Thursday, January 20, 2022
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भारत विरोध का गढ़ बन चुके तुर्की पहुँचे आमिर खान, वहाँ की मिनिस्ट्री के समर्थन से करेंगे फ़िल्म शूटिंग

बता दें कि जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आए थे तब तीनों खान ने उनका बहिष्कार किया था। कई बॉलीवुड हस्तियों को उनसे मिलने के लिए आमंत्रण दिया गया था, लेकिन आमिर खान सहित तीनों खान नहीं पहुँचे।

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी अगली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के लिए तुर्की पहुँच गए हैं। तुर्की के ‘कल्चर एंड टूरिज्म मिनिस्ट्री’ ने इसकी सूचना दी है। आमिर की अगली फिल्म टॉम हैंक अभिनीत अंग्रेजी की 1994 की फिल्म ‘फारेस्ट गंप’ की रीमेक है। इसकी आधी शूटिंग हो चुकी है, बाकी बची आधी फिल्म को तुर्की में ही फिल्माया जाएगा। बता दें कि फ़िलहाल भारत विरोधी रुख को लेकर तुर्की चर्चा में है।

बताया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण आपदा की वजह से भारत में शूटिंग करना संभव नहीं हो पा रहा है, इसीलिए आमिर खान तुर्की गए हैं। तुर्की की मीडिया का कहना है कि आमिर खान वहाँ की तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिनेमा के लिए एडवांस फ़ैसिलिटी और वर्कफोर्स कैपेसिटी से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने वहाँ के दौरों मे इन चीजों को देखा था। तुर्की का पर्यटन मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है।

सोशल मीडिया पर आमिर खान की तुर्की की तस्वीरें वायरल हैं, जिसमें वो मास्क लगाए दिख रहे हैं। उजले बालों में दिख रहे आमिर खान के साथ कुछ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। इससे पहले कोलकाता और चंडीगढ़ में इस फिल्म की शूटिंग हुई थी। ‘लाल सिंह चड्ढा’ का निर्देशन अद्वैत चंदन ने किया है। इस फिल्म में करीना कपूर बतौर मुख्य अभिनेत्री काम कर रही हैं। ये आमिर खान की महत्वाकांक्षी फिल्म है।

बता दें कि अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर तुर्की ने पाकिस्तान की बातों का समर्थन किया था। इसके बाद वह भारत विरोधी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। तुर्की में पनप रहे इस नए तरह के आतंकवाद को कोई और नहीं बल्कि वहाँ की एर्दोगन सरकार खुद बढ़ावा दे रही है। तुर्की की तरफ से भारत के लोगों को कट्टर बनाने की भरपूर कोशिश जारी है। इतना ही नहीं तुर्की भारत के कट्टरपंथियों को और कट्टर बना कर उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करना चाहता है।

अक्टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना तुर्की दौरा रद्द कर दिया था। तुर्की द्वारा जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के बाद भारत ने अपनी विदेश नीति में बड़ा बदलाव करते हुए तुर्की की आलोचना की थी। तुर्की लगातार कुर्दिश और सीरिया के लोगों की हत्या कर रहा है, जिसकी भारत ने आलोचना की थी। भारत ने कुर्द की स्वतंत्रता का समर्थन किया था। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर उसकी सम्प्रभुता को समर्थन दिया था।

बता दें कि जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आए थे तब तीनों खान ने उनका बहिष्कार किया था। कई बॉलीवुड हस्तियों को उनसे मिलने के लिए आमंत्रण दिया गया था, लेकिन आमिर खान सहित तीनों खान नहीं पहुँचे। कई लोगों ने तब ‘असली हीरो’ कह कर उनकी तारीफ की थी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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