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9 साल की उम्र से शुरू की वेटलिफ्टिंग, 19 साल की उम्र में इतिहास: जेरेमी लालरिनुंगा ने चोटिल होकर भी भारत को CWG में दिलाया गोल्ड, पिता PWD में मजदूर हैं

67 किग्रा वेटलिफ्टिंग में इंडिया के जेरेमी लालरिनुंगा ने 300 किलो वजन उठाकर इस इतिहास को रचा। उन्होंने स्नैच में 140 और क्लीन एंड जर्क में 160 KG वेट उठाया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के तीसरे दिन भारत के नाम एक और गोल्ड आ गया। 67 किग्रा वेटलिफ्टिंग में इंडिया के जेरेमी लालरिनुंगा ने 300 किलो वजन उठाकर इस इतिहास को रचा। उन्होंने स्नैच में 140 और क्लीन एंड जर्क में 160 KG वेट उठाया।

मिजोरम के ऐज़ौल निवासी जेरेमी की इस जीत से एक बार फिर से भारत में खुशी मनाई जा रही है। लोग उनकी उपलब्धियाँ और तस्वीरें शेयर करके उन्हें बधाई दे रहे हैं। लेकिन बता दें कि जेरेमी का यहाँ तक पहुँचने का सफर इतना आसान नहीं था। 19 साल के जेरेमी को इस पूरे इवेंट में कई बार चोट आई।

सबसे पहली दफा उन्हें कमर दर्द तब हुआ जब उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में 154 किग्रा वजन उठाया। इस वजन को उठाने के बाद वह दर्द से कराहते हुए तुरंत जमीन पर लेट गए। उनकी हालात ऐसी थी कि उन्हें सहारा देकर बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद 160 किग्रा वाले राउंड भी उनको दर्द होने लगा।

क्लीन एंड जर्क के तीसरे राउंड मे जेरेमी को जब 165 किग्रा वजन उठाना था, उस समय उनसे वजन लेकर सीधे नहीं खड़ा हुआ गया, जिससे उनके हाथ में जोर का झटका आया। इस तरह पूरे इवेंट में जेरेमी कई बार चोटिल हुए, मगर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और गोल्ड मेडल अपने नाम करके ही माने। उनके इसी जज्बे को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें बधाई दी और उनकी तारीफ की।

इस इवेंट में दूसरे नंबर पर समोआ के वैपावा नेवो रहे। उन्होंने 293 किग्रा भारत उठाकर सिल्वर पदक जीता जबकि नाइजीरिया के एडिडियोग जोसेफ उमोफिया 290 किलो वजन उठाकर तीसरे पायदान पर रहे।

बता दें कि जेरेमी लालरिनुंगा 2018 यूथ ओलंपिक के गोल्ड मेडेलिस्ट हैं। साथ ही उन्होंने 2021 कॉमनवेल्थ में भी चैंपियनशिप को जीता था। 26 अक्टूबर 2002 को जन्मे 19 साल के जेरेमी ने 2011 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। वह एक पीडब्लूडी मजदूर के बेटे हैं जो परिवार के 8 सदस्यों का ख्याल रखते हैं। जेरेमी के अलावा उनके 5 भाई-बहन हैं। इन सभी ने जेरेमी का हर कदम में सपोर्ट किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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