Monday, June 24, 2024
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‘अजान में चीखने का क्या काम?’: मोदी-योगी के कायल हुए भजन सम्राट अनूप जलोटा, कहा – हर भारतीय देखे कश्मीर फाइल्स

अनूप जलोटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राम-लक्ष्मण की जोड़ी बताया है। उनका कहना है कि वे दिन प्रतिदिन सभी वर्ग के लिए बेहतर कार्य कर रहे हैं।

भजन सम्राट अनूप जलोटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राम-लक्ष्मण की जोड़ी बताया है। उनका कहना है कि वे दिन प्रतिदिन सभी वर्ग के लिए बेहतर कार्य कर रहे हैं। जिससे देश व प्रदेश का भी विकास हो रहा है। ताजा इंटरव्यू में जलोटा ने अपने आप को लेकर भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वो भजन गायक हैं, संत नहीं, इसलिए शराब भी पीते हैं।

यह बातें उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में कही। उनका मानना है कि अब भारतीय जनता पार्टी को किसी मुद्दे की जरूरत नहीं है। उन्होंने अच्छी योजनाएँ बनाकर अपने काम को दिखा दिया है। लोग अब आशा से उनकी तरफ देख रहे हैं। प्रधानमंत्री के हाथ में देश और योगी के हाथ में प्रदेश पूरी तरह सुरक्षित है।

इसके साथ ही उन्होंने लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भजन हो या अजान…उसकी आवाज इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए कि लोगों को परेशानी हो। उन्होंने कहा कि अजान में सुर है, तो हनुमान चालीसा में लय है। ये ईश्वर को याद करने, उनका आशीर्वाद पाने का तरीका है। यह तरीका मधुर ही होना चाहिए। इसमें चीखने का क्या काम। इसके अलावा जलोटा ने द कश्मीर फाइल्स को लेकर विवाद को सरकार से जोड़ने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सच्चाई दिखाने का आइडिया प्रोड्यूसर-डायरेक्टर का था न कि सरकार का।

वहीं मध्य प्रदेश में हुए सांप्रदायिक विवाद पर उनका कहना है कि इसके पीछे को ग्रुप है जो उसे उकसा रहा है। वह लोगों को लड़वाकर अपने हित पूरे करना उसका एजेंडा है। इसके लिए फंडिंग भी की जा रही है, वरना बिना किसी मतलब के कोई अपनी छत पर पत्थर जमा करके क्यों रखेगा। बिग बॉस में काम करने को लेकर उनका कहना था कि उन्होंने जो काम किया, वहाँ पर शुद्धिकरण ही किया है। वहीं जसलीन के साथ अपने रिश्ते को उन्होंने स्क्रिप्टेड बताया। 

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि वह भजन गायक हैं, लेकिन संत नहीं। वह भजन गाने के बाद शराब भी पीते हैं और वह सभी मजे करते हैं जो एक आम इंसान करता है। नका मानना है कि भजन गाने वाला भी एक इंसान ही होता है, इसलिए उसके प्रति ऐसी सोच नहीं रखनी चाहिए कि वह संत बन जाए और वैराग्य लेकर हिमालय पर चले जाए। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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