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धीमे-धीमे मत बोलिए… गुजरात हाईकोर्ट के जज ने अपनी जूनियर जज से माँगी माफ़ी, सुनवाई के दौरान फ़ाइल छोड़-छाड़ कर निकल गए थे

दोबारा न्यायाधीश बीरेन वैष्णव और मौना भट्ट वाली बेंच साथ में बैठी। कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने से पहले न्यायाधीश बीरेन वैष्णव ने कहा...

गुजरात हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों के बीच विवाद को लेकर मामला मामला सामने आया है। बीरेन वैष्णव ने साथी न्यायाधीश मौना भट्ट से माफी माँगी है। बीरेन वैष्णव ने बुधवार (25 अक्टूबर, 2023) को कोर्ट की कार्रवाई चालू होने से पहले सार्वजनिक रूप से अपनी जूनियर मौना भट्ट से माफ़ी माँगी और कहा कि 2 दिन पहले जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।

दरअसल, सोमवार (23 अक्टूबर, 2023) को गुजरात हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायाधीश बीरेन वैष्णव और कनिष्ठ न्यायाधीश मौना भट्ट कर रहे थे। इसी दौरान जब बीरेन वैष्णव फैसला सुनाने वाले थे तभी मौन भट्ट ने धीमे से कुछ कहा।

इस पर वैष्णव भड़क गए। उन्होंने कहा कि तब आप अपना अलग मत रखिए ना, आप पहले भी एक मामले में अपने मतभेद जाहिर कर चुकी हैं इसमें भी करिए। यदि आपको अपनी अलग राय रखनी है तो अलग से आदेश पारित कर दीजिए, धीमे-धीमे मत बोलिए। वहीं मौना भट्ट ने बीच में कहा कि मामला मतभेद जाहिर करने से जुड़ा हुआ नहीं है।

इसके पश्चात वीरेन बैष्णव फाइलें छोड़ कर कोर्ट से बाहर चले गए और आदेश दिया कि अब वह किसी केस की सुनवाई नहीं करेंगे। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों न्यायाधीश इसके पश्चात अलग-अलग मामलों की सुनवाई करने लगे। इस पूरे विवाद की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

बुधवार को दोबारा न्यायाधीश बीरेन वैष्णव और मौना भट्ट वाली बेंच साथ में बैठी। कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने से पहले न्यायाधीश बीरेन वैष्णव ने कहा, “इससे पहले कि हम आज शुरू करें, मैं कहना चाहता हूँ कि जो भी सोमवार को हुआ वह नहीं होना चाहिए था। मैं गलत था, मैं उसके लिए माफ़ी माँगता हूँ और ये नहीं होना चाहिए था।”

इस दौरान कोर्ट में कई वकील और अन्य लोग मौजूद थे। न्यायाधीश बीरेन वैष्णव के कोर्ट के भीतर माफ़ी माँगने की यह वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। बीरेन वैष्णव वही जज हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री की डिग्री के मामले को जबरदस्ती उछालने के कर्ण दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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