Homeविविध विषयअन्य5 विकेट, 35 रन... U-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में पोते ने तोड़ी इंग्लैंड की...

5 विकेट, 35 रन… U-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में पोते ने तोड़ी इंग्लैंड की कमर, दादा ने 1948 में अंग्रेजों को हरा जीता था गोल्ड मेडल

राज बावा ने शिखर धवन का रिकॉर्ड भी तोड़ा। 8 छक्के और 14 चौके की मदद से 162 रन बना कर अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

भारत U-19 क्रिकेट का वर्ल्ड चैंपियन बन गया है। इंग्लैंड को फाइनल में हराकर भारतीय टीम ने 5वीं बार वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इंग्लैंड को 189 रन पर ऑल आउट करने के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने 6 विकेट खो कर 195 रन बनाए और छक्के के साथ जीत दर्ज की।

फाइनल में भारत की ओर से राज बावा ने 31 रन देकर 5 विकेट लिए। साथ ही बल्लेबाजी में भी उन्होंने 35 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। राज बावा के दादाजी त्रलोचन बावा ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट थे। 1948 में जिस भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक का गोल्ड मेडल जीता था, उस टीम में वो भी थे। 66वें मिनट में उन्होंने भारत की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ चौथा गोल भी दागा था।

राज बावा दाएँ हाथ से बॉलिंग करते हैं जबकि बैटिंग वो बाएँ हाथ से करते हैं। युवराज सिंह इनके रोल मॉडल हैं। बाएँ हाथ के इस बल्लेबाज ने बाएँ हाथ के ही शिखर धवन का रिकॉर्ड भी इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में तोड़ा। युगांडा के खिलाफ मैच में राज बावा ने 8 छक्के और 14 चौके की मदद से 162 रन बनाए। इस तरह अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

कप्तान की बात करें तो यश धुल ने मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद और पृथ्वी शॉ की बराबरी कर ली है। सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार 110 रन बना कर यश धुल ने अपनी बैटिंग और कप्तानी दोनों का जलवा दिखाया था।

U-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय लड़कों की जीत अपने आप में एक रिकॉर्ड है। कुल 14 बार हुए U-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में से 5 बार भारत के लड़कों ने यह ट्रॉफी उठाई है। ऑस्ट्रेलिया ने 3 बार, पाकिस्तान ने 2 बार जबकि इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, वेस्ट इंडीज और बांग्लादेश ने 1-1 बार जीत दर्ज की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -