Wednesday, June 12, 2024
Homeविविध विषयमनोरंजनकंगना जब हवाई जहाज में थीं तो 9 रिपोर्टर-कैमरामैन टूट पड़े थे कुछ बुलवाने...

कंगना जब हवाई जहाज में थीं तो 9 रिपोर्टर-कैमरामैन टूट पड़े थे कुछ बुलवाने को, इंडिगो ने लगाया सभी पर बैन

कंगना रनौत और शिवसेना के बीच चले घमासान को कवर कर रहे कई मीडियाकर्मी भी पल-पल की खबर देने के लिए इंडिगो की उस फ्लाइट में बैठ गए थे, जिसमें कंगना थीं। जिस वजह से फ्लाइट में अफरा-तफरी मची और...

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस कंगना रनौत और शिवसेना के बीच चले घमासान के दौरान एक बार वो हिमाचल से मुंबई लौट रही थीं। सुर्खियों में चल रहे इस विवाद को कवर कर रहे कई मीडियाकर्मी भी पल-पल की खबर देने के लिए इंडिगो (Indigo) की उनकी फ्लाइट में बैठ गए थे। जिस वजह से फ्लाइट में काफी अफरा तफरी मची। वहीं अब इंडिगो ने इस फ्लाइट में सवार 9 मीडियाकर्मियों पर 15 दिन की यात्रा का प्रतिबंध लगा दिया है।

एयरलाइन कंपनी इंडिगो की एक आंतरिक कमेटी की सिफारिश के बाद इन पत्रकारों को 15 से 30 अक्टूबर तक बैन किया गया है। इंडिगो के अनुसार इन लोगों का व्‍यवहार फ्लाइट में अच्‍छा नहीं था। यह एयरलाइंस के नियमों के विरुद्ध है। 9 सितंबर को इंडिगो की एक फ्लाइट में कई पत्रकारों के कथित उपद्रवी व्यवहार के बाद यह कमेटी इस मामले को देख रही थी।

डायरेक्‍टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो से 9 सितंबर की घटना का संज्ञान लेते हुए इस सिलसिले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। डीजीसीए ने विमानन कंपनी को कहा था कि चंडीगढ़ से मुंबई जा रही फ्लाइट में हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। कंगना इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-264 में पहली रो में बैठी थीं। विमान में सवार मीडियाकर्मी इस दौरान उनकी बाइट लेने के लिए मानो टूट पड़े थे।

DGCA के इस आदेश के बाद इंडिगो ने रेगुलेटर को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा गया कि कंपनी के क्रू ने सभी जरूरी प्रोटोकॉल फॉलो किया था। इस प्रोटोकॉल में फोटोग्राफी न करने, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने और ओवरऑल सेफ्टी बनाए रखने का अनाउंसमेंट शामिल था। डीजीसीए ने कहा कि अब यात्री ऐसा कोई डिवाइस इस्तेमाल नहीं कर सकते, जिससे भीड़-भाड़ हो, लोगों की सुरक्षा को खतरा हो या फ्लाइट खतरे में पड़ जाए।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लड़की हिंदू, सहेली मुस्लिम… कॉलेज में कहा, ‘इस्लाम सबसे अच्छा, छोड़ दो सनातन, अमीर कश्मीरी से कराऊँगी निकाह’: देहरादून के लॉ कॉलेज में The...

थर्ड ईयर की हिंदू लड़की पर 'इस्लाम' का बखान कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया और न मानने पर उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई।

जोशीमठ को मिली पौराणिक ‘ज्योतिर्मठ’ पहचान, कोश्याकुटोली बना श्री कैंची धाम : केंद्र की मंजूरी के बाद उत्तराखंड सरकार ने बदले 2 जगहों के...

ज्तोतिर्मठ आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्‍थली रही है। माना जाता है कि वो यहाँ आठवीं शताब्दी में आए थे और अमर कल्‍पवृक्ष के नीचे तपस्‍या के बाद उन्‍हें दिव्‍य ज्ञान ज्‍योति की प्राप्ति हुई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -