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उदयपुर का वो महादेव मंदिर, जहाँ हर दिन जल चढ़ाते थे इरफ़ान खान, गायों को खुद खिलाते थे चारा

जैसे ही वो लोग होटल से निकलते तो इरफ़ान खान सबसे पहले महादेव के मंदिर जाते वहाँ जल चढ़ाते और गाय को चारा और कुत्तों को रोटी भी खिलाते थे, ये उनका रुटीन था। इसके बाद ही इरफ़ान फिल्म की शूटिंग पर जाते थे।

बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान के निधन के बाद वह लगातार इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। लम्बी बिमारी के बाद आखिरी सॉंस लेने के बाद से ही इरफ़ान खान के बाद उनके द्वारा मजहब की कट्टरताओं पर उनके बयान चर्चा का विषय हैं। इसके साथ ही इरफ़ान खान की कुछ पुरानी ऐसी ख़बरें भी फिरसे शेयर की जा रही हैं जिनमें देखा जा रहा है कि वो मंदिर भी जाया करते थे और गाय से भी प्रेम करते थे।

महादेव मंदिर जाते थे इरफ़ान

आज से ठीक एक साल पहले इरफ़ान खान उदयपुर में अपनी फिल्म इंग्लिश मीडियम की शूटिंग के लिए गए थे। यह अनुभव उदयपुर में इरफान के ड्राइवर रहे नरपत सिंह आसिया ने शेयर किए हैं। उन्होंने बताया कि वो करीब 45 दिन तक इरफ़ान के साथ रहे। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर सर्वेश शर्मा की यह स्टोरी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

इरफान के ड्राइवर रहे नरपत सिंह ने भावुक होकर बताया कि इरफान उनके गाँव कड़िया भी आए थे। वहाँ वो खेत में घूमे, बाड़े में गाय-बछड़ों को दुलारते। यही नहीं जब नरपत सिंह की माँ ने इरफान को आराध्य श्रीनाथजी की तस्वीर दी तो उन्होंने उसे सर से भी लगाया। इरफ़ान की मृत्यु से दुखी नरपत सिंह ने कहा कि इरफ़ान उनकी माँ द्वारा बनाई हुई चाय के लिए कहते थे कि यह एकदम उनकी अम्मी की बनाई हुई चाय जैसी है।

नरपत सिंह के परिवार के साथ इरफ़ान खान

ड्राइवर नरपत सिंह ने बताया कि जैसे ही वो लोग होटल से निकलते तो इरफ़ान खान सबसे पहले महादेव के मंदिर जाते वहाँ जल चढ़ाते और गाय को चारा और कुत्तों को रोटी भी खिलाते थे, ये उनका रुटीन था। इसके बाद ही इरफ़ान फिल्म की शूटिंग पर जाते थे।

भारत लौटकर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में किया था हवन

वर्ष 2018 में इरफान जब लंदन में अपनी बीमारी न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज करा रहे थे तो उनके दिवाली के समय चुपके से 2 दिन के लिए भारत आने की बात सामने आई थी। रिपोर्ट्स में बताया गया कि इरफान भारत आने के बाद सीधे नासिक के त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर में गए और वहाँ पर उन्होंने पूजा और हवन भी किया था।

वेबसाइट स्पॉटबॉय के अनुसार इरफान 2 दिन के निजी काम के लिए भारत आए थे। उन्होंने इसकी भनक किसी को लगने नहीं दी। इरफान नासिक के पास त्र्यंबकेश्वर मंदिर गए, जहाँ उन्होंने भगवान शिव की पूजा की। इरफान भारत में केवल 2 दिन रहे और वापस लंदन लौट गए।

इरफ़ान खान को वर्ष 2018 में पता चला था कि वह न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए इरफान खान लंदन भी गए थे और करीब साल भर इलाज कराने के बाद वह वापस भारत लौटे। इरफान खान अपने इलाज के कारण काफी दिनों तक बॉलीवुड से भी दूर रहे थे।

हालाँकि, लंदन से स्वस्थ होकर लौटने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में वापसी की और अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग भी की थी। इरफान खान को बीते दिन वर्सोवा के कब्रिस्तान में दफनाया गया। देशव्यापी लॉकडाउन के कारण उनकी अंतिम विदाई में केवल 20 लोग ही शामिल हो पाए। उनकी मौत के बाद इस्लामिक कट्टरपंथी उनकी आस्था और विश्वास के कारण उनके खिलाफ लगातार घृणा से भरे हुए बयान देते हुए देखे जा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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