Tuesday, September 21, 2021
Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिकाशी विश्वनाथ मंदिर में फिलहाल कोई ड्रेस कोड नहीं लागू: प्रशासन ने किया खंडन

काशी विश्वनाथ मंदिर में फिलहाल कोई ड्रेस कोड नहीं लागू: प्रशासन ने किया खंडन

प्रस्ताव के अनुसार, स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड तय करने पर चर्चा हुई है। लेकिन सामान्य दर्शन के लिए साड़ी या धोती-कुर्ते जैसे ड्रेस कोड तय करने की बात नहीं हुई।

सोमवार (जनवरी 13, 2020) को ख़बर आई थी कि काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। कई बड़े संस्थानों ने इस ख़बर को चलाया था। अब, वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस ख़बर को नकार दिया है। सभी मीडिया संस्थानों को वीडियो के माध्यम से सम्बोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि एक औपचारिक बैठक के दौरान ऐसा सुझाव दिया गया था लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। कमिश्नर अग्रवाल ने कहा कि मीडिया में चल रही ख़बरें ग़लत हैं और वो उनका खंडन करते हैं।

मीडिया ने ख़बरें चलाई थीं कि पुरुषों के लिए कुर्ता-धोती और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है, अगर वो स्पर्श दर्शन करना चाहते हैं। सच्चाई ये है कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सुबह 4-11 बजे तक होने वाली स्पर्श दर्शन में ऐसा ड्रेस कोड लागू करने का प्रस्ताव दिया गया था। अभी तक ये प्रस्ताव लागू नहीं किया गया है और न ही ऐसा कोई नियम बना है। इस बैठक में वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा शामिल थे। वो मंदिर न्यास के सीईओ भी हैं।

काशी विद्वत परिषद के रामनारायण द्विवेदी ने ऑपइंडिया को बताया कि परिषद की बैठक में ये प्रस्ताव रखा गया था कि सुबह की आरती और दर्शन के समय जो लोग शिवलिंग का स्पर्श दर्शन करना चाहते हैं या फिर स्पर्श कर के पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए ड्रेस कोड तय किए जाएँ। प्रस्ताव के अनुसार, स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड तय करने पर चर्चा हुई है। लेकिन सामान्य दर्शन के लिए साड़ी या धोती-कुर्ते जैसे ड्रेस कोड तय करने की बात नहीं हुई।

इस बैठक में काशी विद्वत परिषद के प्रोफेसर वशिष्ठ त्रिपाठी, प्रोफेसर रामचंद्र पांडेय, प्रोफेसर रामकिशोर, प्रोफेसर दिनेश गर्ग और प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी शामिल थे। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ मंत्री नीलकंठ त्रिपाठी और न्यास के सीईओ भी शामिल थे। प्रोफ़ेसर रामनारायण द्विवेदी ने ऑपइंडिया को बताया कि परिषद का काम सुझाव देना है और मंदिर प्रशासन नियम को लागू करता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस राजस्थान में सबसे ज्यादा रेप, वहाँ की पुलिस भेज रही गंदे मैसेज-चौकी में भी हो रही दरिंदगी: कॉन्ग्रेस है तो चुप्पी है

NCRB 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में जहाँ 5,310 केस दुष्कर्म के आए तो वहीं उत्तर प्रेदश में ये आँकड़ा 2,769 का है।

आज पाकिस्तान के लिए बैटिंग, कभी क्रिकेट कैंप में मौलवी से नमाज: वसीम जाफर पर ‘हनुमान की जय’ हटाने का भी आरोप

पाकिस्तान के साथ सहानुभूति रखने के कारण नेटिजन्स के निशाने पर आए वसीम जाफर पर मुस्लिम क्रिकेटरों को तरजीह देने के भी आरोप लग चुके हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,586FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe