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भक्तों के लिए अयोध्या में बसाया गया टिन का नगर तीर्थक्षेत्रपुरम: प्राण-प्रतिष्ठा के बाद 48 दिनों की ‘मंडल पूजा’, देश भर से पहुँचेंगे साधु-संत और कारसेवकों के परिजन

इसके लिए सभी शंकराचार्य महामण्डलेश्वर सिख और बौद्ध पंथ के शीर्ष संतों को बुलावा भेजा गया है। स्वामी नारायण, आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, किसान, कला जगत के अहम लोगों को आमंत्रित किया गया है।

‘मेरे राम आएँगे’ की गूँज पूरी अयोध्या में सुनाई दे रही है और ये पावन नगरी रामलला के स्वागत के लिए तैयार है। 22 जनवरी, 2024 में होने जा रहे रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। लगभग 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हिन्दुओं का एक सपना साकार हो रहा है, उन्हें न्याय मिल रहा है, उनके बलिदान का फल मिल रहा है।

आखिर वो दिन आने वाला है। इसके लिए कहीं लंगर चल रहा है तो कहीं टिन का अस्थायी नगर बसाया जा रहा है। इसे लेकर ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट’ की तरफ से इस समारोह का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 22 जनवरी, 2024 को भगवान रामलला (Ramlala Pran Pratishtha) की प्राण-प्रतिष्ठा करने अयोध्या आएँगे। न सिर्फ एक पीएम के रूप में, बल्कि एक राम भक्त के तौर पर भी। उन्होंने ये खुद कहा है कि वो राम लला की नगरी एक आम भक्त के तौर पर जाएँगे।

इस समारोह को बेहद भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। रामलला की जब प्राण-प्रतिष्ठा होगी देश के सभी बड़े मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी। पूरे देश एक होकर रामलला के रंग में रंग जाएगा।

इसके लिए मुख्य समारोह से 6 दिन पहले यानी 16 जनवरी, 2024 से ही अयोध्या में राम का गुणगान और उनके रामराज्य सा नजारा दिखना शुरू हो जाएगा। इस समारोह में देश के सभी महान साधु-संतों, देश का मान बढ़ाने वाली हस्तियों सहित कारसेवकों उनके परिजनों और पत्रकारों (1984 से 1992) को आमंत्रण दिया गया है।

16 जनवरी से शुरू होगी पूजा अर्चना

रामलला को मंदिर में विराजमान करने के लिए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का पूजन 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इसमें काशी के गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, लक्ष्मीकांत दीक्षित (कर्मकांड) पूजा संपन्न कराएँगे। प्राण-प्रतिष्ठा पूजन के बाद 48 दिन की मंडल पूजा होगी। इसे अभिषेक समारोह को विश्वप्रसन्न तीर्थ अपने नेतृत्व में पूरी करवाएँगे। सभी संप्रदायों से लगभग 4000 संत इस समारोह की शोभा बढ़ाएँगे।

इसके लिए सभी शंकराचार्य, महामण्डलेश्वर, सिख और बौद्ध पंथ के शीर्ष संतों को बुलावा भेजा गया है। स्वामी नारायण, आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, किसान, कला जगत के अहम लोगों को आमंत्रित किया गया है।

रामलला के भोलेपन को जीवंत करने वाली मूर्ति

राम लला की मूर्तियाँ तीन मूर्तिकार गणेश भट्ट, अरुण योगीराज और सत्यनारायण पांडे बना रहे हैं। इन तीनों की बनाई उस मूर्ति को चुना जाएगा जो एक 5 साल के बच्चे की कोमलता और उसके भोलेपन को हूबहू जीवंत करती दिखती हो।

भक्तों के लिए टिन का नगर तीर्थक्षेत्रपुरम

रामलला के भक्तों के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। इसके लिए खासतौर से टिन का नया नगर तीर्थक्षेत्रपुरम (बाग बिजैसी) बसाया गया है। इसमें पानी के लिए छह नलकूप, खाने के लिए छह रसोई घर तो है हीं। इसके साथ ही सेहत संबंधी सुविधाओं के लिए 10 बिस्तरों वाला एक अस्पताल बनाया जा रहा।

देशभर के लगभग 150 डॉक्टर इसमें बारी-बारी से अपनी सेवाएँ देंगे। इसके साथ ही नगर के कोने -कोने में लंगर, भोजनालय, भण्डारा, अन्नक्षेत्र चलाए जाएँगे, ताकि राम की नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को खाने-पीने की परेशानी न हो। उन्हें लगे राम राज्य में होने का वास्तविक आभास हो सकें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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