‘ज़ायरा का अकाउंट हैक हो गया था, उसने नहीं कहा बॉलीवुड इस्लाम से दूर कर देता है’

यह खबर लिखे जाने तक न ही ज़ायरा वसीम के परिवार ने मीडिया से बात कर इस दावे की पुष्टि या इसका खंडन किया है, और न ही पुलिस में अपने अकाउंट के हैक होने के बाबत कोई शिकायत उनके द्वारा दर्ज कराए जाने की बात पता चली है।

ज़ायरा वसीम का प्रकरण ‘फ़िल्मी’ होता जा रहा है। पहले तो महज़ 18 साल की उम्र में उन्होंने इस्लाम के लिए बॉलीवुड को अलविदा कह कर देश को कल चौंका दिया, और अब उनके मैनेजर के हवाले से खबर आ रही है कि उनके इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि सोशल मीडिया अकाउंट किसी ने ‘हैक’ कर लिए और ऐसा लिख दिया कि वह इस्लाम का ठीक से पालन करने के लिए फ़िल्में छोड़ रहीं हैं।

मीडिया से कोई बात नहीं, न ही पुलिस शिकायत

लेकिन यह खबर लिखे जाने तक न ही ज़ायरा वसीम के परिवार ने मीडिया से बात कर इस दावे की पुष्टि या इसका खंडन किया है, और न ही पुलिस में अपने अकाउंट के हैक होने के बाबत कोई शिकायत उनके द्वारा दर्ज कराए जाने की बात पता चली है। वह पोस्ट्स भी जस-की-तस उनके इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हैं ही।

इन पोस्ट्स में ज़ायरा वसीम ने लिखा था कि इतनी शोहरत और सफलता मिलने के बाद भी वह सच में खुश नहीं हैं। नई जीवनशैली से एडजस्ट करते हुए उन्हें यह अहसास हुआ कि उनके कैरियर ने उनके मज़हब के साथ उनके रिश्ते पर असर डाला है। अपनी दिक्कतों के बारे में बात करते हुए ज़ायरा ने लिखा कि उन्हें तसल्ली केवल अल्लाह और कुरान में मिली। उन्होंने कहा, “कुरान की महान और पाक समझ में मुझे पूर्णता और अमन मिला। दिलों को अमन तभी मिलता है जब वह अपने बनाने वाले, उसकी खासियतें, उसके रहम और उसके हुक्म का इल्म हो जाता है।”

कट्टरपंथियों के निशाने पर रहीं हैं

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ज़ायरा के मुताबिक उन्होंने पहला कदम अपनी सच्ची राह के अहसास से उठाया और फिल्मों को अलविदा इसलिए कहा ताकि वह अपने मज़हब पर गौर फरमा सकें। 2017 में ज़ायरा कट्टरपंथी इस्लामियों के निशाने पर आ गईं थीं। उनके अनुसार वह एक ‘प्रदूषित’ माध्यम में काम करतीं थीं, और पूरे सम्प्रदाय के लिए शर्म और बदनामी का सबब थीं। उनके राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से मिलने के बाद भी वह ट्रोलों के निशाने पर आ गईं थीं।

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