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मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन: मात्र 3 साल की उम्र में बतौर बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी करियर की शुरआत

सरोज खान ने महज 3 साल की उम्र से से ही नृत्य करना शुरू कर दिया था। करियर की शुरुआत में वो बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करती थी। उन्हें 1974 में 'गीता मेरा नाम' के साथ एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में पहला ब्रेक मिला। सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था। परिवार में उनके पति बी. सोहनलाल है और एक बेटा और दो बेटियाँ थी। जिनका नाम हामिद खान, हिना खान और सुकना खान हैं।

बॉलीवुड की मशहूर कोरियाग्राफर सरोज खान का शुक्रवार (3 जुलाई, 2020) देर रात निधन हो गया है। वह 71 साल की थीं। सरोज खान को साँस लेने में तकलीफ थी। जिसके चलते 17 जून को ही उन्हें मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहाँ आज रात 1.52 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनका कोविड 19 टेस्ट भी हुआ था, जोकि निगेटिव आया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरोज खान का अंतिम संस्कार शुक्रवार को मुंबई स्थित चारकोप कब्रिस्तान में किया जाएगा। कोरोना वायरस काल में सरोज खान का निधन फिल्मी सितारों की दुनिया के लिए एक और झटका है। सरोज खान के परिवार से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया था कि सरोज के स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज करने की भी बात कहीं गई थी।लेकिन अचानक देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

चार दशक के लंबे करियर में सरोज खान को 2,000 से ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी करने का श्रेय हासिल है। सरोज खान को अपनी कोरियोग्राफी के चलते 3 बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका था। जिसमें फिल्म देवदास का डोला-रे-डोला, माधुरी दीक्षित की फिल्म तेजाब के यादगार आइटम सॉन्ग एक-दो-तीन और साल 2007 में आई फिल्म जब वी मेट के सॉन्ग ये इश्क… गाने शामिल हैं।

सरोज खान काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया से अलग रहीं मगर अभी हाल ही में उन्होंने मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झाँसी और कलंक में एक-एक गाना कोरियोग्राफ किया था। करण जौहर की फिल्म कलंक में तबाह हो गए गाने को कोरियोग्राफ किया था। जोकि उनका अंतिम गाना है। इस गाने में माधुरी दीक्षित नजर आई थीं। यह फिल्म 2019 में रिलीज हुई थी।

बता दें कि सरोज खान ने महज 3 साल की उम्र से से ही नृत्य करना शुरू कर दिया था। करियर की शुरुआत में वो बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करती थी। उन्हें 1974 में ‘गीता मेरा नाम’ के साथ एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में पहला ब्रेक मिला। सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था। परिवार में उनके पति बी. सोहनलाल है और एक बेटा और दो बेटियाँ थी। जिनका नाम हामिद खान, हिना खान और सुकना खान हैं।

सरोज खान ने 1986 से लेकर 2019 तक हजारों की संख्या में बॉलीवुड फिल्मों में गानों को कोरियोग्राफ किया था, जिसमें ‘निंबुड़ा-निंबुड़ा’, ‘एक दो तीन’, ‘डोला रे डोला’, ‘काटे नहीं कटते’, ‘हवा-हवाई’, ‘ना जाने कहाँ से आई है’, ‘दिल धक-धक करने लगा’, ‘हमको आजकल है इंतजार’, ‘चोली के पीछे’ जैसे कई सुपरहिट और आइकोनिक गाने शामिल हैं।

सरोज खान ने ‘तेजाब’, ‘खलनायक’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चालबाज’, ‘नगीना’, ‘चाँदनी’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘देवदास’ जैसी कई हिट फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया था। फ़िल्मी सेलेब्रिटीज़ के साथ-साथ आम जनता भी उनसे डांस सीखने के लिए हमेशा बेताब रहती थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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