Friday, May 20, 2022
Homeविविध विषयमनोरंजनबॉलीवुड की वो फिल्म, जिसमें पाकिस्तानी दर्शकों का ख्याल रखते हुए बदल दी गई...

बॉलीवुड की वो फिल्म, जिसमें पाकिस्तानी दर्शकों का ख्याल रखते हुए बदल दी गई कहानी

फिल्म की असल नायिका (किताब वाली) को भारत लौटने या पति को मारने का ज़रा भी दुःख नहीं था। लेकिन निर्देशक मेघना गुलज़ार ने पाकिस्तानी दर्शकों को रिझाने के लिए फिल्म का “नैरेटिव” ही बदल दिया।

“कॉलिंग सहमत” (calling sehmat) नाम की एक किताब है, जिसके लेखक हैं हरिंदर सिक्का। आलिया भट्ट की फिल्म ‘राज़ी’ इस किताब पर ही आधारित है। सोमवार के दिन उन्होंने अपनी किताब से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया। हरिंदर सिक्का ने बताया कि फिल्म का अंतिम हिस्सा उनकी किताब से पूरी तरह अलग है। 

रिपब्लिक टीवी चैनल पर एक चर्चा के दौरान हरिंदर सिक्का ने इस बात का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म का अंतिम हिस्सा उनकी लिखी हुई किताब से पूरी तरह अलग है। सिक्का ने यह भी कहा कि फिल्म की निर्देशक मेघना गुलज़ार ने ऐसा पाकिस्तान के दर्शकों को रिझाने के लिए किया।

फिल्म की नायिका सहमत (आलिया भट्ट) जो पाकिस्तान में जासूसी करने वाली भारतीय जासूस का किरदार निभाती है। उसे इस बात की नाराज़गी होती कि उसका इस्तेमाल किया जा रहा है। हरिंदर सिक्का ने समझाया कि यह ‘नाराज़गी’ और ‘इस्तेमाल’ ही पाकिस्तान के दर्शकों को खुश करने के लिए जबरन ठूँसा गया।

फिल्म में ऐसा दिखाया जाता है कि पाकिस्तान की सेना 1971 में भारत पर हमले की योजना बनाती है। लेकिन अंततः बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग होकर एक नया देश बन जाता है। सहमत इसका खुलासा करती है और उसे इस बात का बहुत पछतावा रहता है। जबकि असलियत में उसके लिए देश से बढ़ कर कुछ नहीं था। सहमत ने खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के दौरान पाकिस्तानी सेना में भर्ती अपने पति को जान से मार दिया था। इसके कुछ ही समय बाद वह जानकारी लेकर भारत वापस आ गई थी। 

फिल्म में ऐसा दिखाया गया है कि अपने पति को मारने के बाद वह काफी दुखी हो जाती है। लेकिन हरिंदर सिक्का ने बताया कि फिल्म की असल नायिका (किताब वाली) को भारत लौटने या पति को मारने का ज़रा भी दुःख नहीं था। लेकिन निर्देशक मेघना गुलज़ार ने पाकिस्तानी दर्शकों को रिझाने के लिए फिल्म का “नैरेटिव” ही बदल दिया।

पिछले कुछ समय में नेपोटिज़्म और बॉलीवुड माफिया पर बहस शुरू हुई है। इसी पर हरिंदर सिक्का ने अपना नज़रिया रखा। उन्होंने यह भी बताया आखिर कैसे बॉलीवुड की मशहूर हस्तियाँ गुटबाजी करती हैं। हरिंदर सिक्का ने राज़ी की निर्देशक पर सारा श्रेय लेने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे लोग नहीं चाहते हैं कि किसी बाहरी को पुरस्कार मिले।   

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हार्दिक पटेल के ‘चिकन सैंडविच’ से राजदीप सरदेसाई का जायका बिगड़ा, कहा- इस्तीफे पर हस्ताक्षर आपके, लेकिन शब्द किसी और के हैं

इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई को हार्दिक पटेल के इस्तीफे की भाषा नागवार गुजरी है। वे इस्तीफे में कॉन्ग्रेस को लेकर हुए खुलासों से परेशान दिख रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामला वाराणसी जिला अदालत को किया ट्रांसफर, बोले जस्टिस चंद्रचूड़- धार्मिक चरित्र पता करने से नहीं रोकता वर्शिप एक्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बहाल करने की मुस्लिम की माँग मानने से इनकार कर दिया और मामले को सुनवाई के लिए निचली अदालत को ट्रांसफर कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
187,460FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe