Wednesday, September 22, 2021
Homeविविध विषयअन्यICC का दोहरा रवैया: मैदान पर नमाज पढ़ना सही, धोनी के बैज से है...

ICC का दोहरा रवैया: मैदान पर नमाज पढ़ना सही, धोनी के बैज से है दिक्कत

तारेक फतेह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आईसीसी को पूरी पाकिस्तान टीम से कोई दिक्कत नहीं होती, जो खेल के मैदान ईसाइयों और यहूदियों की निंदा करते हुए नमाज पढ़ती है, लेकिन उन्हें धोनी के दस्तानों पर बने बलिदान के निशान से आपत्ति है।

आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 में महेंद्र सिंह धोनी के विकेटकीपिंग दस्ताने विवाद का मुद्दा बन गए है। दरअसल, धोनी के इन ग्लव्स पर भारतीय सेना के स्पेशल फ़ोर्स का ‘बलिदान’ बैज लगा है, जिसपर आईसीसी ने आपत्ति जताई है। आईसीसी ने धोनी को अपने दस्ताने से बैज हटाने को कहा है। हालाँकि इस मामले पर बीसीसीआई की बैठक मुंबई में हुई। बीसीसीआई का कहना है कि धोनी का बैज न राजनैतिक है, न ही कमर्शियल है और न ही धार्मिक, इसमें आपत्ति का कोई सवाल ही नहीं है।

बीसीसीआई ने इस बात का भी खुलासा किया कि धोनी के दस्तानों के लिए बीसीसीआई ने आईसीसी पहले ही इजाजत माँग ली थी। ऐसे में सवाल उठता है कि इजाजत देने के बाद आपत्ति क्यों जताई जा रही है। इस मामले पर वीडियो कॉल के जरिए कप्तान विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट के बीच चर्चा होगी।

आईसीसी की इस आपत्ति के बाद पाकिस्तान सरकार के मंत्री फवाद हुसैन ने धोनी के ख़िलाफ़ बयान दिया है। फवाद ने कहा है, “धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने के लिए गए हैं न कि महाभारत के लिए। भारतीय मीडिया में यह क्या बहस चल रही है… मीडिया का एक वर्ग युद्ध से इतना प्रभावित है कि उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान या रवांडा भेजा जाना चाहिए।”

जबकि आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस मुद्दे पर कहा है कि आइसीसी को अपने इस नियम पर दोबारा से पुनर्विचार करना चाहिए क्योंकि ये नियम व्यवसायिक प्रतिबद्धता के लिए लागू होता है। राजीव ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ़ देश की सेना के लिए अपनी भावनाओं को प्रकट कर रहे हैं, उन्होंने किसी तरह का कोई नियम नहीं तोड़ा है।

इसी तरह मशहूर लेखक तारेक फतेह ने भी महेंद्र सिंह धोनी के समर्थन में आवाज़ उठाई है। तारेक फतेह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आईसीसी को पूरी पाकिस्तान टीम से कोई दिक्कत नहीं होती, जो खेल के मैदान ईसाइयों और यहूदियों की निंदा करते हुए नमाज पढ़ती है, लेकिन उन्हें धोनी के दस्तानों पर बने बलिदान के निशान से आपत्ति है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर से माथे पर तिलक लगाकर स्कूल जाता था छात्र, टीचर निशात बेगम ने बाहरी लड़कों से पिटवाया: वीडियो में बच्चे ने बताई पूरी...

टीचर निशात बेगम का कहना है कि ये सब छात्रों के आपसी झगड़े में हुआ। पीड़ित छात्र को बाहरी लड़कों ने पीटा है। अब उसके परिजन कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

सोहा ने कब्र पर किया अब्बू को याद: भड़के कट्टरपंथियों ने इस्लाम से किया बाहर, कहा- ‘शादियाँ हिंदुओं से, बुतों की पूजा, फिर कैसे...

कुणाल खेमू से शादी करने वाली सोहा अली खान हाल में अपने अब्बू की कब्र पर अपनी माँ शर्मिला टैगोर और बेटी इनाया के साथ पहुँचीं। लेकिन कट्टरपंथी यह देख भड़क गए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,766FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe