Wednesday, June 12, 2024
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‘नेता के क्रिकेटर बेटे पर चिल्लाया तो छिन गई कप्तानी’: जिस क्रिकेटर ने ऑस्ट्रेलिया में गाड़ दिया था खूँटा, जानिए आंध्र प्रदेश में किसके कारण उड़ी उनकी गिल्ली

इंटरनेशनल क्रिकेटर हनुमा विहारी ने बताया कि उन्हें आंध्र टीम की कप्तानी से क्यों हटा दिया गया, क्योंकि उन्होंने एक नेता के बेटे को डाँटा था। उसके पिता के दबाव के बाद मुझे कप्तानी से हटा दिया गया।

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टार हनुमा विहारी को इस रणजी ट्रॉफी के पहले मैच के बाद ही आंध्र प्रदेश टीम की कप्तानी से हटा दिया गया। अब इसकी वजह सामने आई है। हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया पर इस राज को खोला है कि उन्हें क्यों आंध्र प्रदेश की रणजी टीम की कप्तानी से हटाया गया। उन्होंने बताया है कि एक टीम मेट को डाँट लगाने की वजह से उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी, क्योंकि उस खिलाड़ी के पिता एक नेता हैं और उनकी शिकायत पर बिना किसी ‘खास’ गलती के कप्तानी से हटा दिया गया।

इसके साथ ही हनुमा विहारी ने ऐलान कर दिया है कि वो फिर कभी आंध्र प्रदेश की टीम के लिए क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उन्होंने कहा कि आखिरी के 7 सत्र में से 5 में जिस टीम को उन्होंने नॉक-आउट में पहुँचाया, उस टीम को उन्होंने छोड़ दिया है।

हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया पर बताया, “बंगाल के खिलाफ पहले गेम में मैं कप्तान था। उस मैच के दौरान मैं 17वें खिलाड़ी पर चिल्लाया और उसने अपने पिता (जो एक राजनेता हैं) से शिकायत कर दी। बदले में उसके पिता ने एसोसिएशन से मेरे खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। हालाँकि, हमने पिछले साल के फाइनलिस्ट बंगाल के खिलाफ 410 रनों का पीछा किया था, लेकिन मुझे बिना किसी गलती के कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था।”

हनुमा ने आगे लिखा, “मैंने खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से कभी कुछ नहीं कहा लेकिन संघ ने सोचा कि वह खिलाड़ी उस व्यक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है जिसने पिछले साल अपना शरीर दाँव पर लगा दिया और बाएँ हाथ से बल्लेबाजी की। पिछले सात साल में पाँच बार आंध्र को नॉकआउट में जगह दिलाई और भारत के लिए 16 टेस्ट खेले। दुखद बात यह है कि संघ का मानना है कि वे जो भी कहें खिलाड़ी को वह सुनना होगा और खिलाड़ी उनकी वजह से ही वहाँ हैं। मैंने फैसला किया है कि मैं आंध्र प्रदेश के लिए कभी नहीं खेलूँगा, जहाँ मैंने अपना आत्मसम्मान खो दिया है। मैं टीम से प्यार करता हूं, जिस तरह से हम हर सत्र में प्रगति कर रहे थे वह मुझे पसंद है, लेकिन संघ नहीं चाहता कि हम आगे बढ़ें।”

हालाँकि हनुमा विहारी ने किसी खिलाड़ी के नाम का जिक्र नहीं किया था, लेकिन आंध्र के विकेटकीपर बल्लेबाज केएन पृथ्वी राज ने सामने आकर खुद ही जवाब दिया। अभी तक सिर्फ एक ही फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले पृथ्वी ने इंटाग्राम पर ही लिखा, “सभी को नमस्कार… मैं वही आदमी हूं जिसे आप लोग कमेंट बॉक्स में खोज रहे हैं। आप लोगों ने जो भी सुना वह बिल्कुल झूठ है। खेल से बड़ा कोई नहीं है और मेरा स्वाभिमान किसी भी चीज से कहीं ज्यादा बड़ा है। व्यक्तिगत हमले और अभद्र भाषा किसी भी तरह से अस्वीकार्य हैं। टीम में हर कोई जानता है कि उस दिन क्या हुआ था। इस सहानुभूति के खेल को आप जैसे चाहें खेलें।”

इस पूरे मामले के सामने आ जाने के बाद हनुमा विहारी ने एक और पोस्ट किया। इसमें उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर पूरी टीम के सिग्नेचर वाला एक लेटर पोस्ट किया है। इसमें खिलाड़ियों ने बताया है कि आखिर उस दिन हुआ क्या था और जिस बात को पृथ्वी पर्सनल लेकर गए, वो हमेशा टीम में होता रहता है ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े। इस लेटर पर हनुमा विहारी और पृथ्वी के अलावा बाकी सभी 15 खिलाड़ियों के सिग्नेचर हैं।

इस चिट्ठी में लिखा है, “एक खिलाड़ी ने शिकायत की है कि विहारी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और आक्रामक रवैया दिखाया, लेकिन ये सच नहीं है। टीम में इस तरह की भाषा बहुत सामान्य है। ऐसा टीम और खिलाड़ियों से बेस्ट निकालने के लिए किया जाता है, जो ड्रेसिंग रूम में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन एक खिलाड़ी ने इसे पर्सनली ले लिया, जिसके सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ गवाह हैं। हम चाहते हैं कि विहारी ही हमारे कप्तान बने रहें।”

कौन हैं पृथ्वी और उनके पिता?

इस पूरे मामले में केएन पृथ्वी राज नाम के जिस खिलाड़ी का नाम आ रहा है और उनके पिता का नाम आ रहा है, उनका नाम है कुंत्रापकम नरसिम्हा। बताया जा रहा है कि वो तिरुपति वार्ड नंबर 25 से वाईएसआरसीपी पार्टी के पार्षद हैं।

गौरतलब है कि हनुमा विहारी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। उन्होंने 16 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने 33 के औसत से 839 रन बनाए हैं, जिसमें पाँच अर्धशतक और 1 शतक भी शामिल है। विहारी ने भारत के लिए पहला टेस्ट मैच 2018 में और आखिरी टेस्ट 2022 में खेला था। उनके करियर के 16 मैचों में से 10 में विराट कोहली कप्तान रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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