Wednesday, December 8, 2021
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यही तो है असली आज़ादी, अच्छे दिन: सालों बाद जगमगाया श्रीनगर का शंकराचार्य शिव मंदिर, बढ़ी रौनक

"शिवरात्रि के अवसर पर सुबह की बेला से ही पूजा-पाठ शुरू हो जाता है। हमने एक ख़ास पूजा का भी आयोजन किया था, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं से लेकर सुरक्षा बलों के जवानों तक ने हिस्सा लिया। महाशिवरात्रि के इस त्यौहार के अवसर पर हमने जम्मू कश्मीर में शांति बहाली हेतु प्रार्थना की।"

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित शंकराचार्य शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर वर्षों बाद रौनक देखने को मिली। जहाँ पहले श्रद्धालु आतंकियों के भय से ठीक से जा भी नहीं पाते थे, वहाँ भारी संख्या में भक्तों ने पहुँच कर महादेव का दर्शन किया। शुक्रवार (फरवरी 21) की शाम के बाद वहाँ ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जैसा पिछले कुछ दशकों में शायद ही देखने को मिला हो। पूरा मंदिर प्रकाश से जगमग था और फूलों से सजाया गया था। पर्व के अवसर पर महा अभिषेक सहित कई अन्य प्रकार के पूजा-पाठ का आयोजन किया गया।

जम्मू कश्मीर दौरे पर पहुँचे पर्यटकों ने भी इस मौके पर भगवान शिव का दर्शन किया। आसपास के इलाक़ों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों ने भी देवाधिदेव भगवान महादेव के मंदिर में जाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर के मुख्य पुजारी राकेश भान शास्त्री ने कहा; शिवरात्रि के अवसर पर सुबह की बेला से ही पूजा-पाठ शुरू हो जाता है। हमने एक ख़ास पूजा का भी आयोजन किया था, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं से लेकर सुरक्षा बलों के जवानों तक ने हिस्सा लिया। महाशिवरात्रि के इस त्यौहार के अवसर पर हमने जम्मू कश्मीर में शांति बहाली हेतु प्रार्थना की।”

लोगों ने लम्बी लाइन में लग कर भगवान शिव को पुष्प, दूध और जल अर्पण किया। इस दौरान भक्तों के कश्मीरी पंडितों के लिए भी प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो भी लोग कश्मीर दौरे पर आते हैं, उन्हें शंकराचार्य शिव मंदिर में दर्शन ज़रूर करना चाहिए। महाशिवरात्रि को जम्मू कश्मीर में ‘हेराथ’ कहते हैं। मंदिर व आसपास के इलाकों में ‘बम बम भोले’ की गूँज सुनाई दे रही थी। बिहार और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि यहाँ आकर एक तरह से उनका पुराना सपना पूरा हो गया है क्योंकि पिछले कुछ सालों में ये संभव नहीं था।

पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि दशकों बाद शंकरायचर्य शिव मंदिर की रौनक यह बताती है कि यही असली आज़ादी है, हमने असली आज़ादी पा ली है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने लिखा कि हम तो ये भूल ही गए थे कि दक्षिण के संत शंकरायाचार्य का एक मंदिर सुदूर उत्तर में स्थित श्रीनगर में भी है। जबलपुर के विधायक इन्दु तिवारी ने मंदिर का जगमगाता फोटो शेयर करते हुए लिखा कि हमारे लिए तो यही अच्छे दिन हैं। ‘न्यूज़ नेशन’ के दीपक चौरसिया ने भी इस बात कि पुष्टि की कि कई सालों बाद ये मंदिर जगमगाया है।

कश्मीरी पंडितों के लिए महाशिवरात्रि का ख़ास महत्व है और ये त्यौहार 3 दिनों का होता है। पहले दो दिन विभिन्न प्रकार के पूजा-पाठ होते हैं और तीसरे दिन सब साथ मिल कर इसे मनाते हैं। ये भी जानने लायक बात है कि कश्मीरी पंडित समुदाय विशेष को भी इस त्यौहार का हिस्सा बनाते रहे हैं और उन्हें बुला कर खिलाते रहे हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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