Tuesday, October 19, 2021
Homeविविध विषयअन्यKoo में चीनी कंपनी के 10% से भी कम शेयर, वो भी बेच के...

Koo में चीनी कंपनी के 10% से भी कम शेयर, वो भी बेच के बाहर होगी कंपनी: CEO ने दूर किया संशय

ऐसे प्रश्नों के जवाब देते हुए koo के सह संस्थापक अप्रमेय ने अपने ट्विटर पर बताया कि एक चीनी कंपनी के पास उनका थोड़ा स्टेक है लेकिन वह प्रतिशत जल्द ही दूसरी कंपनियाँ खरीदने वाली हैं।

ट्विटर का देसी विकल्प तलाशने वाले जितनी जल्दी में koo ऐप की ओर शिफ्ट हो रहे हैं उसे देख ये भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म अपने नए यूजर्स को हर सुविधा देने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान इस ऐप पर कुछ लोगों ने सवाल खड़ा कर ये बताया है कि इसका कनेक्शन चीनी इन्वेस्टर से है।

हालाँकि, ऐसे प्रश्नों के जवाब देते हुए koo के सह संस्थापक अप्रमेय ने अपने ट्विटर पर बताया कि एक चीनी कंपनी के पास उनका थोड़ा स्टेक है लेकिन वह प्रतिशत जल्द ही दूसरी कंपनियाँ खरीदने वाली हैं।

बुधवार को उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि KOO एक भारत में रजिस्टर्ड कंपनी है और इसके सभी संस्थापक भारतीय हैं। उन्होंने लिखा, “2.5 साल पहले पूँजी जुटाई थी। बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीस के लिए नए फंड्स भारतीय निवेशक 3one4 कैपिटल से मिले हैं। शुनवेई, जिसने हमारे वोकल में निवेश किया था, अब पूरी तरह से इससे बाहर जा रही है।”

अप्रमेय ने यह भी बताया कि कैसे लोग धड़ाधड़ उनकी एप्लीकेशन पर शिफ्ट हो रहे हैं कि उन्हें पहले से बहुत अधिक लोड झेलना पड़ रहा है। वह आभार व्यक्त करते हुए लिखते हैं, “हमें उम्मीद से अधिक प्यार मिला। हमारे सिस्टम ने इससे पहले कभी इतना लोड नहीं महसूस किया। अपना विश्वास दिखाने के लिए आभार। हम इस पर काम कर रहे हैं। हम इस दौरान आपका संयम और समय दोनों की कामना करते हैं। आइए इसे साथ में करते हैं।”

गौरतलब है कि ऐसे समय में जब देश में चीन के खिलाफ़ नाराजगी और गुस्से का माहौल हो, उस दौरान घरेलू ऐप में चीनी निवेश उस ब्रांड की छवि को खराब करने का काम कर सकता है। इसलिए KOO ऐप इसका पूरा ध्यान रख रही है। हाल में 30 करोड़ का फंड इकट्ठा किया गया है। इसके निवेशकों में पूर्व इंफोसिस सीएफओ मोहनदास पई द्वारा समर्थित 3one4capital भी शामिल है। इसके दूसरे निवेशक में कलारी कैपिटल और ब्लूम वेंचर्स का नाम भी शामिल है। बता दें कि मार्च 2020 में अप्रमेय और मयंक बिदावतका द्वारा स्थापित किया गया था, जिसे आज आत्मनिर्भर भारत की चुनौती का एक तरह का विजेता माना जा रहा है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बांग्लादेश का नया नाम जिहादिस्तान, हिन्दुओं के दो गाँव जल गए… बाँसुरी बजा रहीं शेख हसीना’: तस्लीमा नसरीन ने साधा निशाना

तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कट्टरपंथी इस्लामियों द्वारा किए जा रहे हमले पर प्रधानमंत्री शेख हसीना पर निशाना साधा है।

पीरगंज में 66 हिन्दुओं के घरों को क्षतिग्रस्त किया और 20 को आग के हवाले, खेत-खलिहान भी ख़ाक: बांग्लादेश के मंत्री ने झाड़ा पल्ला

एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अफवाह फैल गई कि गाँव के एक युवा हिंदू व्यक्ति ने इस्लाम मजहब का अपमान किया है, जिसके बाद वहाँ एकतरफा दंगे शुरू हो गए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,820FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe