Sunday, September 26, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजनफातिमा शेख के साथ थप्पड़-घूँसा... जब जमीन पर गिर गईं, तब पापा को कॉल...

फातिमा शेख के साथ थप्पड़-घूँसा… जब जमीन पर गिर गईं, तब पापा को कॉल किया: सुनाई आपबीती

“मेरे थप्पड़ मारते ही उसने मुझे घूँसा मार दिया और मैं गिर गई। उसके बाद मैंने तुरंत अपने पापा को कॉल किया... वो आकर खड़े होकर चिल्ला रहे थे- कौन था, जिसने मेरी बेटी को हाथ लगाया।”

दंगल फिल्म में गीता फोगाट का किरदार निभाकर हर घर में अपनी पहचान बनाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा शेख ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया। पिंकविला से बातचीत में फातिमा ने अपने ऊपर हुए एक हमले की चर्चा की। इससे पहले वह एक साक्षात्कार में बता चुकी हैं कि उन्हें कैसे इंडस्ट्री में कई बार कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा।

अपने साक्षात्कार में फातिमा ने बताया, “जिम के बाद मैं रास्ते में जा रही थी। एक लड़का आया और घूरने लगा। मैंने बोला- घूर क्या रहा है। वो बोला- घूरूँगा मेरी मर्जी। मैंने कहा- मार खानी है। वो बोला- हाँ मार।” इसके बाद दोनों के बीच आपसी बहस हो गई। तभी फातिमा ने तंग आकर उसे थप्पड़ मार दिया।

फातिमा के मुताबिक, “मेरे थप्पड़ मारते ही उसने मुझे घूँसा मार दिया और मैं गिर गई। उसके बाद मैंने तुरंत अपने पापा को कॉल किया और पूरा वाकया बताया। पापा तुरंत दो चार लोगों को अपने साथ लेकर मेरे पास पहुँचे, तब तक वो लड़का भाग गया था। मेरे पापा, मेरा भाई और उसके दोस्तों के साथ वहाँ खड़े होकर चिल्ला रहे थे- कौन था, जिसने मेरी बेटी को हाथ लगाया।”

बता दें कि इससे पहले एक इंटरव्यू में फातिमा ने कास्टिंग काउच पर बड़ा बयान दिया था। फातिमा ने कहा था, “बेशक मैं भी कास्टिंग काउच का शिकार हुई हूँ। मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ है, जब मेरे को कहा गया था कि अगर काम चाहिए तो सेक्स करना पड़ेगा। वहीं कई बार मेरे प्रोजेक्टस भी दूसरे लोगों के पास पहुँच गए, क्योंकि उनके पास रिफरेंस था।”

फातिमा ने अपने एक इंटरव्यू में ये भी बताया कि उनका शुरू में कैसे मनोबल गिराया गया। वह बोलीं, “मुझे कई बार ये सुनना पड़ा कि तुम कभी हीरोइन नहीं बन सकोगी। तुम दीपिका पादुकोण या ऐश्वर्या राय की तरह नहीं दिखती हो। कैसे हीरोइन बनोगी। कई लोग आपका मनोबल गिराने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन आज जब मैं मुड़कर देखती हूँ तो सोचती हूँ कि ठीक है, ये लोग खूबसूरती को इस पैमाने से देखते हैं कि एक ऐसी दिखने वाली लड़की ही हीरोइन बन सकती है। मैं इनके साँचे में फिट नहीं बैठती, मैं दूसरे साँचे के लिए हूँ। लेकिन अब कई अवसर हैं। मेरे जैसे लोगों के लिए भी फिल्में बनती हैं, जो सुपरमॉडल्स की तरह नहीं बल्कि नॉर्मल और दिखने में औसत हैं।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर तोड़े, गाँव के गाँव मुस्लिम बना दिए, राजाओं का भी धर्मांतरण: बंद हो जिहादी सूफियों को ‘संत’ कहना, वामपंथियों ने किया गुणगान

उदाहरण से समझिए कि जिन सूफियों को 'संत' कहा गया, वो 'काफिरों के इस्लामी धर्मांतरण' के लिए आए थे। मंदिर तोड़े। सुल्तानों का काम आसान करते थे।

मंदिर में ‘सेकेंड हैंड जवानी’ पर डांस, वायरल किया वीडियो: इंस्टाग्राम मॉडल की हरकत से खफा हुए महंत, हिन्दू संगठन भी विरोध में

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित एक मंदिर में आरती साहू नाम की एक इंस्टाग्राम मॉडल ने 'सेकेंड हैंड जवानी' पर डांस करते हुए वीडियो बनाया, जिससे हिन्दू संगठन नाराज़ हो गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,410FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe