डूँगरपुर का देव सोमनाथ मंदिर: 108 खम्भों पर टिकी 3 मंजिलें, संरचना ऐसी कि भूकंप भी बेअसर

मंदिर की खासियत है कि इसे बनाने में उपयोग हुए पत्थरों को इन खम्भों से जोड़ने में किसी भी प्रकार के पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है। ये पत्थर आपस में और इन खम्भों के साथ क्लैंप तकनीक के माध्यम से जुड़े हुए हैं।

भारत के मंदिरों की संरचना उनकी एक प्रमुख विशेषता मानी जाती है। हाल ही में ऑपइंडिया की मंदिरों की श्रृंखला में हमने होयसलेश्वर मंदिर के बारे में बताया था, जिसकी संरचना ही कुछ ऐसी थी कि उसके निर्माण में मशीनों के उपयोग की संभावना भी जताई जाती है। राजस्थान के डूँगरपुर में भी एक ऐसा शिव मंदिर स्थित है, जो 108 खम्भों पर टिका हुआ है और जिस पर भूकंप के झटकों का भी कोई असर नहीं होता है। हम बात कर रहे हैं देव सोमनाथ मंदिर की, जिसका नामकरण गाँव और वहाँ स्थित नदी के नाम पर हुआ है।

इतिहास

डूँगरपुर के उत्तर-पूर्व में 20 किमी दूर देव नामक गाँव में सोम नदी के किनारे स्थित होने के कारण ही मंदिर का नाम देव सोमनाथ पड़ा। मंदिर में प्राप्त शिलालेखों से यह जानकारी मिलती है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के दौरान राजा अमृतपाल के द्वारा कराया गया था। मंदिर में 14वीं शताब्दी के अस्पष्ट शिलालेख भी प्राप्त होते हैं, जिनसे यह संभावना व्यक्त की जाती है कि इस दौरान मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ होगा। वर्तमान में मंदिर भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है।

मंदिर के गर्भगृह में दो शिवलिंग स्थापित हैं। दोनों ही शिवलिंग स्वयंभू हैं और इनके विषय में कोई भी इतिहास ज्ञात नहीं है। गर्भगृह में इन दो शिवलिंगों के अलावा अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ भी स्थापित की गई हैं, जिनका निर्माण पत्थरों की सहायता से किया गया है।

मंदिर की संरचना

देव सोमनाथ मंदिर के विषय में पुरातत्व विभाग के द्वारा प्रदान की गई जानकारी से यह ज्ञात होता है कि इस मंदिर को मालवा शैली के अनुसार बनाया गया है। योजन आकार में निर्मित इस मंदिर में गर्भगृह, अंतराल और सभा मंडप हैं और साथ ही मंदिर में प्रवेश के लिए 3 द्वार हैं। मंदिर की छत पर भी शानदार नक्काशी की गई है।

यह मंदिर तीन मंजिला है, जो 108 खम्भों पर टिका हुआ है। इन खम्भों का निर्माण चूने और मिट्टी के गारे से हुआ है। मंदिर की खासियत है कि इसे बनाने में उपयोग हुए पत्थरों को इन खम्भों से जोड़ने में किसी भी प्रकार के पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है। बल्कि ये पत्थर आपस में और इन खम्भों के साथ क्लैंप तकनीक के माध्यम से जुड़े हुए हैं। इस तकनीक से जुड़े होने का फायदा यह है कि न तो मंदिर के पत्थर और न ही खम्भों पर भूकंप का कोई असर होता है।

देव सोमनाथ मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण मात्र एक रात में ही हुआ था। साथ ही गर्भगृह में स्थापित दोनों शिवलिंग के विषय में भी यही स्थानीय मान्यता है कि ये दोनों शिवलिंग अपने आप प्रकट हुए थे। जिस प्रकार मंदिर की स्थापत्य कला है, उससे अंदाजा लगाया जाता है कि इसका निर्माण गुजरात के प्रसिद्द सोमपुरा शिल्पकारों ने किया था लेकिन इसके विषय में स्पष्ट साक्ष्यों का अभाव है।

कैसे पहुँचें?

डूँगरपुर पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी हवाईअड्डा उदयपुर में स्थित है, जो मंदिर से लगभग 128 (किलोमीटर) किमी की दूरी पर है। इसके आलावा अहमदाबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 200 किमी है।

डूँगरपुर रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 30 किमी की दूरी पर है, जो देश के लगभग सभी बड़े शहरों से रेलमार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ है। राजस्थान, गुजरात और अन्य उत्तर भारतीय इलाकों से डूँगरपुर सड़क मार्ग से भी जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन बस सेवा का उपयोग करके आसानी से डूँगरपुर पहुँचा जा सकता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ओम द्विवेदी
Writer. Part time poet and photographer.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमेरिका में PM मोदी, क्वाड नेताओं से भी होगी बात- UNGA को करेंगे संबोधित: एयर इंडिया वन वाली तस्वीर सोशल मीडिया में छाई

चीनी कोरोना वायरस के संक्रमण में पूरी दुनिया के घिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली बड़ी विदेश यात्रा पर अमेरिका पहुँचे हैं।

कौन हैं ‘बोल ना आंटी आऊँ क्या’ वाले ओपी मिश्रा, न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा रद्द होने के बाद क्यों हो रही उनकी चर्चा

सूचना मंत्री ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओम प्रकाश मिश्रा नाम के भारतीय शख्स ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल की पत्नी को धमकी भरा मेल भेजा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,886FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe