Homeविविध विषयअन्यभारतीय सेना ने PAK से कहा- सफेद झंडा लेकर आओ, 'जवानों' की डेड बॉडी...

भारतीय सेना ने PAK से कहा- सफेद झंडा लेकर आओ, ‘जवानों’ की डेड बॉडी पड़ी हैं उठाकर ले जाओ

भारत पर अंतरराष्ट्रीय संधियों और कश्मीरियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का अनर्गल और मिथ्या आरोप लगाने वाले पाकिस्तान और उसकी आतंकी सेना के सामने भारत ने एक बार फिर अपनी मानवीय छवि पेश की है।

नैतिकता का दामन छोड़ चुके पाकिस्तान के सामने भारत ने फिर एक नजीर पेश की है। भारत पर अंतरराष्ट्रीय संधियों और कश्मीरियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का अनर्गल और मिथ्या आरोप लगाने वाले पाकिस्तान और उसकी आतंकी सेना के सामने भारत ने एक बार फिर अपनी मानवीय छवि पेश की है।

बता दें कि केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के हमले को नाकाम करते हुए सेना ने 5-7 घुसपैठिए मार गिराए। 5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव अब भी एलओसी पर पड़े हैं। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है। भारतीय सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना सफेद झंडे के साथ आकर इन शवों को ले जा सकती है।

भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तानी सेना को अपने जवानों और आतंकियों की डेड बॉडीज को ले जाने को कहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान से कहा है कि वह संधि और संघर्ष विराम का प्रतीक सफेद झंडा ले कर आए और जवाबी कार्रवाई में मारे गए बैट के 5-7 जवानों के शव ले जाए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम में पाकिस्तानी सेना के जवानों के अलावा आतंकी भी शामिल रहते हैं, जो भारतीय जवानों पर घात लगाकर हमला करते हैं।

BAT का पूरा नाम भले बॉर्डर एक्शन टीम है पर चाल-चलन में यह सैन्य से ज्यादा आतंकी दस्ता है। सीमा पर कार्रवाई के मकसद से गठित इस दस्ते में पाकिस्तानी कमांडोज के अलावा आतंकियों को भी शामिल किया जाता है। यह दस्ता अपने ऑपरेशन के दौरान क्रूरता की सारे हदे लॉंघ जाता है। 2013 में भारतीय सैनिक हेमराज का सिर कलम कर दिया गया था। यह करतूत BAT का ही था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -