Thursday, August 5, 2021
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J&K: बकरीद पर घाटी में पाबंदियों में ढील, घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम

बकरीद के अवसर पर राशन व किराना की दुकानों को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा बकरीद के अवसर पर राज्य में जानवरों की मंडियाँ लगाई जाएँगी क्योंकि इस त्यौहार के लिए लोग बड़ी संख्या में बकरों की खरीदारी करते हैं।

अनुच्छेद-370 के कई प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद अभी जम्मू कश्मीर में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है। वहाँ की जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार (जुलाई 7, 2019) को बैठक कर आला अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। ख़ुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अभी क्षेत्र के दौरे पर हैं और उन्होंने जनता एवं सुरक्षा बलों से सीधा संवाद स्थापित कर स्थिति का जायजा लिया। राज्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर के उन छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जो राज्य से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन किसी कारणवश बकरीद पर घर आने में अक्षम हैं।

जुमे की नमाज और बकरीद को लेकर राज्यपाल ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दूसरे राज्यों में पढाई कर रहे जम्मू कश्मीर के छात्रों को उनके परिवार से बात कराने के लिए टेलीफोन लाइन स्थापित किए जाएँ। राज्यपाल ने बकरीद पर घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने हेतु फंड भी जारी किया। इसके अलावा बकरीद के अवसर पर राज्य में जानवरों की मंडियाँ लगाई जाएँगी क्योंकि इस त्यौहार के लिए लोग बड़ी संख्या में बकरों की खरीदारी करते हैं।

बकरीद के अवसर पर राशन व किराना की दुकानों को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। घाटी में माहौल ख़राब करने की कोशिश करने की सम्भावना के कारण 100 से अधिक नेता व अलगाववादी पहले ही नजरबन्द किए जा चुके हैं। आम जनता ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने को लेकर वहाँ की जनता में ख़ुशी की लहर है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के उन प्रावधानों को निरस्त करने का निर्णय लिया है, जिनसे जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था। राज्य को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और क्षेत्र के विकास के लिए ये क़दम उठाए गए। इसके अलावा जम्मू कश्मीर को विधायिका सहित केंद्र शासित प्रदेश तो लद्दाख को विधायिका रहित केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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