Homeविविध विषयअन्यक्रुणाल पांड्या ने बनाया सचिन-कोहली से भी तेज रिकॉर्ड: डेब्यू मैच में सबसे तेज...

क्रुणाल पांड्या ने बनाया सचिन-कोहली से भी तेज रिकॉर्ड: डेब्यू मैच में सबसे तेज फिफ्टी, भावुक हुए हार्दिक पांड्या

क्रुणाल पांड्या ने नंबर 7 पर खेलते हुए तेजतर्रार अर्धशतक जड़ा। जिसके चलते वो ODI क्रिकेट के डेब्यू मैच में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने वाले दुनिया के एकलौते बल्लेबाज बन गए हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट और टी20 सीरीज के बाद अब वनडे सीरीज का पहला मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है। जिसमें अपने डेब्यू वनडे मैच में खेल रहे क्रुणाल पांड्या ने तूफानी पारी से इतिहास रच डाला है।

क्रुणाल पांड्या ने भारत के लिए नंबर 7 पर खेलते हुए तेजतर्रार अर्धशतक जड़ा। जिसके चलते वो ODI क्रिकेट के डेब्यू मैच में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने वाले दुनिया के एकलौते बल्लेबाज बन गए हैं।

दरअसल मैच के दौरान 41वें ओवर में जब क्रुणाल के छोटे भाई हार्दिक पांड्या 1 रन बनाकर आउट हो गए, उसके बाद पहली बार वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्ला लेकर मैदान में क्रुणाल पांड्या उतरे और शुरू से ही दमदार शॉट्स लगाते चले गए।

रिजल्ट ये रहा कि महज 26 गेंदों में 7 चौकों और 2 छक्के की मदद से उन्होंने अपनी फिफ्टी पूरी कर डाली। इस तरह उनके द्वारा खेली गई ये तेजतर्रार पारी किसी खिलाड़ी द्वारा वनडे क्रिकेट के डेब्यू मैच में अभी तक की सबसे तेज फिफ्टी बन गई। जबकि ऐसा करने वाले वो दुनिया के एकलौते बल्लेबाज बन गए हैं।

क्रुणाल को उनके छोटे भाई हार्दिक पंड्या ने डेब्यू कैप थमाई। 29 साल के क्रुणाल इससे पहले टी20 इंटरनैशनल मैच खेल चुके हैं। क्रुणाल ने 18 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 121 रन बनाने के साथ साथ कुल 14 विकेट चटकाए हैं। क्रुणाल डेब्यू कैप हासिल कर भावुक हो गए। कैप हासिल कर क्रुणाल ने आसमान की ओर देखते हुए पिता को याद किया। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वसीम जाफर ने फोटो ट्वीट कर लिखा, ‘मेरी आँखों में कुछ है’।

वहीं भारत के लिए वनडे क्रिकेट में डेब्यू करते हुए फिफ्टी जड़ने वाले क्रुणाल पांड्या 7वें बल्लेबाज बन गए हैं। इस रिकॉर्ड में रॉबिन उथप्पा, रविन्द्र जडेजा और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज शामिल हैं। वहीं वनडे क्रिकेट में डेब्यू मैच में नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए फिफ्टी जड़ने वाले क्रुणाल पांड्या तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इस लिस्ट में सबा करीम और रविन्द्र जडेजा शामिल हैं। 

मैच की बात करें तो शुरू में शिखर धवन के 98 और कप्तान कोहली के 56 रनों की पारी के बाद अंत में क्रुणाल पांड्या 58 रन और केएल राहुल के 62 रनों की नाबाद पारी के बदौलत भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 318 रनों का विशाल लक्ष्य दिया है।

जनवरी में हुआ था पांड्या ब्रदर्स के पिता का निधन

गौरतलब है कि इस साल जनवरी में ही क्रुणाल और हार्दिक पांड्या के पिता का निधन हार्ट अटैक से हो गया था। उस समय क्रुणाल पांड्या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बड़ौदा टीम के साथ थे और वह कप्तान थे। पिता के बारे में खबर मिलते ही वह टूर्नामेंट छोड़कर घर के लिए रवाना हो गए थे। पांड्या ब्रदर्स को उनके पिता ने क्रिकेट खेलने में काफी मदद और सपोर्ट किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -