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‘अपनी सेक्रेटरी फरजाना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हैं रेखा’: बायोग्राफी में खुलासा – वही थी अभिनेत्री के पति की आत्महत्या का कारण

"फरजाना, रेखा की परफेक्ट पार्टनर हैं। वो उनकी सलाहकार हैं, दोस्त हैं, उनकी सपोर्टर हैं और सीधे शब्दों में कहें तो रेखा उनके बिना नहीं रह सकती।"

रेखा की बायोग्राफी से एक बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया में दावा किया जा रहा है कि लेखक यासीर उस्मानी ने ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ में लिखा है कि बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री अपनी महिला सेक्रेटरी फरजाना के साथ लाइव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। यासीर उस्मानी इससे पहले राजेश खन्ना, संजय दत्त और गुरुदत्त जैसे बड़े अभिनेताओं की जीवनी भी लिख चुके हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक में ये भी दावा किया है कि रेखा अपनी जिस सेक्रेटरी फरजाना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हैं, वही उनके पति की आत्महत्या का कारण भी थीं।

बता दें कि रेखा की लव लाइफ को लेकर पिछले 50 वर्षों से तरह-तरह की चर्चा चलती रही हैं। जितेंद्र, विनोद मेहरा, किरण कुमार, मुकेश अग्रवाल, संजय दत्त और यहाँ तक कि अक्षय कुमार के साथ भी उनका जाम जुड़ चुका है। बताया जाता है कि बिजनेस टाइकून मुकेश अग्रवाल की तरफ रेखा ने ही हाथ बढ़ाया था। जान-पहचान के एक महीने के भीतर उन्होंने शादी कर ली। हालाँकि, इसके मुकेश मुकेश अग्रवाल को कारोबार में घाटा हुआ और वो बिना कारण रेखा के शूटिंग सेट्स पर मँडराते रहते थे।

अंततः 2 अक्टूबर, 1990 को उन्होंने अपने कमरे के पंखे से फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। मुकेश के भाई अनिल गुप्ता ने इस दौरान रेखा पर कई आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके भाई सच्ची मोहब्बत करते थे। फ़िल्मकार सुभाष घई ने इस घटना के बाद यहाँ तक कहा था कि रेखा ने जो किया है उसके बाद कोई भी सम्मानित खानदान किसी अभिनेत्री से रिश्ता करने से पहले कई बार सोचेगा। अमिताभ बच्चन के साथ अफेयर से निकलने के बाद रेखा ने ये शादी की थी

वहीं बायोग्राफी में पहली बार रेखा का नाम किसी महिला के साथ जुड़ा, वो भी अफेयर के मामले में। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें बताया गया है कि फरजाना के अलावा किसी को भी रेखा के बेडरूम में जाने की इजाजत नहीं होती। यहाँ तक कि रेखा के घर काम करने वाली मेड भी उनके कमरे में नहीं जा सकती। किताब में लिखा है, “फरजाना, रेखा की परफेक्ट पार्टनर हैं। वो उनकी सलाहकार हैं, दोस्त हैं, उनकी सपोर्टर हैं और सीधे शब्दों में कहें तो रेखा उनके बिना नहीं रह सकती।”

मीडिया की मानें तो पुस्तक में आगे लिखा है, “रेखा की विश्वासपात्र सेक्रेटरी फरजाना, जिन्हें कुछ लोग उनकी प्रेमिका भी बताते हैं, वो अभिनेत्री के बेडरूम में जा सकती हैं। रेखा की ज़िन्दगी और उनके घर में एक-एक चीज पर फरजाना का कड़ा नियंत्रण रहता है। वो एक तरह से एक मजबूत गेटकीपर भी हैं। साथ ही हर फोन कॉल भी वही उठाती हैं और रेखा के जीवन के हर एक मिनट का निर्णय वही लेती हैं।” बता दें कि रेखा के पति मुकेश अग्रवाल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि वो इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराते, रेखा को तो बिलकुल भी नहीं।

इससे पहले रेखा अपनी सेक्रेटरी फरजाना को अपनी ‘Soul Sister’ बता चुकी हैं, लेकिन किताब में दावा किया गया है कि दोनों के रिश्ते सेक्सुअल हैं। साथ ही ये भी बताया गया है कि रेखा का जीवन बंद कमरों में रहता है, इसका कारण फरजाना ही हैं। फरजाना लगभग 3 दशक से रेखा के साथ हैं। रेखा राज्यसभा सांसद भी रही हैं। मालविका सांघवी ने भी अपनी एक पुस्तक में दावा किया था कि रेखा और फरजाना लेस्बियन रिलेशनशिप में हैं।

रेखा का करियर बॉलीवुड में काफी लंबा रहा है और उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले हैं। रेखा के पिता जेमिनी गणेशन खुद तमिल सिनेमा के सबसे बड़े कलाकारों में से एक थे। उनकी भी लव लाइफ खासी चर्चा में रहती थी, खासकर तब के जमाने की अभिनेत्री सावित्री के साथ उनका अफेयर खासा चर्चा में रहा था। सावित्री की अवसाद और शराब के कारण मौत हो गई थी। उन्हें ‘घर (1978)’, ‘जुदाई (1980)’, ‘उमराव जान (1981)’, ‘खून भरी माँग (1988)’ और ‘फूल बने अंगारे (1991)’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

रेखा की जोड़ी सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन के साथ पसंद की जाती थी और दोनों ने ‘दो अनजाने (1976)’, ‘अलाप (1977)’, ‘खून पसीना (1977)’, ‘गंगा की सौगंध (1978)’, ‘मुकद्दर का सिकंदर (1978)’, ‘मिस्टर नटवरलाल (1979)’, ‘सुहाग (1979)’ और ‘राम बलराम (1980)’ जैसी फिल्मों में काम किया था। लेकिन, दोनों की साथ में अंतिम ‘ सिलसिला (1981)’ की सबसे ज़्यादा चर्चा हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन की पत्नी जया भी थीं। यश चोपड़ा ने इसका निर्देशन किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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