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माछ, मखान और पान… मिथिला के सारे शुभ संकेत के साथ आया देश का बजट: कौन हैं दुलारी देवी जिनकी मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी निर्मला सीतारमण ने पहनी

दुलारी देवी बिहार के मधुबनी जिले की शान हैं। रांटी गाँव में जन्मीं दुलारी वैसे तो मछुआरा जाति से ताल्लुक रखती हैं। उनके घरवालों ने उनकी शादी छोटी उम्र में ही करवा दी थी। न पढ़ने-लिखने का मौका मिला और न सही से दुनिया समझने का। बाद में एक वक्त आया जब उन्हें आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ा।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को 8 वीं बार बजट पेश कर रही हैं। इस खास अवसर वह विशेष परिधान में नजर आईं। उन्होंने क्रीम रंग की साड़ी पहनी, जिस पर अपनी कला की छाप छोड़ी है पद्म पुरस्कार से सम्मानित दुलारी देवी ने। इस साड़ी में मछली, पान, मखाना जैसे चित्र बनाए गए हैं जो मिथिला की संस्कृति में बेहद शुभ माने जाते है।

कौन हैं दुलारी देवी

दुलारी देवी बिहार के मधुबनी जिले की शान हैं। रांटी गाँव में जन्मीं दुलारी वैसे तो मछुआरा जाति से ताल्लुक रखती हैं लेकिन उनकी कला ने उन्हें आज वैश्विक पहचान दिलाई है। जीवन के शुरुआती साल उन्हें संघर्ष भरे बीते। घरवालों ने उनकी शादी छोटी उम्र में ही करवा दी थी। न पढ़ने-लिखने का मौका मिला और न सही से दुनिया समझने का।

बाद में एक वक्त आया जब उन्होंने पति के तानों से तंग आकर उसको भी छोड़ दिया और उन्हें आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ा। इसके बाद खेतों में मजदूरी करके, लोगों के घर झाड़ू-पोंछा करके अपना जीवनयापन किया। इसी बीच वह पहुँची मिथिला पेंटिंग की मशहूर कलाकार कर्पूरी देवी के घर। वहाँ उनका मिथिला पेंटिंग के लिए प्रेम जगा और वह महासुंदरी देवी से ट्रेनिंग लेने लगीं।

आगे चलकर उनकी कला न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम बनी, बल्कि उन्होंने सामाजिक मुद्दों जैसे बाल विवाह, एड्स और भ्रूण हत्या पर जागरूकता फैलाने का कार्य भी किया।

कैसे दी वित्त मंत्री को मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी

पिछले दिनों जब वित्त मंत्री बिहार का दौरा करते हुए मधुबनी के सौराठ स्थित मिथिला पेंटिंग इंस्टिट्यूट पहुँची थीं, वहीं पद्मश्री दुलारी देवी ने उन्हें ये साड़ी भेंट में दी थी। इस साड़ी में उन्होंने सारे शुभ चिह्न उकेरे थे और शायद यही वजह है कि बजट वाले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साड़ी को खास दिन के लिए चुना।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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