पाकिस्तान का कर्ज 6 हज़ार अरब से बढ़कर 30 हज़ार अरब रुपए के पार, 30 जून है डेडलाइन

इमरान ने सरकार के खर्चे काट कर किसी तरह देश चलाने की भी तरकीब निकालने की कोशिश की, इसके लिए लक्जरी कारों से लेकर भैंस तक की नीलामी की थी। बता दें कि इमरान खान ने किसी तरह देश की डूबती अर्थव्यवस्था को हल्का सा सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास की 102 लग्जरी कारों में से 70 कारें बेंच दी थीं।

आतंक और आतंकियों की शरणस्थली पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। पाकिस्तान में मंगलवार (जून 11, 2019) को बजट-2019 पेश किया गया। चिंता की बात यह है कि पाकिस्तान में बजट पेश होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक की चरमराई आर्थिक स्थिति जनता के सामने रखते हुए इमरान ने कहा, “आप सभी से मेरी अपील है कि संपत्ति घोषित स्कीम में हिस्सा लें।

इमरान खान ने कहा कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज 6 हजार अरब रुपए से बढ़कर 30 हजार अरब रुपए तक पहुँच गया है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की हालत बेहद पतली हो गई है। देश की स्थिति में थोड़ी सी सुधार की आस में इमरान खान को कहना पड़ा कि अगर आप टैक्स नहीं देते तो हम देश को आगे नहीं ले जा सकेंगे।”

इमरान खान ने चरमराई पाक की अर्थव्यवस्था को कुछ यूँ समझाया, उन्होंने कहा कि जो आप सालाना टैक्स जमा करते हैं, तक़रीबन 4 हजार अरब रुपया, उसमें से आधा टैक्स इन कर्ज की किस्तें अदा करने में चली जाती है। जो बाकी पैसा बचता है उसमें यह मुल्क अपने खर्चे पूरा नहीं कर सकता है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बता दें पाकिस्तान को पश्त हालात से निकालने के लिए लोगों से अधिक से अधिक टैक्स देने। साथ ही 30 जून 2019 तक का अपनी आवाम को वक़्त दिया है, जिसके अंदर उन्हें अपनी बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट को घोषित करने की अपील की है। इमरान ने यहाँ तक कहा है कि उनके अधिकारियों को सब पता है। इमरान खान को ऐसा इसलिए करना पद रहा है कि इस समय पाकिस्तान के पास अपनी रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं।

इस समय पाकिस्तान की स्थिति बहुत ही ख़राब है, उस पर से आतंकी छवि होने और चरमराई अर्थव्यस्था के कारण इस समय पाकिस्तान को कोई भी देश क़र्ज़ भी देने को तैयार नहीं है। इमरान खान ने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हुए कहा था कि अपने समूचे इतिहास में देश इतना ऋणग्रस्त कभी नहीं रहा, जितना पिछले 10 साल में हो गया है।

इमरान ने सरकार के खर्चे काट कर किसी तरह देश चलाने की भी तरकीब निकालने की कोशिश की, इसके लिए लक्जरी कारों से लेकर भैंस तक की नीलामी की थी। बता दें कि इमरान खान ने किसी तरह देश की डूबती अर्थव्यवस्था को हल्का सा सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास की 102 लग्जरी कारों में से 70 कारें बेंच दी थीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बता दें कि पाकिस्‍तान में 11 जून, 2019 को आम बजट पेश किया गया है। यह इमरान खान सरकार का पहला बजट है। इस बार का बजट 7.022 लाख करोड़ पाकिस्‍तानी रुपए का है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

स्थापना के 49 वर्ष बीत जाने के बवजूद SKMCH में Pediatrics (बाल्चिकित्सा) का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्ट क्यों नहीं है? अपनी नाकामी छिपाने के लिए राबड़ी देवी को बिहार का नेहरू बनाने वाले सुशील मोदी को समझना चाहिए कि सीटों की संख्या के साथ ज़िम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ता है।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

हस्तमैथुन

‘दाढ़ी वाला ऑटो ड्राइवर मुझे देखकर हस्तमैथुन कर रहा था’: MBA कर रही 19 साल की लड़की की आपबीती

"मैं हीरानंदानी में जॉगिंग कर रही थी। फिर पास के एक बैंक एटीएम की सीढ़ियों पर बैठ गई। अपना फोन देखने में बिजी हो गई। जैसे ही मेरी नजर फोन से हटकर ऊपर को हुई तो सामने एक ऑटो में एक आदमी बैठा मुझे घूर रहा था। फिर जल्द ही यह भी समझ आ गया कि वह सिर्फ मुझे घूर ही नहीं रहा था बल्कि वो हस्तमैथुन भी कर रहा था।"
रेप आरोपित को गोली मारी

6 साल की बच्ची का बलात्कार और हत्या: आरोपित नाज़िल को IPS अजय पाल ने मारी गोली, हो रही तारीफ

आरोपित नाज़िल ने बच्ची की पहचान भी छिपाने की पूरी कोशिश की थी। उसने बच्ची को मार कर उसके चेहरे पर तेज़ाब डाल दिया था, ताकि उसका चेहरा बुरी तरह झुलस जाए और कोई भी उसे पहचान नहीं पाए।
रेप

तौसीफ़ इमरान ने नाबालिग छात्रा को बनाया हवस का शिकार, Tik Tok पर बनाता था बलात्कार का वीडियो

"मेरी बेटी का धर्म-परिवर्तन कराने के मक़सद से उसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाता था। शादी का वादा करने पर मेरी नाबालिग बेटी ने रमज़ान पर रोज़ा रखना भी शुरू कर दिया था।"
ज्योति मल्होत्रा-मोहम्मद नबी

अफगानिस्तान पर भारत की जीत को पचा नहीं पाईं The Print की पत्रकार, सोशल मीडिया पर उगला जहर

अफगानिस्तान पर भारत की रोमांचक जीत से जहाँ पूरा हिंदुस्तान बेहद खुश था तो वहीं, 'द प्रिंट' की पत्रकार काफी क्षुब्ध और व्यथित लगीं। परेशानी जब हद से ज्यादा बढ़ गई तो उन्होंने अपनी निराशा और भड़ास को जहर के रूप में ट्विटर पर उगला। विराट कोहली पर निशाना साधा।
भारतीय नौसेना, बालाकोट स्ट्राइक

बालाकोट के बाद वो लड़ाई जो भारतीय नौसेना ने लड़ी: कहानी गायब पाकिस्तानी सबमरीन की

कराची में जिस आखिरी लोकेशन से पीएनएस साद गायब हुआ था, वहाँ से उसे गुजरात के तटीय स्थल तक पहुँचने में 3 दिन लगते और अगर वो मुंबई स्थित वेस्टर्न फ्लीट के मुख्यालय तक पहुँचने की चेष्टा करता तो उसे 5 दिन लगते। अगर सच में ऐसा होता तो यह देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकता था।
तेजश्वी यादव

’44 AC, 108 पंखे, 464 फैंसी लाइट्स, 35 क़ीमती सोफे: तेजस्वी ने सरकारी फंड से बंगले पर ख़र्च किए करोड़ों’

"किस नियम के तहत तेजस्वी ने अपने घर में 44 AC (जिनमें से कुछ बाथरूम में भी थे), 35 क़ीमती लेदर सोफे, 464 फैंसी LED लाइट्स, 108 पंखे, क़ीमती बिलियर्ड्स टेबल, दीवालों पर महँगी लकड़ियों के पैनल और इम्पोर्टेड ग्रेनाइट फ्लोरिंग- यह सब लगवाए?"
मंसूर खान, वीडियो

‘शायद मार दिया जाऊँ… फिर भी भारत लौट कर नेताओं के नाम का खुलासा करना चाहता हूँ’

"जो नेता मेरे करीबी थे, वही नेता अब मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खतरा बने हुए हैं। मैं भारत वापस आना चाहता हूँ, सारी जानकारी देना चाहता हूँ। भारत आकर मैं निवेशकों का पैसा लौटाना चाहता हूँ।"
जय भीम-जय मीम

जय भीम जय मीम की कहानी 72 साल पुरानी… धोखा, विश्वासघात और पश्चाताप के सिवा कुछ भी नहीं

संसद में ‘जय भीम जय मीम’ का नारा लगा कर ओवैसी ने कोई इतिहास नहीं रचा है। जिस जोगेंद्र नाथ मंडल ने इस तर्ज पर इतिहास रचा था, खुद उनका और उनके प्रयास का हश्र क्या हुआ यह जानना-समझना जरूरी है। जो दलित वोट-बैंक तब पाकिस्तान के हो गए थे, वो आज क्या और कैसे हैं, इस राजनीति को समझने की जरूरत है।
अरविन्द केजरीवाल

क्या कपिल मिश्रा के खुलासे के बाद केजरीवाल ने की ‘पैरेंट्स को कसम खिलाने वाली’ मीटिंग रद्द?

यदि AAP के बागी विधायक कपिल मिश्रा की मानें तो अरविन्द केजरीवाल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मीटिंग के बहाने बुलाकर आगामी विधानसभा चुनाव में AAP को ही वोट दिलवाने की कसम खिलाने वाले थे। लेकिन अब केजरीवाल ने यह प्लान रद्द कर दिया है।

त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में बंद पड़े स्कूलों का संचालन संभालेगा ISKCON

त्रिपुरा में फ़िलहाल 4,389 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं। नाथ ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन आने वाले 147 स्कूलों ऐसे हैं जिनमें अधिकतम 10 बच्चे पढ़ते हैं। बाकी 13 बंद पड़े हैं क्योंकि उनमें एक भी बच्चा नहीं पढ़ता।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

51,921फैंसलाइक करें
8,978फॉलोवर्सफॉलो करें
70,203सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: