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अक्षय कुमार की ‘पृथ्वीराज’ का नहीं बदलेगा नाम: दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका, जुर्माने की भी चेतावनी

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा खारिज की गई याचिका में कहा गया था कि फिल्म का टाइटल सिर्फ पृथ्वीराज कर दिया गया है जो कि महान राजा का अपमान है। फिल्म का नाम ‘महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान' होना चाहिए।

अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘पृथ्वीराज’ का टाइटल बदलने की माँग करने वाली जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में आज खारिज कर दिया गया। जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने न केवल इस याचिका पर सुनवाई करने से मना किया बल्कि वकील को जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी। अब याचिकाकर्ता के वकील द्वारा इस याचिका को वापस ले लिया गया है।

बता दें कि ये याचिका राष्ट्रीय प्रवासी परिषद द्वारा दायर की गई था। याचिका में कहा गया था कि फिल्म का टाइटल सिर्फ पृथ्वीराज कर दिया गया जो कि महान राजा का अपमान है। फिल्म का नाम ‘महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान’ होना चाहिए। याचिका में माँग थी कि मूवी का नाम उस राजा के सम्मान में रखा जाए जिन्होंने 26 साल राज किया। अब इसी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कोई सुनवाई करने से मना कर दिया। अक्षय कुमार की ये फिल्म ‘पृथ्वीराज’ 1 अप्रैल को रिलीज होनी है। इसमें अक्षय के अलावा मानुषी चिल्लर, संजय दत्त, आशुतोष राणा, अली फजल व अन्य लोग हैं।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल में रिलीज होने वाली ‘पृथ्वीराज’ इस साल के शुरूआत में ही विवादों में आई थी। फिल्म को लेकर राजपूत और गुर्जर समाज में ठनी थी। राजस्थान के अजमेर में फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था। तब, राजपूत और गुर्जर समाज, दोनों के संगठन उन्हें अपना बता रहे थे। गुर्जर संगठनों का आरोप था कि फिल्म में सम्राट पृथ्वीराज चौहान को राजपूत समाज से बताया गया है, जो सही नहीं है। यही कारण है कि अजमेर के वैशाली में स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में प्रदर्शन हुआ। वहीं राजपूत संगठनों का कहना था कि ये साबित करने की कोई ज़रूरत नहीं है कि पृथ्वीराज चौहान राजपूत थे, क्योंकि यही वास्तविकता है। राजपूत नेता भँवर सिंह ने कहा कि असलियत को बदला नहीं जा सकता है। वहीं गुर्जर समाज ने अजमेर जिला प्रशासन के समक्ष याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज को रोकने की माँग की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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