Wednesday, January 27, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन मॉडलिंग में करियर के बहाने लड़कियों का यौन शोषण, ब्लैकमेल: महेश भट्ट को NCW...

मॉडलिंग में करियर के बहाने लड़कियों का यौन शोषण, ब्लैकमेल: महेश भट्ट को NCW ने बुलाया, कहा – ‘3 बेट‍ियों का पिता हूँ’

"उसने मॉडलिंग में करियर बनाने का मौका देने के बहाने कई लड़कियों को ब्लैकमेल और उनका यौन शोषण किया है। कई टीवी और फिल्म एक्टर एक वीडियो विज्ञापन के जरिए उसकी कंपनी को प्रमोट कर रहे हैं।"

मॉडलिंग का मौका देने के नाम पर लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) ने मंगलवार (अगस्त 18, 2020) को मशहूर निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए। 

महिला आयोग ने इस जवाब को ट्विटर पर साझा किया। इसके बाद अपने जवाब में महेश भट्ट ने कहा कि उनके नाम और फोटो का ग़लत इस्तेमाल किया गया है। आयोग ने सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना द्वारा दायर एक शिकायत का संज्ञान लेने के बाद महेश भट्ट, सोनू सूद, उर्वशी रौतेला, मौनी रॉय, रणविजय सिंह, प्रिंस नरूला और ईशा गुप्ता को समन जारी किया था।

ऑनलाइन सुनवाई के लिए आयोग के सामने उपस्थित हुए महेश भट्ट ने बयान जारी कर कहा, ”मैं राष्ट्रीय महिला आयोग को सैल्यूट करता हूँ कि उन्होंने ऐसी कुछ संस्थाओं को चिन्हित कर उन पर कड़ाई की है, जो इंडस्ट्री में महिलाओं संग यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देती हैं और इंडस्ट्री का नाम खराब करती हैं। इसके लिए मैं नेशनल कमिशन फॉर वुमन का आभारी हूँ। मैं आज अपने ऊपर लगे आरोपों के संदर्भ में कमिशन के समक्ष हाजिर हुआ। आईएमजी वेंचर ने नवंबर 2020 में अपने प्रमोशनल इवेंट मिस्टर और मिसेज ग्लैमर, 2020 में मेरा नाम का इस्तेमाल किया और मुझे आमंत्रण दिया कि मैं इवेंट का हिस्सा बनूँ।”

भट्ट ने कहा, “इसी के संदर्भ में मुझे कमिशन के सामने हाजिर होना पड़ा। मगर मैंने मौजूदा हालातों का हवाला देकर शो में शिरकत करने से मना कर दिया था। मैं इस इवेंट को लेकर किसी भी प्रकार के एग्रीमेंट में नहीं था और ना ही इसके लिए मुझे कोई फीस दी गई थी। मगर दुर्भाग्यवश मेरा नाम और मेरी इमेज का इस्तेमाल सोशल मीडिया द्वारा इस इवेंट के संदर्भ में मेरी सहमति के बिना किया गया। जब मैंने इस बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने इसके लिए मुझसे माफी माँगी। इसके बाद मेरी इमेज और नाम को हर जगह से हटा दिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, ”मैंने ये बयान इसलिए जारी किया है कि सभी को इस बारे में पता चल जाए कि आईएमजी से मेरा कोई भी वास्ता नहीं है। बस मेरे नाम और इमेज का इस्तेमाल इसलिए किया गया ताकि उनके इवेंट में ज्यादा से ज्यादा लोग शरीक हो सकें। मैं 71 साल का हो चुका हूँ। इस उम्र में ज्ञान बाँटने और सामाजिक दृष्टिकोण से लोगों को जागरुक करने की कोशिश करता हूँ। मैं तीन बेटियों का पिता हूँ। मैं नेशनल कमिशन ऑफ वुमन का आभारी हूँ, जिस तरह वे सामाजिक मुद्दे के लिए सराहनीय काम कर रहे हैं।”’

गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्तायोगिता भयाना ने अपनी शिकायत में आईएमजी वेंचर नाम की कंपनी के प्रमोटर सनी वर्मा के खिलाफ आरोप लगाया है कि उसने मॉडलिंग में करियर बनाने का मौका देने के बहाने कई लड़कियों को ब्लैकमेल और उनका यौन शोषण किया है। भयाना ने अपनी शिकायत में कहा था कि कई टीवी और फिल्म एक्टर एक वीडियो विज्ञापन के जरिए उसकी कंपनी को प्रमोट कर रहे हैं।

योगिता भयाना द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा को लिखे गए एक शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि सनी वर्मा अपनी कंपनी के माध्यम से मिस एशिया प्रतियोगिता के आयोजन के बहाने लड़कियों को इस दावे के साथ बुलाता है कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद वह मॉडल बन जाएँगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

राजस्थान में महादेव मंदिर के 75 वर्षीय सेवादार की हत्या: हाथ-पाँव रस्सी से बँधे, मुँह में ठूँस डाला था कपड़ा

75 वर्षीय वृद्ध सेवादार गिरिराज मेहरा की हत्या कर दी गई। जयपुर के सोडाला इलाके में राकड़ी स्थित मेहरा समाज के राकेश्वर महादेव मंदिर की घटना।

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe