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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: ED के हाथ लगी डायरी और पेन ड्राइव, ₹423 करोड़ की पूरी कहानी इसमें दर्ज

मिशेल को जिस भी जेल में रखा जाएगा, वहाँ की दो महीने की सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखी जाएगी। मिशेल के वकीलों ने अदालत में उसके एकांत कारावास में रखे जाने की बात कही थी।

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में क्रिस्चियन मिशेल के गिरफ़्तार और प्रत्यर्पित होकर भारत लाए जाने के बाद नित नए ख़ुलासे हो रहे हैं। मामले में सरकारी गवाह बने राजीव सक्सेना ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक पेन ड्राइव और डायरी सौंपी है। इस डायरी में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर सौदे में दी गई 423 करोड़ रुपए की घूस सम्बन्धी विवरण है। इनमें अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनैशनल लिमिटेड से ट्यूनीशिया, मॉरिशस, दुबई स्थित शेल कंपनियों और स्विस बैंकों के अलावा भारत में बिचौलियों के पास धन पहुँचाने की पूरी कहानी है। इस डायरी और पेन ड्राइव के विश्लेषण के बाद कुछ और नए राज़ निकल कर आने की संभावना है।

राजीव सक्सेना वो शख़्स है, जो स्विट्ज़रलैंड में अलग-अलग बैंक एकाउंट्स को चलाता था। इन बैंक अकाउंट्स में अगस्ता वेस्टलैंड से आई किक बैक्स की रक़म डाली गई थी। 8 सितंबर 2017 (या यह 9 अगस्त 2017 भी हो सकता है) तक राजीव सक्सेना के इन बैंक अकाउंट्स में कुल ₹314 करोड़ की राशि जमा की गई थी। इस पर अभी जाँच जारी है कि आख़िर यह किक बैक्स किसके फ़ायदे के लिए की गई थी और किसके इशारे पर इन बैंक एकाउंट्स को रखा गया था।

सक्सेना की व्यक्तिगत डायरी में किन लोगों के नाम हैं, इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। लोगों का मानना है कि सक्सेना ने इस पूरे घटनाक्रम में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। सक्सेना ने जाँच एजेंसी को कहा था कि उसने सिर्फ़ बिचौलियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। उसने इस पूरे घोटाले में बड़ा किरदार होने की बात नकार दी थी। अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर घोटाले में यूपीए-2 के कुछ बड़े नेताओं और अधिकारियों के नाम आने की संभावना है।

क्रिश्चियन पर भी गिरी गाज

उधर अदालत ने दलाल क्रिश्चियन मिशेल को एकांत कारावास से निकालकर सामान्य सेल में भेजने का निर्देश तिहाड़ जेल महानिदेशक (डीजी) को दिया है। अदालत ने मिशेल की सुरक्षा चाक-चौबंद रखने और तीन दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जेल डीजी दिया है। पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने तिहाड़ जेल से मँगाई गई पाँच दिन की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कहा कि जिस ब्लॉक में मिशेल को रखा गया है, उसमें कुल पाँच सेल हैं। इनमें से चार सेल खाली हैं और एक में केवल मिशेल को रखा गया है। यह एकांत कारावास से भी ज्यादा है। एकांत कारावास एक सज़ा है, जो कैदी को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करती है।

मिशेल को जिस भी जेल में रखा जाएगा, वहाँ की दो महीने की सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखी जाएगी। मिशेल के वकीलों ने अदालत में उसके एकांत कारावास में रखे जाने की बात कही थी। वकीलों ने कहा था कि उसे शहाबुद्दीन, छोटा राजन व कश्मीरी आतंकियों के साथ रखा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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