Sunday, May 19, 2024
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‘बेकार आवाज वाली लता ने लोगों के करियर बर्बाद किए’: लिबरलों की दुलारी ‘कावेरी’ को नेटिजन्स ने लताड़ा

कावेरी ने लता मंगेशकर को लेकर ट्वीट जारी रखते हुए लिखा, "मुझे खुशी है कि उन्होंने उमराव जान के लिए गाना नहीं गाया। पाकीजा तक वो मुझे इतनी बुरी नहीं लगीं, इसलिए मुझे इससे ज्यादा ऐतराज नहीं है। मुझे इन दोनों ही फिल्मों के ओएसटी पसंद हैं।"

बॉलीवुड गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आवाज पर बहस छिड़ी हुई है। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कावेरी नाम की एक ट्विटर यूजर ने कहा कि लता मंगेशकर की आवाज ‘ओवर रेटेड’ है और उन्होंने इंडस्ट्री में लोगों के करियर बर्बाद किए। इसके बाद ट्विटर पर मौजूद तमाम लोग ये ट्वीट करने वाली कावेरी के पक्ष और विपक्ष में लिखने लगे।

दरअसल, कावेरी नाम की एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “भारतीयों को ये मानने के लिए ब्रेनवॉश किया गया है कि लता मंगेशकर की आवाज़ अच्छी है। यही नहीं, उनकी आवाज़ बिगड़ी हुई और बहुत ज़्यादा इस्तेमाल की हुई (ओवर यूज्ड) है।”

कावेरी के इस ट्वीट पर अब तक लगभग डेढ़ हजार रीट्वीट और करीब साथ हजार लाइक भी आ चुके हैं। उन्होंने इस पर एक नहीं बल्कि कई ट्वीट करते हुए लिखा, “लता मंगेशकर ने अपनी आवाज़ की उम्र से अधिक गाने गाए। संगीत से जुड़े जो लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते, वो इसलिए क्योंकि लता मंगेशकर पावरफुल थीं और इसलिए कोई उनसे भिड़ना नहीं चाहता था। लता मंगेशकर लोगों को तबाह करने का दम रखती थीं।”



जब यह विवाद बढ़ने लगा तो कावेरी ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्होंने ये बात पहले भी कई बार कही लेकिन तब उन्हें इस स्तर तक नहीं सुना गया था।

कावेरी ने लता मंगेशकर को लेकर ट्वीट जारी रखते हुए लिखा, “मुझे खुशी है कि उन्होंने उमराव जान के लिए गाना नहीं गाया। पाकीजा तक वो मुझे इतनी बुरी नहीं लगीं, इसलिए मुझे इससे ज्यादा ऐतराज नहीं है। मुझे इन दोनों ही फिल्मों के ओएसटी पसंद हैं।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि लता मंगेशकर ने अकेले ही कई लोगों के करियर तबाह किए, जिनमें से एक अनुराधा पौढ़वाल भी हैं। इस पर कावेरी ने जवाब में लिखा कि वो बस ये कहने ही वाली थी और लता मंगेशकर रेखा भारद्वाज के साथ भी यही करती अगर वो समकालीन होते।

कावेरी के ही इस ट्विटर थ्रेड पर एक अन्य यूज़र ने भी अपनी सहमति जताते हुए कुछ और उदाहरणों का भी जिक्र करते हुए लिखा, “इसके बाद आप कहेंगे कि शाहरूख खान हमेशा ओवर एक्टिंग करते हैं, सचिन तेंदुलकर को आवश्यकता से अधिक महत्त्व दिया गया और अमिताभ बच्चन को रिटायर हो जाना चाहिए, अब उन्हें झेलना मुश्किल है। मैं इनमें से किसी भी बात से अहसहमत नहीं हूँ।”

इसके बाद इस विवाद में कूदने वालों में गायक अदनान सामी भी मौजूद थे। उन्होंने लता मंगेशकर के बचाव में ट्विटर पर लिखा, “बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद।” साथ ही उन्होंने कहा कि मुँह खोलकर दुनिया को अपनी मूर्खता के बारे में बताने के बजाय चुप रहना चाहिए।

रमेश श्रीवत्स ने भी लता मंगेशकर के समर्थन में ट्वीट करते “लता मंगेशकर के खिलाफ ज़हर उगलना बंद करिए। अगर आज तक किसी भी इंसान की आवाज़ इतनी परफेक्ट रही है कि उसे किसी संगीत वाद्य की तरह इस्तेमाल किया जा सके तो वह लता मंगेशकर की आवाज़ है। वो एक वाद्य यंत्र जैसी परफेक्ट हैं, जिसमें भावनाएँ भी हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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