Thursday, September 23, 2021
Homeविविध विषयअन्य₹33 का रिफंड, 2 साल की लंबी कानूनी लड़ाई: IRCTC ने आखिरकार मानी हार,...

₹33 का रिफंड, 2 साल की लंबी कानूनी लड़ाई: IRCTC ने आखिरकार मानी हार, लौटाए पैसे

दरअसल, सुजीत ने साल 2017 में कोटा से दिल्ली जाने के लिए 765 रुपए की टिकट बुक कराई थी लेकिन किसी कारणवश उन्हें अपनी टिकट कैंसिल करनी पड़ी। कैंसिलेशन चार्ज कटने के बाद उन्हें.....

भारतीय रेलवे के नियमानुसार जब हम अपनी बुक हुई टिकट को कैंसिल कराते हैं तो हमें रिफंड मिलता है। इस रिफंड में रेलवे हमसे टिकट कैंसिल करने का चार्ज काट लेता है और बाकी पैसे हमें लौटा दिए जाते हैं। लेकिन, दो साल पहले कोटा के सुजीत स्वामी नामक इंजीनियर के साथ ऐसा नहीं हुआ। इसके कारण सुजीत को अपने रुपयों के लिए दो साल की लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी।

दरअसल, सुजीत ने साल 2017 में कोटा से दिल्ली जाने के लिए 765 रुपए की टिकट बुक कराई थी लेकिन किसी कारणवश उन्हें अपनी टिकट कैंसिल करनी पड़ी। कैंसिलेशन चार्ज कटने के बाद उन्हें 700 रुपए मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ़ 665 रुपए वापस रिफंड किए गए। 35 रुपए को सर्विस टैक्स बताकर काटा गया।

सुजीत ने अपना पैसा वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने अपनी शिकायत को लोक अदालत में दर्ज कराया लेकिन लोकअदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर मामले को ख़ारिज कर दिया।

सुजीत ने अपने हक के लिए RTI के जरिए जानकारी हासिल करने की ठानी। इसके लिए उन्हें दिसंबर 2018 से अप्रैल 2019 तक में कई बार एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर भी लगाने पड़े। आखिरकार लंबी लड़ाई के बाद बैंक ने 4 मई को उनके बैंक अकॉउंट में 33 रुपए भेजे। मीडिया खबरों के मुताबिक सुजीत कहते हैं कि इस लंबी लड़ाई के कारण उन्हें काफ़ी परेशानी झेलनी पड़ी, और आईआरसीटीसी ने उन्हें क्षतिपूर्ति देने की बजाए 2 रुपए रिफंड में से काट लिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘नागवार हुकूमत… मदीना को बना देगी आवारगी का अड्डा’: सऊदी अरब को ‘मदीना में सिनेमा’ पर भारत-पाक के मुसलमान भेज रहे लानत

कुछ लोग सऊदी हुकूमत के इस फैसले में इजरायल को घुसा रहे हैं। उनका कहना है कि मदीना पूरे उम्माह का है न कि इजरायल के नौकरों को।

अंग्रेजों से रेवाड़ी को दिलाई मुक्ति, स्वतंत्रता के लिए दुनिया की खाक छानी: काबुल में राव तुला राम ने ली थी आखिरी साँस

सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नायकों में एक राव तुला राम की आज (23 सितंबर) पुण्यतिथि है। राव तुला राम का जन्म 9 दिसंबर 1825 के दिन रेवाड़ी में हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,920FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe